National Farmers Day
National Farmers Day|Neha Shrivastawa -RE
भारत

भारतीय किसानों को समर्पित "राष्ट्रीय किसान दिवस"

National Farmers Day 2019: जानिए, हर साल 23 दिसंबर को ही "राष्ट्रीय किसान दिवस" क्यों मनाया जाता है। इसके अलावा यह दिन किसानों के साथ-साथ किसे समर्पित है। इस दिन का भारत में क्या महत्व है।

Kavita Singh Rathore

Kavita Singh Rathore

हाइलाइट्स :

  • 23 दिसंबर को मनाया जाता है "राष्ट्रीय किसान दिवस"

  • लाल बहादुर शास्त्री जी का नारा था "जय जवान जय किसान"

  • 23 दिसंबर पाचंवे प्रधान मंत्री की जन्म तिथि है

  • "चौधरी चरण सिंह" का जन्म 23 दिसंबर 1902 को हुआ था

राज एक्सप्रेस। लाल बहादुर शास्त्री जी द्वारा दिए गए नारे "जय जवान, जय किसान" में दो मुख्य किरदारों की बात की गई है, एक तो जवान और दूसरा किसान। इन दोनों की ही हमारे देश में मुख्य भूमिका है। जहां एक किरदार "जवान" हमारी रक्षा करता है तो वहीं, दूसरा किरदार "किसान" हमें जीवन देता है, क्योंकि मनुष्य के जीवन का मूल आधार भोजन होता है और भोजन का मुख्य स्त्रोत किसान को माना जाता है। हमारे देश में यदि किसान न हों तो, लोग भोजन के अभाव में मर तक सकते हैं। इसलिए ही आज का दिन भारत में किसानों के नाम समर्पित है, अर्थात हर साल 23 दिसंबर को "राष्ट्रीय किसान दिवस" के तौर पर मनाया जाता है।

क्यों मनाया जाता है 'राष्ट्रीय किसान दिवस' :

साल 2001 से हर साल 23 दिसंबर को "राष्ट्रीय किसान दिवस" मनाया जाता है और यह दिन 23 दिसंबर को ही इसलिए मनाया जाता है, क्योंकि यह देश के पाचंवे प्रधान मंत्री चौधरी चरण सिंह का जन्म तिथि (23 दिसंबर 1902) है और वो देश के महान नेता होने के साथ ही किसान परिवार से थे। उन्हें देश में पूर्व प्रधान मंत्री से ज्यादा पहचान एक किसान हितैषी नेता के नाम से मिली है। उन्होंने किसानों के हित की लिए अनेक कार्य किये और उनकी ही बदौलत देश में 1992 में "जमींदारी उन्मूलन विधेयक" पारित किया गया। भारत में किसानों की स्थिति में सुधार लाने का मुख्य श्रेय उन्हें ही दिया जाता है। स्वयं किसान परिवार से होना उन्हें किसानों के और भी करीब लाता था। वह किसानों की समस्या और स्थिति को अपनी ही समस्या समझते थे और उसका निवारण स्वयं को उनकी जगह रख कर करते थे।

राष्ट्रीय किसान दिवस का महत्व :

इस दिन का उद्देश्य हर व्यक्ति को यह सन्देश देना है कि, कृषि है तो हिंदुस्तान है। भारत की भूमि किसानों द्वारा अपने खून से सींची गई भूमि मानी जाती है। किसान इसी भूमि पर अन्न, दलहन और फल-सब्जियों को बहुत प्रेम और कड़ी मेहनत से उपजाते हैं और तब जाकर वो हमें मिलता है और हमारा पेट भरता है। हम एक पल के लिए भी ऐसा नहीं सोच सकते कि, किसान के बिना हमारा कोई अस्तित्व है और सिर्फ भारत में नहीं अनेक देशो में अलग-अलग दिन किसान दिवस मनाया जाता है। भारत में यह दिन चौधरी चरण सिंह और देश के किसानों को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है या हम कह सकते हैं किसानों द्वारा किये गए कार्यों को सम्मान देने के लिए समर्पित है।

देश की प्रगति में किसानों का योगदान :

हालांकि, आज कल लोग इतना विचार विमर्श नहीं करते, न ही उन्हें इस बात से कोई मतलब है कि, देश की प्रगति में किसका-कितना योगदान है, लेकिन हर व्यक्ति को यह पता होना चाहिए कि, देश की प्रगति में किसान का भी बहुत बड़ा योगदान है। यह बात हमें साल 1964 में देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने ही समझा दी थी। उनका मानना था कि, देश की सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सुख-समृद्धि केवल सैनिकों और शस्त्रों पर ही आधारित नहीं है बल्कि किसान और श्रमिकों पर भी आधारित है। इसलिए ही उनका नारा 'जय जवान, जय किसान' था।

अन्य देशों के राष्ट्रीय किसान दिवस :

  • अमेरिका में - 12 अक्टूबर

  • नेपाल में - 27 तारीख

  • घाना में - दिसंबर के पहले शुक्रवार को

  • जांबिया में - अगस्त के पहले सोमवार को

भारत में किसानों का महत्व :

आज भारत में किसनों की स्थिति में काफी सुधार आ चुका है। किसानों के हित के लिए सरकार द्वारा कर्ज माफ़ किया जाता है। इतना ही नहीं केंद्र और राज्य की सरकारें किसानों के हितों के लिए कई तरह की योजनाएं लांच करती हैं। इसके अलावा देश में आये दिन किसान जागरूकता को लेकर कई तरह के कार्यक्रम होते रहते हैं। भारत में किसानों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाता है।

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