शराब दुकान रिन्युवल मामले में ग्वालियर-चंबल ने मारी बाजी, आठों जिलों में 10 फीसदी फीस बढ़ोतरी के साथ नवीनीकरण

प्रदेश की नई आबकारी पॉलिसी के प्रावधानों के चलते फायदे वाली शराब की दुकानों को बढ़ी कीमतों में ठेकेदारों ने हाथों-हाथ नए वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 10 प्रतिशत फीस बढ़ाकर ले ली।
आबकारी निरीक्षण कार्यालय, ग्वालियर
आबकारी निरीक्षण कार्यालय, ग्वालियर Raj Express
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ग्वालियर। नई आबकारी पॉलिसी आने के बाद से यह लगने लगा था कि दुकानदार शायद नवीनीकरण में दिलचस्पी न दिखाएं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ और ग्वालियर-चंबल संभाग ने शराब दुकानों के नवीनीकरण मामले में प्रदेशभर में बाजी मारने का काम किया है। नया वित्तीय वर्ष आते ही आबकारी विभाग के अधिकारी चिंतित हो जाते हैं कि आखिर शराब ठेकेदार कही मोनोपॉली बनाकर दुकान लेने से पीछे न हट जाए, क्योंकि ऐसा कई बार हो चुका है ओर इसी कारण से विभाग के अधिकारी नए वित्तीय साल आने से पहले ही सक्रिय होकर ठेकेदारों को समझाने का काम करते हैं ओर इस काम में ग्वालियर अंचल में सफलता भी मिली।

प्रदेश की नई आबकारी पॉलिसी के प्रावधानों में शराब दुकानों का रिन्युवल कराए जाने का ग्वालियर- चंबल संभाग में सबसे अच्छा रिस्पांस मिला है। इसके चलते फायदे वाली शराब दुकानों को बढ़ी कीमतों में ठेकेदारों ने हाथों-हाथ नए वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 10 प्रतिशत फीस बढ़ाकर ले लिया है। प्रदेश में सबसे पहले ग्वालियर अंचल के गुना, अशोकनगर और श्योपुर की सभी शराब दुकानों को पुराने ठेकेदारों ने नवीनीकरण करा लिया है। वहीं पांच जिले ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया और शिवपुरी में भी 70 से लेकर 84 फीसदी शराब दुकानों का नवीनीकरण हो चुका है और शेष जो बची है। उनके भी एक-दो दिन में नवीनीकरण होने की संभावना है। ग्वालियर-चंबल संभाग की अधिकांश शराब दुकानों के रिन्युवल कराने में सफलता मिलने पर आबकारी अधिकारी खासे खुश नजर आ रहे हैं, क्योंकि वह यह सोच रहे थे कि नई पॉलिसी के तहत अगर ठेकेदार पीछे हटते हैं तो उनको नए ठेके देने मेें खासी मेहनत करना पड़ सकती है, लेकिन पहली बार ऐसा देखने को मिला है कि बिना कुछ मेहनत किए ही शराब दुकानों का नवीनीकरण हो गया।

शेष रही दुकानों की नीलामी अब टेंडर प्रक्रिया के जरिए होगी

आबकारी विभाग नई पॉलिसी आने के बाद यह सोच रहा था कि अगर ठेकेदार शराब दुकानों को लेने से पीछे हटते है तो राजस्व की नुकसान हो सकता है और ऐसे में उनके सामने राजस्व का टारगेट पूरा करने का खासा दवाब रहेगा साथ ही दुकानें देने में भी ठेकेदारों को मनाने का काम करना पड़ सकता है, लेकिन जो सोचा था उसके विपरीत जिस तरह से शराब दुकानों का रिन्युवल हुआ है उसको लेकर आबकारी अफसर भी सोच नहीं रहे थे, लेकिन ठेकेदारों ने जो दुकानें उनके पास थी उन्ही दुकानों को 10 प्रतिशत फीस बढ़ाकर रिन्युवल कराकर परेशानी को दूर करने का काम कर दिया है। अंचल की शराब दुकानों से उम्मीद के अनुसार बड़ा हुआ राजस्व प्राप्त होगा। पांच जिलों की जो दुकानें नवीनीकरण से शेष रह गई हैं, उनकी नीलामी अब टेंडर प्रक्रिया के जरिए होगी। ग्वालियर जिले में 112 दुकाने हैं जिसके 45 समूह हैं। प्रथम चरण में नवीनीकरण 29 करोड़ राशि से अधिक में हुआ जिसमें जिले के 45 समूह की 112 कंपोजिट दुकानो में से 36 समूहो की 92 कंपोजिट मदिरा दुकानो का 326 करोड़ में नवीनीकरण आवेदन प्राप्त हुए जो जिले के कुल आरक्षित मूल्य 438 करोड़ का 75 प्रतिशत है। 35 समूहों पर पिछले साल की तुलना में 10 प्रतिशत( 29 करोड़) राशि अधिक प्राप्त हुई। नवीनीकरण से शेष रहे 9 समूहों की 20 मदिरा दुकानों का निष्पादन 10 मार्च को लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा।

किस जिले के कितने शराब के ठेके हुए रिन्युवल

  1. गुना - 100 फीसदी

  2. अशोकनगर - 100 फीसदी

  3. श्योपुर - 100 फीसदी

  4. भिंड - 87.47 फीसदी

  5. शिवपुरी - 75.77 फीसदी

  6. मुरैना - 85.08 फीसदी

  7. दतिया - 80 फीसदी

  8. ग्वालियर - 74.28 फीसदी

‘नई आबकारी नीति के प्रावधानों के अनुसार अंचल के तीन जिले गुना, श्योपुर, अशोकनगर की सारी शराब दुकानें पुराने ठेकेदारों ने ही 10 प्रतिशत फीस बढ़ाकर नवीनीकरण करा ली है। वहीं अन्य पांचों जिलों की 70 से 90 फीसदी तक शराब दुकानें रिन्यू हो चुकी हैं। जिलों में शराब दुकानों की रिन्युवल आबकारी अमले के बेहतर समन्वय और प्रयासों से ही संभव हो पाया है।’

नरेश कुमार चौबे, संभागीय आबकारी उपायुक्त

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