दो छात्र नेताओं को मिली जमानत
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ग्वालियर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के दो छात्र नेताओं को मिली जमानत, जानिए क्या था मामला

ग्वालियर, मध्यप्रदेश। जज की कार छीनने के मामले में सोमवार को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के दो छात्र नेताओं को जमानत मिल गई है।

हाइलाइट्स :

  • सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के दो छात्र नेताओं को मिली जमानत

  • हाईकोर्ट ने एबीवीपी छात्र नेता हिमांशु श्रोत्री और सुकृत शर्मा को जमानत दी है

  • दोनों छात्र नेताओं पर किया गया था डकैती मामला दर्ज, जानें पूरा मामला

ग्वालियर, मध्यप्रदेश। सोमवार को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के दो छात्र नेताओं को जमानत मिल गई है। हाईकोर्ट ने एबीवीपी छात्र नेता हिमांशु श्रोत्री और सुकृत शर्मा को जमानत दे दी है। संभवत: आज रात या कल तक छात्रों को जेल से छोड़ दिया जाएगा।

जज की कार छीनने के मामले में आरोपियों को जमानत:

ट्रेन में अचानक बीमार हुए एक व्यक्ति को मध्यप्रदेश के ग्वालियर में अस्पताल पहुंचाने के दौरान एक जज की कार छीनने के मामले में आज राज्य उच्च न्यायालय की ग्वालियर खंडपीठ ने दोनों आरोपियों को जमानत प्रदान कर दी। न्यायाधीश सुनीता यादव ने दोनों आरोपियों हिमांशु और सुकृत को जमानत प्रदान कर दी। इन दोनों युवाओं की जमानत याचिका निचली अदालत ने खारिज कर दी थी। लगभग एक सप्ताह पुरानी इस घटना के दोनों आरोपी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े हुए बताए गए हैं।

इस मामले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस प्रशासन को सीआईडी जांच के आदेश दिए हैं। इसकी प्रक्रिया भी प्रारंभ हो गयी है।

क्या है पूरा मामला:

दरअसल ट्रेन में यात्रा के दौरान एक कुलपति को हृदयाघात हो गया था। उनके साथ यात्रा कर रहे लोगों ने ग्वालियर स्टेशन पर आने के पहले ही उन्हें ग्वालियर में अस्पताल ले जाने के प्रयास कर दिए थे। ट्रेन के ग्वालियर पहुंचने पर बीमार व्यक्ति को स्टेशन के बाहर लाया गया, लेकिन उस समय कोई वाहन नहीं मिला। दोनों आरोपियों की ओर से यहां निचली अदालत में जमानत आवेदन पेश किया गया, लेकिन वह 13 दिसंबर को खारिज कर दिया गया। इसके बाद से आरोपी जेल में हैं।

वहीं आरोपियों की ओर से उच्च न्यायालय में जमानत आवेदन पेश किया गया, जिस पर उन्हें आज जमानत प्रदान कर दी गयी। प्रदेश भाजपा के मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने सोशल मीडिया एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा है, ‘‘ग्वालियर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के दोनों कार्यकर्ताओं को कोर्ट द्वारा मानवीय संवेदना के आधार पर जमानत देना अभिनंदनीय है। कोर्ट के इस फैसले का हम स्वागत करते हैं। प्रकरण में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव जी के निर्देश पर सीआईडी जांच होगी।’’

इसी बीच एक जज को रेलवे स्टेशन लेने आयी कार और उसके चालक के माध्यम से बीमार व्यक्ति को ले जाने की पहल की गयी, लेकिन चालक ने अपनी ड्यूटी का हवाला देते हुए ऐसा करने से इंकार कर दिया। इसके बाद कुछ लोग इस कार से जबर्दस्ती बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले गए। जज की कार इस तरह ले जाने पर पुलिस तत्काल सक्रिय हुयी दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ डकैती और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया।

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