बच्चों की वैक्सीन का इंतज़ार खत्म, सरकार कर रही बच्चों की लिस्ट तैयार
बच्चों की वैक्सीन का इंतज़ार खत्म, सरकार कर रही बच्चों की लिस्ट तैयारSocial Media

बच्चों की वैक्सीन का इंतज़ार खत्म, सरकार कर रही बच्चों की लिस्ट तैयार

देश में सिर्फ 18 साल से ऊपर की आयु वर्ग के लोगों का वैक्सीनेशन ही किया जा रहा था, लेकिन अब जल्द ही बच्चों का वैक्सीन का इंतज़ार खत्म हो जाएगा। क्योंकि, सरकार अब बच्चों की एक अलग लिस्ट तैयार कर रही है।

राज एक्सप्रेस। पिछला साल 2020 कोरोना के चलते भारत के लिए काफी बुरा साबित हुआ, लेकिन नए साल की शुरुआत से ही भारतवासियों को बड़ी खुशखबरी मिल गई थी। क्योंकि, भारत में कोरोना की दो वैक्सीन को आपातकाल इस्तेमाल की मंजूरी मिल गई थी और तब से अब तक देश में वैक्सीनेशन जारी ही है, लेकिन अब तक देश में सिर्फ 18 साल से ऊपर की आयु वर्ग के लोगों का वैक्सीनेशन ही किया जा रहा था, लेकिन अब जल्द ही बच्चों का वैक्सीन का इंतज़ार खत्म हो जाएगा। क्योंकि, सरकार अब बच्चों की एक अलग लिस्ट तैयार कर रही है।

बच्चों को लिस्ट हो रही तैयार :

दरअसल, भारतवासियों के लिए देश में एक नहीं बल्कि दो-दो कोरोना वैक्सीन मौजूद हैं। साथ ही अब तो विदेशों की वैक्सीन भारत में आना शुरू हो चुकी हैं, लेकिन यह सभी वैक्सीन 18 साल की आयु वर्ग से ऊपर के लोगों के लिए है और देश में वर्तमान समय में कोरोना की जंग लड़ने के लिए वैक्सीन ही एक मात्र हथियार है। इसी बीच अब एक बड़ी खबर सामने आई है कि, जल्द ही बच्चों का वैक्सीन के लिए जारी इंतज़ार जल्द खत्म हो जाएगा। इसी बीच सरकार एक ऐसी लिस्ट तैयार कर रही है। जिसमे पहले से बीमार बच्चों को शामिल किया जा रहा है। इस लिस्ट को पूरा तैयार होने में फिलहाल दो सप्ताह का समय लगने की खबर सामने आई है। यह लिस्ट पूरी होते ही देश में इस लिस्ट के मुताबिक ही बच्चों को वैक्सीन लगाई जाएगी।

अध्यक्ष ने दी जानकारी :

खबरों की मानें तो, बच्चों को वैक्सीन लगाने की शुरुआत अगले महीने यानी अक्टूबर के महीने से की जाएगी। इस बारे में जानकारी देते हुए राष्ट्रीय टीकाकरण तकनीकी सलाहकार समिति के अध्यक्ष डॉ. एनके अरोड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि,

'वयस्कों की तरह बच्चों में परेशानी एकदम अलग होती है। बच्चों में हार्ट अटैक से मौत नहीं होती और उन्हें लिवर की परेशानी भी नहीं होती है। उनमें जीवनशैली से जुड़ीं बीमारियां नहीं होती हैं। हालांकि बच्चों में जन्मजात और असाध्य रोग मिलते हैं। इन्हीं को ध्यान में रखते हुए नई सूची बनाई जा रही है। वैज्ञानिकों साक्ष्यों के आधार पर यह कार्य किया जा रहा है और अब तक काफी चीजें चर्चा में आ चुकी हैं। दो सप्ताह बाद यह सूची सार्वजनिक की जाएगी, लेकिन उससे पहले राज्य सरकारों को भी इसे भेजा जाएगा जिसके बाद हर जिले में इन बच्चों की पहचान करने के साथ ही इन्हें वैक्सीन दिया जाएगा।

डॉ. एनके अरोड़ा, राष्ट्रीय टीकाकरण तकनीकी सलाहकार समिति के अध्यक्ष

स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी वैक्सीन की जानकारी :

स्वास्थ्य मंत्रालय ने वैक्सीन की जानकारी देते हुए बताया है कि, 'जायडस कैडिला कंपनी ने चार करोड़ वैक्सीन की पहली खेप अगले 15 दिन के अंदर तैयार करने का आश्वासन दिया है। इस वैक्सीन को हाल ही में आपात इस्तेमाल की अनुमति मिली थी। जो कि, तीन खुराक वाली वैक्सीन है।'

वरिष्ठ अधिकारी ने बताया :

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि, 'जायडस कैडिला की डीएनए वैक्सीन को बच्चों के लिए ही रखने का विचार किया है। चूंकि वयस्कों का टीकाकरण सही गति से कोविशील्ड और कोवाक्सिन के जरिए आगे बढ़ रहा है। ऐसे में डीएनए वैक्सीन सबसे पहले बच्चों के लिए ही उपलब्ध कराई जाएगी। पहले से बीमार बच्चों के लिए सरकार ने एक समिति गठित की थी जिसकी अब तक पांच बार से अधिक बैठक हो चुकी हैं।'

गौरतलब है कि, यह नई कोवाक्सिन नाम की वैक्सीन नाक से दी जाएगी और वर्तमान में इसके पहले और दूसरे चरण का परीक्षण जारी है।

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