भारत की सबसे खतरनाक ब्रह्मोस मिसाइल के लैंड अटैक वर्जन की सफल टेस्टिंग
भारत की सबसे खतरनाक ब्रह्मोस मिसाइल के लैंड अटैक वर्जन की सफल टेस्टिंगSocial Media

भारत की सबसे खतरनाक ब्रह्मोस मिसाइल के लैंड अटैक वर्जन की सफल टेस्टिंग

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के एक द्वीप से भारत ने अपनी सबसे खतरनाक ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल के लैंड अटैक वर्जन का सफल परीक्षण कर एक और कामयाबी हासिल की है।

दिल्‍ली, भारत। भारत में 'मेक इन इंडिया' की पहल तथा प्रौद्योगिकी में 'आत्मनिर्भर भारत' की ओर कदम बढ़ रहे हैं। भारत एक के बाद एक कई मिसाइलों का सफल परीक्षण कर देश के मिसाइल जखीरे एवं नौसेना की ताकत में बड़ा इजाफा कर रहा है। अब आज 24 नवंबर को भारत ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल के लैंड अटैक वर्जन का सफल परीक्षण किया।

ब्रह्मोस का लाइव मिसाइल टेस्‍ट :

चीन के साथ सीमा पर जारी तनाव के बीच भारत अपनी शक्तियों को मजबूत करने में लगा हुआ है। मंगलवार सुबह 10 बजे भारतीय सेना द्वारा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के एक द्वीप से डीआरडीओ द्वारा विकसित सबसे खतरनाक 290KM रेंज वााली ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल के लैंड अटैक वर्जन का 'लाइव मिसाइल टेस्‍ट' किया, जो बेहद कामयाब रहा। ब्रह्मोस मिसाइल ने दागे जाने के बाद दूसरे द्वीप पर स्थित अपने निशाने को दक्षता से सफलतापूर्वक तबाह कर दिया।

ब्रह्मोस मिसाइल से जुड़ी खास जानकारी :

बता दें, ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल 21वीं सदी की सबसे खतरनाक मिसाइलों में से एक है और ब्रह्मोस मैच 3.5 यानी 4,300 किलोमीटर प्रतिघंटा की अधिकतम रफ्तार से उड़ सकती है। ये मिसाइल 290 किलोमीटर रेंज वाली एक नॉन-न्‍यूक्लियर मिसाइल है, यह 2.8 की रफ्तार से उड़ती है यानी आवाज की रफ्तार का लगभग तीन गुना और ब्रह्मोस मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत तो ये है कि, इसे कहीं से भी लॉन्‍च किया जा सकता है, जमीन से हवा में मार करनी वाले सुपरसोनिक मिसाइल 400 किलोमीटर दूर तक टारगेट हिट कर सकती है।

तीनों सशस्त्र बलों के लिए एक शक्तिशाली हथियार :

ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल तीनों सशस्त्र बलों के लिए एक शक्तिशाली हथियार बन गई है एवं यह मिसाइल रूस और भारत के रक्षा संस्‍थानों के साथ आने से बनी है। ब्रह्मोस में से 'ब्रह' का मतलब 'ब्रह्मपुत्र' और 'मोस' का मतलब 'मोस्‍कवा' है। वहीं, सेना के एक वरिष्‍ठ अधिकारी के मुताबिक- ब्रह्मोस मिसाइल को प्रिसिजन टारगेटिंग के लिए यूज किया जा सकता है। पिछले कुछ सालों में यह सेना के सबसे पसंदीदा हथियार के रूप में उभरी है, सुखोई और ब्रह्मोस का कॉम्‍बो अंडरग्राउंड बंकर्स, कमांड ऐंड कंट्रोल सेंटर्स के अलावा कई मिलिट्री टारगेट्स पर सर्जिकल स्‍ट्राइक करने में इस्‍तेमाल किया जा सकता है।

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