CM योगी ने लखनऊ के हाईस्कूल के 10 मेधावी छात्रों से की भेंट
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CM योगी ने लखनऊ के हाईस्कूल के 10 मेधावी छात्रों से की भेंट

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद लखनऊ के हाईस्कूल के 10 मेधावी छात्रों एवं उनके माता-पिता, प्रधानाचार्यों व अध्यापकों से भेंट की और दिया यह संबोधन...

उत्तर प्रदेश, भारत। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज गुरुवार को जनपद लखनऊ के हाईस्कूल के 10 मेधावी छात्रों एवं उनके माता-पिता, प्रधानाचार्यों व अध्यापकों से भेंट की।

इस दौरान यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा- कार्य के साथ-साथ आराम भी आवश्यक है। अगर आप नियमित रूप से पढ़ेंगे, नियमित रूप से खेलेंगे, नियमित रूप से सभी कार्यों को टाइम-टेबल बनाकर करेंगे तो फिर परीक्षा के समय अनावश्यक तनाव नहीं होगा। संयम दिनचर्या से आप परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर सकते हैं। शिक्षकों को अभिभावकों के साथ संवाद बनाना चाहिए।अभिभावकों के साथ व्यक्तिगत संवाद नहीं होगा तो इसका असर आपके विद्यालय पर तो पड़ेगा ही, साथ ही अभिभावक को भी पता नहीं चलेगा कि विद्यालय में क्या हो रहा है। इन चीजों पर प्रत्येक शिक्षक को विचार करना चाहिए।

हम सभी को समय पर सोना व जागना चाहिए। अगर सभी बच्चे रात्रि 10 बजे तक सो जाएं और सुबह 04 बजे उठ जाएं तो यह उनके स्वास्थ्य के लिए अनुकूल होगा। रात्रि भर जागने से दिन भर व्यक्ति को थकान रहती है, स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

CM योगी ने आगे यह भी कहा- हर बच्चे को खेल के किसी न किसी कार्यक्रम के साथ जुड़ना चाहिए। इससे शारीरिक व मानसिक विकास के साथ-साथ बौद्धिक विकास भी होगा। इससे निर्णय लेने की क्षमता भी बढ़ती है। प्रत्येक छात्र को हिन्दी-अंग्रेजी का एक-एक अखबार जरूर पढ़ना चाहिए। इससे आपको देश-दुनिया, राज्य और स्थानीय खबरों की जानकारी मिलेगी। आज की खबर कल के लिए जनरल नॉलेज का आधार बनेगी।

  • प्रत्येक विद्यार्थी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 'मन की बात' कार्यक्रम से जुड़ना चाहिए। इससे आपको बहुत सारी रचनात्मक चीजें जानने को मिलेंगी। देश में कहां, कौन से बच्चे ने अच्छा काम किया, प्रगतिशील किसान के अच्छे काम के बारे में सामाजिक जीवन में कहां, किस व्यक्ति ने अच्छा काम किया है इसकी भी चर्चा प्रधानमंत्री जी अपने 'मन की बात' कार्यक्रम में करते हैं। समय-समय पर परीक्षा से ठीक पहले 'परीक्षा पे चर्चा' भी करते हैं।

  • प्रश्न पत्र विद्यार्थी के मानसिक स्तर को जांचने का एक माध्यम होता है। प्रश्न पत्र बहुत क्लिष्ट हो तो यह अच्छे परीक्षक की निशानी नहीं होती। प्रश्न पत्र सहज हो, सरल हो व हर बच्चे के मानसिक स्तर को जांचने का माध्यम बन सके कि वह बौद्धिक रूप से कितना परिपक्व हुआ है।

  • मेहनत का कोई विकल्प नहीं हो सकता, मेहनत करते रहिए। पढ़ाई के साथ-साथ अन्य गतिविधियों जैसे- खेलकूद, सांस्कृतिक विधाओं में भी खुद को पारंगत करने का प्रयास होना चाहिए। आगामी 01 जुलाई से पूरे प्रदेश में एक साथ 'संचारी रोग नियंत्रण अभियान' प्रारंभ होगा।

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