अवैध खनन पर रोक के लिए खनन योग्य भूमि पर खानों के आवंटन में तेजी लाएं- आर्य
अवैध खनन पर रोक के लिए खनन योग्य भूमि पर खानों के आवंटन में तेजी लाएं- आर्यSocial Media

अवैध खनन पर रोक के लिए खनन योग्य भूमि पर खानों के आवंटन में तेजी लाएं- आर्य

राजस्थान के मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने राज्य में सस्टेनेबल खनन पर जोर देते हुए कहा है कि खनन योग्य भूमि पर खानों के आवंटन कार्य में तेजी लाएं ताकि प्रदेश में अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

राज एक्सप्रेस। राजस्थान के मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने राज्य में सस्टेनेबल खनन पर जोर देते हुए कहा है कि खनन योग्य भूमि पर खानों के आवंटन कार्य में तेजी लाएं ताकि प्रदेश में अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। श्री आर्य ने आज यहां सचिवालय में राज्य स्तरीय स्पेशल टास्क फोर्स की वर्चुअल बैठक में यह निर्देश देते हुये कहा कि अवैध खनन को रोकना सरकार की प्राथमिकता है। अवैध खनन के कारण संगठित अपराध बढऩे के साथ ही राज्य सरकार को राजस्व की हानि भी हो रही है। उन्होंने खान आवंटन की कार्यवाही में आ रही बाधाओं को दूर करने की निर्देश देते हुए संबंधित विभागों में परस्पर समन्वय बनाकर कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि जिला स्तर व उपखण्ड स्तर पर गठित एसआईटी की बैठकें भी नियमित आयोजित की जाएं।

उन्होंने बताया कि राज्य में बजरी, मेरनरी स्टोन और सेण्ड स्टोन के ही अवैध खनन के अधिक प्रकरण सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बजरी आदि के अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए खान, पुलिस व परिवहन विभाग परस्पर सहयोग से संयुक्त कार्यवाही करें। उन्होंने बताया कि बजरी पर रोक के आदेश दिनांक 16 नवंबर, 2017 के बाद से अब तक बजरी के अवैध खनन व परिवहन के 34 हजार 72 प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं। राज्य सरकार द्वारा 207 करोड़ रु. की पेनल्टी वसूल की जा चुकी है।

बैठक में प्रमुख सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम अजिताभ शर्मा ने कहा कि वैध खनन पट्टों के आवंटन में प्रशासनिक स्तर पर होने वाली कठिनाइयों खासतौर से नगरीय क्षेत्र, वन पुष्टि एवं ईसी से अनुमति की कठिनाइयों को दूर करते हुए तय समय सीमा में संबंधित विभागों द्वारा कार्यवाही की जाए। उन्होंने बताया कि अवैध परिवहन पर रोक के लिए जीपीएस युक्त वाहनों का उपयोग अनिवार्य करने पर भी गंभीरता से विचार करना होगा।

डिस्क्लेमर : यह आर्टिकल न्यूज एजेंसी फीड के आधार पर प्रकाशित किया गया है। इसमें राज एक्सप्रेस द्वारा कोई संशोधन नहीं किया गया है।

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