कोरोना से निपटने HCQ का उपयोग करेंगे लोग-भारत सरकार का फैसला
कोरोना से निपटने HCQ का उपयोग करेंगे लोग-भारत सरकार का फैसला|Priyanka Sahu -RE
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कोरोना से निपटने HCQ का उपयोग करेंगे लोग-भारत सरकार का फैसला

घातक कोरोना के खतरे से बचाव के लिए भारत में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (HCQ) के इस्तेमाल बढ़ाया गया है, इसके इस्तेमाल के लिए ICMR ने भी नई संशोधित गाइडलाइन जारी की है, जिसका यूज अब ये लोग कर सकेंगे...

Priyanka Sahu

Priyanka Sahu

राज एक्‍सप्रेस। पूरी विश्‍व में जानलेवा महामारी 'कोरोना वायरस' (कोविड-19) ने दस्तक दे रखी है, इस महामारी का संकट लगभग सभी देश झेल रहे हैं और इस जंग से निपटने के लिए व अपने देश की जनता को बचाने के लिए कोरोना वैक्‍सीन बनाने के अलावा कोई ना कोई उपाय की विश्व खाेज के लिए प्रयास में जुटा है, फिलहाल अभी तक घातक कोविड-19 की अभी तक कोई वैक्‍सीन बनकर तैयार नहीं हुई, लेकिन काेरोना संक्रमण की संभावना कम करने हेतु एक इकलौती दवा 'हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन' (HCQ) ही कारगर साबित हो रही है, जिसके चलते अब भारत सरकार ने इस दवाई का उपयोग बढ़ाने का फैसला किया है।

भारत में बढ़ेगा HCQ का इस्तेमाल :

जी हां! भारत सरकार द्वारा ये फैसला लिया गया है कि, घातक कोरोना वायरस के खतरे से बचाव के लिए हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन (HCQ) के इस्तेमाल बढ़ाया जाये। इसके लिए भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने भी मलेरिया के इलाज में इस्तेमाल की जाने वाली दवा 'क्लोरोक्वीन और हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन' (HCQ) के इस्तेमाल के लिए नई संशोधित गाइडलाइन भी जारी की है, जिसके तहत इस दवाई को सभी असिम्प्टोमटिक हेल्थ वर्कर पर इस्तेमाल किए जाने की सलाह दी है। अब असिम्प्टोमटिक फ्रंटलाइन वर्कर्स जैसे ये लोग दवाई ले सकते हैं-

  • कंटेनमेंट जोन में काम कर रहे सर्विलांस वर्कर्स को यह दवाई लेने को कहा जाएगा।

  • पैरामिलिट्री फोर्स को यह दवाई लेने को कहा जाएगा।

  • पुलिसकर्मियों को यह दवाई लेने को कहा जाएगा।

  • कोरोना प्रभावित व गैर कोरोना प्रभावित इलाकों में काम करने वाले सभी स्वास्थ्यकर्मियों को दवा लेने की सलाह दी गई।

आईसीएमआर द्वारा जारी एडवाइजरी में यह आगाह भी किया गया है कि, दवा के सेवन से झूठी सुरक्षा की भावना पैदा नहीं होनी चाहिए।

समीक्षा बैठक के बाद दवा के उपयोग की एडवाइजरी जारी :

बताया जा रहा है कि, स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय की अध्यक्षता में संयुक्त निगरानी समूह और एम्स, आइसीएमआर, नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल, नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी, डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के अस्पतालों से जुड़े विशेषज्ञों की कोरोना प्रभावित और गैर-कोरोना प्रभावित इलाकों में काम करने वाले सभी स्वास्थ्यकर्मियों को इस दवा का उपयोग करने को लेकर समीक्षा बैठक में सिफारिश के बाद यह एडवाइजरी जारी की गई।

कोरोना से लड़ने काफी फायदेमंद है ये दवाई:

जानकारी के लिए बता दें, इससे पहले भी एक रिसर्च में बताया गया था कि, 'हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन' दवाई कोरोना वायरस से लड़ने के लिए काफी फायदेमंद है और यह दवाई दुनिया में सबसे ज्यादा मात्रा में भारत में ही बनती है। इस दवाई का सबसे बड़े स्तर पर भारतीय कंपनियां ही उत्पादन करती हैं। वैसे इस दवाई का इस्तेमाल ज्यादातर मलेरिया जैसी खतरनाक बीमारी से लड़ने के लिए किया जाता है।

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