असम में अतिक्रमण हटाने पर मचे बवाल पर राज्‍य सरकार ने लिया न्यायिक जांच का फैसला
असम में अतिक्रमण हटाने पर मचे बवाल पर राज्‍य सरकार ने लिया न्यायिक जांच का फैसलाSocial Media

असम में अतिक्रमण हटाने पर मचे बवाल पर राज्‍य सरकार ने लिया न्यायिक जांच का फैसला

असम के दरांग जिले के सिपाझार में अतिक्रमण हटाने पर भड़की हिंसा एवं जनता के बढ़ते गुस्से के मद्देनजर असम की सरकार ने इस मामले में न्यायिक जांच का फैसला किया है।

असम, भारत। देशभर के राज्यों में अतिक्रमण हटाने को लेकर कई मुहिम चलाई जाती हैं, इसी तरह असम के दरांग जिले के सिपाझार में बीते दिन गुरुवार को अतिक्रमण हटाया जा रहा था, तो इस दौरान हिंसक झड़प हुई, जिस पर असम की सरकार ने इस मामले में जनता के बढ़ते गुस्से के मद्देनजर घटना की परिस्थितियों की न्यायिक जांच कराने का फैसला लिया है।

गृह एवं राजनीतिक विभाग के सचिव की और से आदेश जारी :

अब अतिक्रमण हटाने को लेकर भड़की हिंसा मामले की न्यायिक जांच होगी, इस बारे में गृह एवं राजनीतिक विभाग के सचिव देबप्रसाद मिश्रा की और से जारी एक आदेश में बताया गया कि, ''सरकार ने फैसला किया है कि, इस घटना की जांच गुवाहाटी उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा की जाएगी। इस घटना की चौतरफा निंदा की जा रही है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पुलिस की कार्रवाई को राज्य सरकार द्वारा प्रायोजित गोलीबारी करार दिया।''

क्‍यों हुआ विरोध :

मिली जानकारी के अनुसार, अतिक्रमण हटाएं जाने पर जनता का विरोध लगभग 800 परिवारों के पुनर्वास की मांग को लेकर शुरू हो गया था और इस दौरान इन लोगों का यह दावा है कि, ''जिस जमीन पर वे दशकों से रह रहे थे उससे उन्हें बेदखल कर दिया गया है।''

दरांग के पुलिस अधीक्षक का दावा :

तो वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के छोटे भाई एवं दरांग के पुलिस अधीक्षक सुशांत बिस्वा सरमा ने दावा किया कि, ''प्रदर्शनकारियों ने धारदार हथियारों से पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों पर हमला कर पथराव भी किया।''

बता दें कि, गुरुवार को अतिक्रमण हटाने के लिए पुलिसकर्मियों की एक टीम असम के दरांग जिले के सिपाझार के इलाके में पहुंची, तो इस दौरान स्‍थानीय लोंगों ने अतिक्रमण हटाने से रोका, ऐसे में पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच विवाद ने बड़ा रूप ले लिया था और इस दौरान हिंसा झड़के के कारण दो प्रदर्शनकारियों की मौत एवं करीब 9 पुलिसकर्मी बुरी तरह जख्‍मी हो हुए थे। इस बीच असम की इस घटना पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने ट्वीट कर कहा था- असम राज्य प्रायोजित आग पर है। मैं राज्य में अपने भाइयों और बहनों के साथ खड़ा हूं- भारत का कोई भी नागरीक ऐसे बर्ताव का हकदार नहीं है।

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