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स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्षवर्धन
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्षवर्धन |Social Media
भारत

कोरोना से लड़ने सजग है स्वास्थ्य विभाग : मंत्री हर्षवर्धन

इन दिनों काफी चर्चा में कोरोना वायरस का कहर, चीन में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या?

Priyanka Yadav

Priyanka Yadav

राज एक्सप्रेस। कोरोना वायरस का कहर इन दिनों काफी चर्चा में, चीन में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर 910 हो गयी है, जबकि 40171 लोगों में इस संक्रमण के पाये जाने की पुष्टि हुई है। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने एक वक्तव्य जारी कर यह जानकारी दी। वक्तव्य के मुताबिक मध्यरात्रि तक कोरोना वायरस के 3,062 नए मामले सामने आए हैं और केवल एक दिन में इसके कारण 97 लोगों की मौत हुई है।

चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के अनुसार- 9 फरवरी की मध्यरात्रि तक उसे 31 प्रांतों से जानकारी मिली, जिसके अनुसार कोरोना वायरस के 40171 मामलों की पुष्टि की जा चुकी है जिसमें से 6500 लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है, 910 लोगों की मौत हो चुकी है तथा करीब 1800 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है। कोरोना वायरस के बढ़ते हुए मामलों को देखते हुए अमेरिका, जापान और सिंगापुर के अलावा कई अन्य देशों की सरकारों ने हाल में चीन का दौरा करने वाले लोगों के अपने देश में प्रवेश पर रोक लगा दी है।

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने कहा-

केरल में कोरोना वायरस के तीन मामलों की कड़ी निगरानी की जा रही है और इन तीनों लोगों की हालत स्थिर है तथा सरकार इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है। डॉ. हर्षवर्धन ने सोमवार को इस संबंध में लोकसभा में दिये एक वक्तव्य में कहा कि भारत में इस वायरस का प्रवेश रोकने के लिए सरकार सीमा क्षेत्रों में काफी सावधानी बरत रही है और खासकर नेपाल सीमा में स्वास्थ्य चौकियां स्थापित की गई हैं तथा भूटान की मदद की जा रही है।

उन्होंने बताया कि इस बीमारी से चीन में 9 फरवरी तक 37198 लोग संक्रमित हुए हैं और 811 लोगों की मौत हो चुकी है। यह वायरस अब तक 27 देशों में फैल चुका है और इसके 354 मामलों की पुष्टि भी हो चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने पहले ही इसे वैश्विक आपदा घोषित कर दिया है।

उन्होंने बताया कि-

चीन में इस बीमारी का पता 31 दिसंबर 2019 को लगा था। यह रोग वहां के वुहान प्रांत में फैला था और वुहान से 654 नागरिकों को वापस लाया जा चुका है। चीन से आने वाले हर भारतीय नागरिक को कड़ी जांच करने के लिए निगरानी में रखा जा रहा है और इनकी मनेसर तथा भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के छावला केन्द्रों में रखा गया है। यह बीमारी आपसी संपर्क से फैलती है।

सरकार इस बीमारी की गंभीरता को देखते हुए इसकी दैनिक समीक्षा कर रही है और राज्य सरकारों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के साथ जानकारी साझा की जा रही है। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि चीन जाने वाले भारतीय यात्रियों के लिए विशेष यात्रा परामर्श जारी कर दिया गया है और चीनी नागरिकों का भारत आने वाला वीजा अमान्य घोषित कर दिया गया है। चीन का वुहान और हुबेई प्रांत इससे अधिक प्रभावित है।

इस बीमारी से पीड़ित मरीजों को एक हफ्ते में वेंटीलेटर पर रखना पड़ता और इसकी मृत्यु दर 2.1 प्रतिशत है।

मंत्री डॉ हर्षवर्धन ने बताया

चीन में कोरोना वायरस महामारी से बचाव और उसकी रोकथाम के लिये कानूनी प्रावधानों के तहत कदम
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य कमीशन ने संक्रमित बीमारी रोकथाम और बचाव कानून के तहत कोरोना वायरस को संक्रमित बीमारी की बी श्रेणी में डाला है।

  • यह कानून पहली बार 1989 में लागू किया गया था और इसे 2004 तथा 2013 में दोबारा संशोधित किया गया।

  • यह भी फैसला लिया गया है कि राज्य परिषद से मंजूरी मिलने के बाद उसी कानून के तहत ‘ए’ श्रेणी के संक्रमित रोगों के रोकथाम के लिए कदम उठाने होंगे।

  • ‘ए’ श्रेणी की बीमारी के उपचार के लिए मेडिकल संस्थान को मरीजों को अलग करके इलाज करने की अनुमति दी जाती है

  • चीन ने संक्रामक रोगों को तीन श्रेणियों में बांटा है। प्लेग और खसरे को ‘ए’ श्रेणी में रखा गया है। सार्स, एचआईवी एड्स और अन्य बीमारियों को ‘बी’ श्रेणी में रखा गया है।

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