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भारत में मिल रहा है दुनिया का सबसे सस्ता इंटरनेट डेटा
भारत में मिल रहा है दुनिया का सबसे सस्ता इंटरनेट डेटा|Pixabay
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दुनिया का सबसे सस्ता इंटरनेट भारत में, क्या आप जानते हैं?

वोडाफोन आईडिया, एयरटेल के बाद जियो ने भी अपनी इंटरनेट दरों में बढ़ोत्तरी करने की घोषणा की है। जानते हैं विश्व में कहां, कितनी दर पर मिलते हैं इंटरनेट प्लॉन्स?

प्रज्ञा

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राज एक्सप्रेस। वोडाफोन आईडिया और एयरटेल के बाद रिलायंस जियो भी अपने प्लॉन्स को महंगा करने जा रहा है। मंगलवार, 19 नवंबर को वोडाफोन आईडिया और एयरटेल ने ये घोषणा की कि, दिसंबर 2019 से वे अपने टैरिफ दरें बढ़ाने जा रहे हैं। पिछले तीन सालों में पहली बार दूरसंचार कम्पनियां अपनी दरों में बढ़ोत्तरी करने जा रही हैं।

रिलायंस जियो के फ्री ऑफर आने से दूरसंचार कम्पनियों में दर कम करने की होड़ लग गई थी। इससे इनको होने वाले फायदे में भारी नुकसान हुआ, जिसकी भरपाई और आगे आने वाले खर्चों के चलते ये दरों को बढ़ाने जा रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ये कहा जा रहा है कि ये बढ़ोत्तरी लगभग 30 से 40 प्रतिशत की हो सकती है। कुछ दिनों पहले जियो ने दूसरे नेटवर्क्स पर फोन करने के लिए 6 पैसा प्रति मिनिट लेना शुरू किया था। जिसके बाद से कई कम्पनियों ने इसका मज़ाक भी बनाया पर अब इस सेक्टर की तीनों बड़ी कम्पनियां अपनी दरों में बढ़ोत्तरी कर रही हैं।

टेलीकॉम दरें बढ़ने के बीच जानते हैं कि पूरी दुनिया में इनके क्या हालात हैं?

भारत में खाना खाने के लिए औसतन आपको 150 रूपए खर्च करने होंगे लेकिन 1 जीबी इंटरनेट डेटा आप केवल 18 से 19 रूपए में पा सकते हैं। आप को जानकार हैरानी हो लेकिन दुनिया के सबसे सस्ते इंटरनेट प्लॉन्स भारत के हैं।

भारत में औसतन 18 से 19 रूपए में आपको एक जीबी तक इंटरनेट मिलता है। जबकि, ज़िम्बाब्वे में इस ही डाटा के लिए आपको 5391 रूपए तक खर्च करने पड़ेंगे। जो कि भारत से 289 गुना ज़्यादा है। ये विश्व के सबसे अधिक डेटा रेट्स हैं।

अगर अमेरिकी डॉलर में देखा जाए तो एक जीबी इंटरनेट के लिए भारत में 0.26 डॉलर खर्च करने होंगे, वहीं इस ही डेटा के लिए अमेरिका में 12.37 डॉलर खर्च करने होंगे।

अमेरिका और ब्रिटेन जैसे विकसित देशों में भी इंटरनेट रेट्स काफी अधिक हैं। जहां अमेरिका में एक जीबी डेटा के लिए आपको 887 रूपए तक खर्च करने पड़ते हैं तो वहीं ब्रिटेन में इस ही डेटा के लिए आपको 477 रूपए खर्च करने होंगे।

एशिया के 20 देशों की गिनती सबसे सस्ते डेटा प्लॉन्स में है। श्रीलंका, मोंगोलिया, म्यांमार और भारत पहले 10 स्थानों में से हैं। यह जानकारी 230 देशों में 6,313 मोबाइल नेटवर्क प्लॉन्स पर किए गए सर्वेक्षण के आधार पर तैयार की गई है, जिसे cable.co.uk ने कराया था।

अगर पूरे विश्व की बात की जाए तो 93 प्रतिशत लोगों तक 3जी या उससे अधिक ब्रॉडबैंड इंटरनेट की पहुंच है। वहीं अगर मोबइल सेवा की बात की जाए तो 97 प्रतिशत लोगों के पास मोबाइल फोन की सेवा उपलब्ध है। इंटरनेशनल टेलीकॉम यूनियन, (अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ) के अनुसार, दुनिया में 58 प्रतिशत पुरुष और 48 प्रतिशत महिलाएं इंटरनेट का इस्तेमाल करती हैं।

वहीं भारत में साल 2014 तक 581 मिलियन यानि 58.1 करोड़ लोगों तक मोबाइल फोन की पहुंच थी। साल 2015 में ईमार्केटर द्वारा कराए गए सर्वे में ये अनुमान लगाया गया था कि 2019 में भारत में 800 मिलियन यानि 80 करोड़ लोगों के पास मोबाइल फोन होगा।

इंटरनेट के इस्तेमाल में भारत तेज़ी से बढ़ोत्तरी कर रहा है। इकॉनमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पेपल द्वारा कराए गए सर्वे में ये पाया गया कि, भारत में 88 प्रतिशत लोग डिजिटल पैमेंट का इस्तेमाल कर रहे हैं।

ग्यारह देशों के 22,000 लोगों और 4,000 व्यापारों के मध्य कराया गए इस सर्वे में यह सामने आया है कि, भारत में 70 प्रतिशत लोग डिजिटल पैमेंट को तरजीह देते हैं, जो कि विश्व के औसत 43 प्रतिशत से काफी अधिक है।

वहीं व्यवसायों में 81 प्रतिशत व्यापारी डिजिटल पैमेंट को अपना रहे हैं। जबकि विश्व में यह केवल 63 प्रतिशत है। भारत में सोशल कॉमर्स को भी बढ़ावा मिल रहा है। इसका अर्थ है सोशल मीडिया वेबसाइट्स के ज़रिए व्यापार करने और उसका इस्तेमाल करने को। लगभग 57 प्रतिशत लोगों ने पिछले 6 महीनों में सोशल कॉमर्स के ज़रिए खरीददारी की है।

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