कानपुर: सरकारी बाल गृह में 57 लड़कियां कोरोना पॉजिटिव-5 गर्भवती
कानपुर: सरकारी बाल गृह में 57 लड़कियां कोरोना पॉजिटिव-5 गर्भवती|Social Media
उत्तर भारत

कानपुर: सरकारी बाल गृह में 57 लड़कियां कोरोना पॉजिटिव-5 गर्भवती

कानपुर बालिका आश्रय गृह में 171 लड़कियों का कोरोना टेस्ट कराया गया, जिसमें से 57 लड़कियां कोरोना संक्रमित की पुष्टि हुई है, जिनमें से 5 लड़कियां गर्भवती भी है और अब इस मामले पर सियासत भी गरमा गई है।

Priyanka Sahu

Priyanka Sahu

कानपुर, भारत। उत्‍तर प्रदेश के कानपुर में राज्य सरकार द्वारा संचालित बालिका संरक्षण गृह का मामला सामने आने के बाद दे यहां प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है, क्‍योंकि कानपुर स्थित राजकीय बालिका संरक्षण गृह में 57 लड़कियां कोरोना संक्रमित हुई, जिसके चलते राजकीय बालगृह को सील कर दिया गया है और स्टॉफ को क्‍वारंटीन किया गया है।

कोरोना पॉजिटिव में से 5 लड़कियां गर्भवती :

बताया जा रहा है कि, सरकारी बालिका आश्रय गृह में 57 कोरोना पॉजिटिव लड़कियों में से 5 लड़कियां गर्भवती भी पाई गई हैं। डिप्टी चीफ प्रोबेशन अधिकारी श्रुति शुक्ला ने बताया कि, पांच गर्भवती लड़कियों में से एक एचआईवी संक्रमित भी हैं, जबकि एक हेपेटाइटिस सी से पीड़ित है। वहीं कानपुर जिला मजिस्ट्रेट ब्रह्मदेव राम तिवारी के अनुसार, जो पांच लड़कियां गर्भवती हैं, वे शेल्टर होम आने से पहले से ही गर्भवती थीं। ये लड़कियां आगरा, एटा, कन्नौज, फिरोजबाद और कानपुर की हैं।

डिप्टी चीफ प्रोबेशन अधिकारी शुक्ला का कहना है, ‘‘गर्भवती लड़कियां यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) के तहत हुए अपराधों की शिकार हैं। इनमें से दो लड़कियां जब दिसंबर माह में शेल्टर होम में आई थीं तभी गर्भवती थीं, उन्हें करीब आठ महीने का गर्भ है।’’

171 लड़कियों का हुआ कोरोना टेस्ट :

होम सुपरिंटेंडेंट के मुताबिक, 12 जून को रैंडम सैंपलिंग के दौरान एक लड़की कोरोना संक्रमित पाई गई थी, जिसके चलते चार दिनों में बालिका आश्रय गृह की सभी 171 लड़कियों का कोरोना टेस्ट कराया गया था, जिनमें से 57 लड़कियां कोरोना पॉजिटिव हैं और इन सबकी उम्र 15 से 17 साल के आसपास है। वहीं लड़कियां के अलावा एक स्टाफकर्मी भी कोरोना संक्रमित पाई गई हैं।

लड़कियां कैसे हुईं कोरोना संक्रमित :

जिला बाल कल्याण समिति के निर्देशों के तहत चलने वाले इस बालिका आश्रय गृह में 10 से 18 साल तक की लड़कियों को संरक्षण में रखा जाता है। वहीं बाकी 114 लड़कियों और 37 कर्मचारियों को अलग इमारत में क्वारंटीन किया गया है। कानपुर प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि, आश्रय गृह की लड़कियां कोरोना संक्रमित कैसे हुईं।

वहीं, अधिकारियों को संदेह है कि, कोरोना संक्रमित स्टाफ के जरिए यह लड़कियों में फैला हो सकता है, क्योंकि वह स्टाफ इलाज के लिए लड़कियों के साथ अस्पताल जाती थीं।

मामले पर गरमाई सियासत :

कानपुर बाल संरक्षण गृह मामले को लेकर सियासत भी गरमा गई है। इस मामले पर कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी से लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार को निशाने पर लिया है।

यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने घटना पर ट्वीट करते हुए लिखा- कानपुर के सरकारी बाल संरक्षण गृह से आई ख़बर से उप्र में आक्रोश फैल गया है। कुछ नाबालिग लड़कियों के गर्भवती होने का गंभीर खुलासा हुआ है, इनमें 57 कोरोना से व एक एड्स से भी ग्रसित पाई गयी है, इनका तत्काल इलाज हो, सरकार शारीरिक शोषण करनेवालों के ख़िलाफ़ तुरंत जाँच बैठाए।

वहीं, प्रियंका गांधी ने इस घटना को मुजफ्फरपुर की घटना जैसा बताया और सोशल मीडिया में पोस्ट किया, 'मुजफ्फरपुर (बिहार) के बालिका गृह का पूरा किस्सा देश के सामने है। उत्तर प्रदेश के देवरिया से भी ऐसा मामला सामने आ चुका है।'

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