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Ayodhya Verdict
Ayodhya Verdict|Neha Srivastav -RE
उत्तर भारत

अयोध्या मंदिर मुद्दे पर किसका क्‍या रिएक्‍शन- जाने हर एक बात

अयोध्या भूमि विवाद मामले पर सबसे बड़ा मुकदमा व सबसे बड़ा फैसला प्रभु राम के भक्‍तों के पक्ष में आ गया है, जबकि मुस्लिम पक्ष को अलग जगह दी जाएगी।

Priyanka Sahu

Priyanka Sahu

राज एक्‍सप्रेस। अयोध्या भूमि की विवादित जमीन मामले पर आज अर्थात 9 नवंबर को फैसला आ गया है, सुप्रीम कोर्ट के जजों द्वारा दिए गए आदेश से भारत में इतिहास रच गया है। जी हां! इस विवादित भूमि एवं बाबरी मस्जिद के गुंबद की जगह पर अब राम मंदिर का निर्माण होगा, सुप्रीम कोर्ट ने हिंदू समुदाय व प्रभु राम भक्‍तों के पक्ष में फैसला सुनाया है, जिससे हिंदू संगठन में खुशी का माहौल है। जमीन पर मुस्लिम का विशेष कब्‍जा नहीं है, मुस्लिम पक्ष जमीन पर दावा साबित करने में नाकाम रहा।

यहां देखें अयोध्या फैसले पर किसने क्‍या-क्‍या कहा-

वसुंधरा राजे ने किया ट्वीट-

विश्व हिन्दू परिषद की ओर से आई यह प्रतिक्रिया-

विश्व हिन्दू परिषद ने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए ये प्रेस नोट जारी करते हुए कहा कि, यह किसी की हार नहीं है और सौहार्द कायम रहना चाहिए।

अयोध्या फ़ैसले पर राज ठाकरे का बयान :

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले को लेकर कहा- ''आज बहुत ही ख़ास दिन है, आख़िरकार हमारे कारसेवकों का बलिदान सार्थक हुआ, जनभावना और तथ्यों का ख़्याल रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जो फ़ैसला दिया हम उसका अभिनंदन करते हैं, अब राम मंदिर का निर्माण हो और रामराज्य का सपना सच हो, अगर बालासाहेब होते तो इस ऐतिहासिक दिन का गवाह बनकर ख़ुश होते।''

अयोध्या फ़ैसले पर पाकिस्तान की प्रतिक्रिया :

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता आसिफ़ ग़फ़ूर ने भी ट्वीट कर लिखा- ''दुनिया ने एक बार फिर से अतिवादी भारत का असली चेहरा देख लिया है, पाँच अगस्त को कश्मीर का भारत ने संवैधानिक दर्जा ख़त्म किया और आज बाबरी मस्जिद पर फ़ैसला आया। दूसरी तरफ़ पाकिस्तान दूसरे धर्म का आदर करते हुए गुरु नानक के सेवकों के लिए करतारपुर कॉरिडोर खोल दिया।''

अयोध्या फैसले पर असदुद्दीन ओवैसी ने उठाए सवाल:

ओवैसी ने कहा- मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की तरह हम भी फैसले से सहमत नहीं हैं, सुप्रीम कोर्ट से भी चूक हो सकती है, जिन्होंने बाबरी मस्जिद को गिराया, उन्हें ट्रस्ट बनाकर राम मंदिर बनाने का काम दिया गया है, अगर मस्जिद वहां पर रहती, तो सुप्रीम कोर्ट क्या फैसला लेती, यह कानून के खिलाफ है। बाबरी मस्जिद नहीं गिरती तो फैसला क्या आता है, हमें हिंदुस्तान की संविधान पर भरोसा है। हम अपने अधिकार के लिए लड़ रहे थे, 5 एकड़ जमीन की खैरात की जरूरत नहीं है। मुस्लिम गरीब हैं, लेकिन मस्जिद बनाने के लिए हम पैसा इकट्ठा कर सकते हैं।

एमपी के CM बोले- SC के फ़ैसले का हम सभी मिल-जुलकर सम्मान व आदर करे।

प्रदेशवासियों से पूर्व CM की अपील :

माननीय सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का हम सभी सम्मान करें, आदर करें और स्वागत करें। किसी की हार नहीं हुई है। हमारे देश ने सदैव दुनिया को शांति का संदेश दिया है। मैं सभी देश और प्रदेशवासियों से अपील करता हूँ कि आपस में एकता, प्रेम, सद्भाव और भाईचारा बनाए रखें।

शिवराज सिंह चौहान

Summary

प्रियंका गांधी ने किया ट्वीट-

राहुल गांधी ने किया ट्वीट-

फैसले को हार-जीत की तरह ना देखें- मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मोहन भागवत ने इस फ़ैसले का स्वागत करते हुए सभी से संयम बनाए रखने की अपील की और 'झगड़ा-विवाद' समाप्त करने की बात कही है। उन्होंने यह अपील भी की कि, इसे हार-जीत की तरह नहीं देखना चाहिए। हम योगदान करने वाले सभी सहयोगियों और बलिदानियों को याद करते हैं, भाईचारा बनाए रखने के लिए सरकारी और समाज स्तर पर हुए प्रयासों का भी हम स्वागत और अभिनंदन करते हैं।

संयमपूर्वक न्याय का इंतज़ार करने वाली भारतीय जनता भी बधाई की पात्र है। इसे जय-पराजय के रूप में नहीं देखना चाहिए, सभी से अनुरोध है कि संयमित और सात्विक तरीके से अपने आनंद को व्यक्त करें। अतीत की सभी बातों को भुलाकर हम सभी श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण में अपने कर्तव्यों का निर्वाह करेंगे।

अयोध्‍या फ़ैसले पर क्‍या बोले PM मोदी-

यह फैसला न्यायिक प्रक्रियाओं में जन सामान्य के विश्वास को और मजबूत करेगा। हमारे देश की हजारों साल पुरानी भाईचारे की भावना के अनुरूप हम 130 करोड़ भारतीयों को शांति और संयम का परिचय देना है। भारत के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व की अंतर्निहित भावना का परिचय देना है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

PM मोदी बोले SC का यह फैसला कई वजहों से महत्वपूर्ण है :

  • किसी विवाद को सुलझाने में कानूनी प्रक्रिया का पालन कितना अहम है।

  • हर पक्ष को अपनी-अपनी दलील रखने के लिए पर्याप्त समय और अवसर दिया गया।

  • न्याय के मंदिर ने दशकों पुराने मामले का सौहार्दपूर्ण तरीके से समाधान कर दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा, ''देश के सर्वोच्च न्यायालय ने अयोध्या पर अपना फैसला सुना दिया है। इस फैसले को किसी की हार या जीत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। रामभक्ति हो या रहीमभक्ति, ये समय हम सभी के लिए भारतभक्ति की भावना को सशक्त करने का है। देशवासियों से मेरी अपील है कि शांति, सद्भाव और एकता बनाए रखें।''

सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा-

केंद्रीय गृह मंत्री और बीजेपी प्रमुख अमित शाह ने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले पर ट्वीट में लिखा- ''मुझे पूर्ण विश्वास है कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिया गया यह ऐतिहासिक निर्णय अपने आप में एक मील का पत्थर साबित होगा, यह निर्णय भारत की एकता, अखंडता और महान संस्कृति को और बल प्रदान करेगा।''

अशोक सिंघल को भारत रत्न देने की मांग :

बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने अपने ट्वीट में लिखा- ''विजय के इस क्षण में हमें अशोक सिंघल को याद रखना चाहिए और नरेंद्र मोदी सरकार तत्काल उन्हें भारत रत्न दे।''

एक्‍टर फरहान अख्‍तर ने अयोध्‍या फैसले पर किया Tweet

राजनाथ सिंह ने कहा- "अयोध्या पर सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय ऐतिहासिक है, इस निर्णय को सभी को पूरे धैर्य और उदारता के साथ स्वीकारना चाहिए।"

सभी 5 जजों ने सर्वसम्‍मति से किया फैसला :

अयोध्‍या में प्रभु राम का राम मंदिर बनने का रास्‍ता साफ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के सभी 5 जजों ने सर्वसम्‍मति के साथ अपना फैसला सुनाया है। अयोध्‍या में जहां बाबरी मस्जिद के गुंबद थे, वो जगह अब हिन्दू पक्ष को मिली।

कब शुरू होगा मंदिर निर्माण कार्य :

अब केंद्र सरकार 3 महीने में ट्रस्‍ट का गठन करेगी, ट्रस्‍ट के बाद राम मंदिर का निर्माण शुरू हो जाएगा। हालांकि, इस ट्रस्ट में निर्मोही अखाड़ा होगा या नहीं यह सरकार को तय करना है।

मुस्लिम पक्ष के वकील बोले-

हम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं, लेकिन फैसले में कई विरोधाभास हैंं, लिहाजा हम फैसले से संतुष्ट नहीं हैंं। हम फैसले का मूल्यांकन करेंगे और आगे की कार्रवाई पर फैसला लेंगे।
वकील जफरयाब जिलानी

मुस्लिम पक्ष को दूसरी जगह देने का आदेश-

कोर्ट ने अपने फैसले में मुस्लिम पक्ष को दूसरी जगह या वैैकल्पिक जमीन देने का आदेश दिया है। इससे ये बात तो, साफ होती है कि, क्‍या रामलला का दावा बरकरार रहेगा? अदालत ने सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड को मस्जिद बनाने के लिए 5 एकड़ अलग वैकल्पिक जमीन देने का आदेश दिया है। अयोध्‍या में राम जन्‍मभूमि न्‍यास को विवादित जीमन दी जाएगी।

जमीन पर मुस्लिम का विशेष कब्‍जा नहीं-

कोर्ट की तरफ से ये बात भी सामने आई है कि, जमीन पर मुस्लिम का विशेष कब्‍जा नहीं है, मुस्लिम पक्ष जमीन पर दावा साबित करने में नाकाम रहा।

CJI रंजन गोगोई ने फैसला पढ़ा-

अयोध्या पर फ़ैसला सुनाते हुए मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा- ''पुरातत्व विज्ञान को नकारा नहीं जा सकता, बाबरी मस्जिद के नीचे एक संरचना पाई गई है, जो मूलतः इस्लामिक नहीं थी।'' कोर्ट ने ASI रिपोर्ट के आधार पर कहा कि, मंदिर तोड़कर मस्जिद बनाने की भी पुख्ता जानकारी नहीं है। कोर्ट ने कहा- आस्था के आधार पर जमीन का मालिकाना हक नहीं दिया जा सकता, साथ ही कोर्ट ने साफ कहा कि, फैसला कानून के आधार पर ही दिया जाएगा।

CJI को फैसला पढ़ने में लगा लगभग आधा घंटा :

चीफ जस्टिस का कहना है कि, अयोध्या फैसला पढ़ने में आधा घंटा लगेगा, पुरातत्व विभाग की जांच को ध्यान में रखते हुए कोर्ट यह फैसला ले रहा है। मस्जिद कब बनी, किसने बनवाई, स्पष्ट नहीं हुआ। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने निर्मोही अखाड़े का दावा खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि, अखाड़े का दावा लिमिटेशन से बाहर है।

अयोध्या फैसले की कॉपी पर जजों के दस्तखत :

अयोध्या फैसले की कॉपी कोर्ट रूम में लाई गई, जिसके बाद फैसले की कॉपी पर सभी जजों ने दस्तखत किए।

बस थोड़ी देर में ही आने वाला है अयोध्या पर फैसला

सबसे बड़ा मुकदमा, सबसे बड़ा फैसला आने में बस थोड़ी देर का ही इंतजार है, 5 मिनट से भी कम का समय है, चीफ जस्टिस कोर्ट में मौजूद हैंं। कोर्ट में सभी पक्षकार मौजूद हैं, कोर्ट रूम पूरी तरह खचाखच भरा है।

जैसा कि हम सब जानते हैं कि, आज 9 नवंबर का दिन बेहद ऐतिहासिक है, क्‍योंकि आज सुबह 10:30 बजे अयोध्या भूमि विवाद मामले पर फैसला आने वाला है, लेकिन फैसला आने के बाद देश के हालातों में या यह कहेंं कि, कुछ भी हो सकता है, जिसका विपरीत प्रभाव हो भी सकता है और नहीं भी। हालांकि, अयोध्या फैसले (Ayodhya Verdict) के मद्देनजर पूरा देश सतर्क है और सुरक्षा के कड़े इंतजाम भी किए गए हैं।

अयोध्या फैसले से पहले मोदी की अपील :

वहीं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देशवासियों से अपील की है कि, 'अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, वो किसी की हार-जीत नहीं होगा, देशवासियों से मेरी अपील है कि, हम सब की यह प्राथमिकता रहे कि ये फैसला भारत की शांति, एकता और सद्भावना की महान परंपरा को और बल दे।' इतना ही नहीं PM मोदी शुक्रवार की शाम से ही एक के बाद एक लगातार कई ट्वीट कर रहे हैं।

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किसके पक्ष में फैसला करेगी 5 जजों की पीठ :

अब बात यह आती है कि, आखिरकार यह फैसला किस तरह से सुनाया जाएंगा, तो हम बता दें कि, सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की पीठ चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया रंजन गोगोई, जस्टिस एस ए बोबडे, जस्टिस धनन्जय वाई चन्द्रचूड़ , जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस एस अब्दुल नजीर अयोध्या का फैसला सुनाएंगे, हालांकि केंद्र सरकार ने इन सभी पांच जजों की सुरक्षा भी बढ़ा दी है, CJI रंजन गोगोई को Z श्रेणी की सुरक्षा में रखा गया है।

बताते चलेंं कि, इस फैसले के मद्देनजर आज उत्तर प्रदेश, दिल्ली और मध्य प्रदेश के सभी स्कूल, कॉलेज, एजुकेशनल सेंटर और ट्रेनिंग सेंटर बंद रहेंगे, जानकारी के मुताबिक, यूपी में 9 से 11 नवंबर तक स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी घोषित की गई है। कई राज्यों और इलाकों में धारा 144 लागू है।

हमारी तरफ से भी आपके लिए यही राय है कि, अयोध्या केस के फैसला कुछ भी हो देश में शांति और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाकर रखें एवं हिंदू तथा मुस्लिम सहित समाज के सभी लोग कोर्ट के फैसले का सम्मान करें और सभी मिलजुल कर रहें, सब एक-दूसरे की सहायता करें, एकता बनाए रखें, सभी सुरक्षित रहें।

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