किसान आंदोलन: SC में दर्ज अर्जी पर सुनवाई जारी, किसान संघ ने कही ये बात
SC में दर्ज अर्जी पर सुनवाई जारीSyed Dabeer Hussain - RE

किसान आंदोलन: SC में दर्ज अर्जी पर सुनवाई जारी, किसान संघ ने कही ये बात

किसान आंदोलन को लेकर सु्प्रीम कोर्ट में किसानों को सड़कों से हटाने की अर्जी पर आज भी सुनवाई जारी, इस मसले पर तस्वीर होगी जल्द ही साफ।

नई दिल्ली, भारत। देशभर में वैश्विक महामारी कोरोना ने जहां जनजीवन समेत अर्थव्यवस्था को अस्त- व्यस्त कर दिया वही अब एक के बाद के कई मुद्दे सामने आते जा रहे है जहां राजधानी की ठिठुराती ठंड में नए कृषि कानून के खिलाफ किसानों का आंदोलन बीते 21 दिन से लगातार बढ़ता जा रहा है वहीं और ज्यादा उग्र होते जा रहा है इस बीच ही सुप्रीम कोर्ट में किसानों को सड़कों से हटाने की दर्ज याचिका पर सुनवाई होगी तो वहीं दिल्ली हाईकोर्ट ने सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। जहां कहा गया कि, जब मामला सुप्रीम कोर्ट में है, तो यहां अभी सुनवाई की जरूरत नहीं है।

किसान बोले- कोर्ट ने नहीं मिला कोई नोटिस

इस संबंध में, मसले को लेकर दर्ज याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई को लेकर भारतीय किसान यूनियन (दोआबा) के एमएस राय का कहना है कि उन्हें सुप्रीम कोर्ट से कोई नोटिस नहीं मिला है, जब मिलेगा तो सभी संगठन आपस में बैठकर चर्चा करेंगे। वही सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की सीमाओं से प्रदर्शनकारियों को हटाने की मांग वाली याचिकाओं में 8 किसान यूनियनों को जवाब देने की अनुमति दी है। बताते चलें कि, बीते दिन हुई सुनवाई के तहत सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि किसानों का मामला जल्द राष्ट्रीय मुद्दा बनने वाला है। इसे सुलझाने के लिए एक्सपर्ट कमेटी बनानी चाहिए, जिसमें किसान संगठनों और सरकार के साथ एग्रीकल्चर एक्सपर्ट भी शामिल हों। कोर्ट ने इस पर टिप्पणी देते हुए कहा कि, ऐसा लग रहा है कि केंद्र और किसानों की अब तक जो बातचीत हुई है, उससे कोई हल निकलता नहीं निकलने वाला।

UP की खापें आज देगी किसान आंदोलन में समर्थन

आपको बताते चलें कि, किसान आंदोलन के मुद्दे पर उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में कई खापों ने किसान आंदोलन को समर्थन दिया है। ये खापें आज दिल्ली की सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगी। वहीं बता दे कि, किसान आंदोलन के बीच सिंघु बॉर्डर पर आत्महत्या करने वाले बाबा राम सिंह का 18 दिसंबर को अंतिम संस्कार किया जाएगा। जिसे लेकर संतों का फैसला है कि उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन में शामिल एक किसान ने कहा कि कड़ाके की ठंड के बावजूद हम यहां डटे हैं। मांगे पूरी होने तक यहां से नहीं हटेंगे, भले ही बारिश आ जाए। दूसरे किसान ने कहा कि अलाव और कंबलों के सहारे सर्दी से बचाव कर रहे हैं। यहां सभी सुविधाएं बेहतर हैं, बस वॉशरूम गंदे हैं।

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