फीस कम नहीं पर अहाते होंगे बंद
फीस कम नहीं पर अहाते होंगे बंदसांकेतिक चित्र

Gwalior : फीस कम नहीं पर अहाते होंगे बंद, ठेकेदारो को नुकसान की चिंता

ग्वालियर, मध्यप्रदेश : आबकारी की नई नीति में एक अप्रैल से बंद हो जाएंगे अहाते। अभी जिले में 74 अहातों का हो रहा है संचालन।

ग्वालियर, मध्यप्रदेश। नई आबकारी नीति के चलते एक अप्रैल से प्रदेशभर में शराब दुकानों के साथ खुले अहाते बंद हो जाएंगे। इस नई व्यवस्था से ठेके दारों के सामने संकट यह है कि अहाते तो बंद करना पड़ेंगे, लेकिन फीस में किसी तरह की रियायत नहीं मिलने वाली है। इसको लेकर अब ठेकेदार गोलबंद हो रहे है और शराब दुकानों की नीलामी के समय वह मोनोपॉली बनाने की कौशिश कर सकते हैं, वैसे हर बार तो लायसेंस फीस में 15 प्रतिशत की बढ़ौतरी रिन्युवल कराने के लिए होती थी, लेकिन सरकार ने इस बार रिन्युवल कराने पर फीस में सिर्फ 10 प्रतिशत की ही बढ़ौतरी की है।

आबकारी नीति को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती द्वारा जिस तरह से विरोध किया जा रहा था, उसके चलते सरकार ने उनकी मांग को ध्यान में रखते हुए अहाते बंद करने की नई नीति में ऐलान कर दिया है। इसके चलते ग्वालियर जिले के 74 अहाते एक अप्रैल से बंद हो जाएंगे। वहीं स्कूल व धार्मिक स्थल से 200 मीटर की दूरी से भी कई दुकानें प्रभावित हो सकती हैं, जिसको लेकर शराब ठेकेदारों ने अभी से अपने लिए नया स्थान खोजने का क्रम शुरू कर दिया है और इसके लिए वह फीता डालकर नाप भी कर रहे है ताकि बाद में दूरी का किसी तरह का विवाद न रहे। नई नीति में वैसे तो बीयरबार भी बंद करने का फरमान है, लेकिन इसको लेकर अभी तक ग्वालियर में आबकारी विभाग के पास कोई स्पष्ट निर्देश नहीं आया है। यहां बता दे कि ग्वालियर जिले में करीब 30 बीयरआर है, जिसमें रेस्टारेन्ट व होटल भी शामिल है।

ठेकेदारों को चिंता कैसे होगी नुकसान की भरपाई :

शहर में शराब की दुकानों की संख्या 112 है और उसमें से 74 दुकानों पर अहाते खुले हैं, जहां लोग बैठकर शराब पीते हैं। एक अप्रैल से अहाते बंद होने से ठेकेदारों को जो नुकसान होगा उसकी भरपाई कैसे होगी। इसको लेकर वह आपस में चर्चा करने लगे है कि कैसे नुकसान की भरपाई होगी। जो अहाते अभी संचालित है उनमें कई लोग काम करते है और उनको वहां से रोजगार तो मिलता ही है साथ ही दुकान संचालक को भी काफी मुनाफा होता है, लेकिन बंद होने के बाद जो नुकसान होगा उसको लेकर चिंता सता रही है। वैसे ठेकेदारों की इस चिंता को सरकार ने नई नीति बनाते समय ध्यान रखने का काम किया है और जो दुकान रिन्युवल के समय 15 प्रतिशत लायसेंस फीस बढ़ाकर ली जाती थी, उसे इस बार सिर्फ 10 प्रतिशत कर दी गई है, इस प्रकार 5 प्रतिशत की राहत देने का काम किया है।

सड़क पर पीने वालों को रोकने की होगी चिंता :

शराब का सेवन करने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है और कई लोग ऐसे है जो अपने घर पर उसका सेवन नहीं कर पाते है जिसके कारण वह अहाते व बीयरबार का सहारा लेकर वहां छिपकर उसका सेवन करते है। लेकिन एक अप्रैल से अहाते बंद होने से ऐसे शौकीनों के सामने संकट यह आ जाएगा कि वह शराब का सेवन कहां करें। ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि ऐसी स्थिति में लोग सड़़क पर, गाड़ी में या खुले में शराब का सेवन कर सकते है, इससे उनको वहां शराब पीने से रोकने का संकट पुलिस के सामने आ सकता है।

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