लखनऊ के 33वें स्थापना दिवस पर राष्ट्रीय संगोष्ठी के वर्चुअली शुभारम्भ में CM योगी का संबोधन
CM योगीSocial Media

लखनऊ के 33वें स्थापना दिवस पर राष्ट्रीय संगोष्ठी के वर्चुअली शुभारम्भ में CM योगी का संबोधन

उत्‍तर प्रदेश के CM योगी ने कहा- उत्तर प्रदेश के अन्नदाता किसानों के हितों को ध्यान में रखकर वर्ष 2017 में हमारी सरकार ने फसल ऋण माफी के एक बड़े कार्यक्रम का निर्णय लेते हुए उसे आगे बढ़ाया था।

उत्तर प्रदेश, भारत। उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने आज प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद, लखनऊ के 33वें स्थापना दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय संगोष्ठी का वर्चुअली शुभारम्भ किया।

देश की आबादी की 17% आबादी उत्तर प्रदेश में निवास करती है :

राष्ट्रीय संगोष्ठी का वर्चुअली शुभारम्भ के मौके पर CM योगी ने कहा- उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद के 33वें स्थापना दिवस पर आयोजित एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में उपस्थित सभी महानुभाव, इस संस्थान से जुड़े हुए सभी वैज्ञानिकों व पदाधिकारियों को हृदय से बधाई देता हूं। 33 वर्षों की एक शानदार यात्रा किसी भी संस्था की अपनी उपलब्धियों के मूल्यांकन का एक अवसर होता है। देश की आबादी की 17% आबादी उत्तर प्रदेश में निवास करती है, लेकिन उत्तर प्रदेश के पास केवल 12% कृषि भूमि है। इस 12% भूमि से प्रदेश देश के लिए 20% खाद्यान्न की आपूर्ति अकेले करता है।

यह प्रदेश की भूमि की उर्वरता और यहां पर पर्याप्त जल संसाधन की उपलब्धता की और हम सभी का ध्यान आकर्षित करता है। उत्तर प्रदेश के अन्नदाता किसानों के हितों को ध्यान में रखकर वर्ष 2017 में हमारी सरकार ने फसल ऋण माफी के एक बड़े कार्यक्रम का निर्णय लेते हुए उसे आगे बढ़ाया था।

उत्‍तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ

  • किसानों को लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य देने हेतु आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने वर्ष 2018 में MSP की जो घोषणा की, वह सफलतापूर्वक प्रदेश के अन्नदाता प्राप्त कर रहे हैं।

  • विगत 05 वर्षों में हम लोगों ने 21 लाख हेक्टेयर से अधिक भूमि को अतिरिक्त सिंचाई की सुविधा भी उपलब्ध कराई है। दशकों से लंबित सिंचाई परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाकर अन्नदाता किसानों के जीवन में व्यापक परिवर्तन लाने का प्रयास हुआ है। रिकॉर्ड मात्रा में खाद्यान्य का उत्पादन और किसानों से सीधे क्रय करने की व्यवस्था आज उत्तर प्रदेश में उपलब्ध है।

  • प्राकृतिक खेती कम लागत में अच्छा उत्पादन व जहरीले रसायनों से मुक्त खेती को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इस महत्वपूर्ण माध्यम को आगे बढ़ाने के लिए मैं सभी उपस्थित कृषि वैज्ञानिकों का आह्वान करुंगा कि वे सभी इस अभियान से जुड़ें। यह न केवल किसानों की आमदनी कई गुना बढ़ाएगी, बल्कि तमाम प्रकार के रोग-मुक्ति का भी माध्यम बनेगा।

  • नमामी गंगे परियोजना की सफलता के साथ-साथ अन्नदाता किसानों द्वारा कम लागत में अच्छा उत्पादन और जहरीले रसायन से मुक्त खेती के माध्यम से हम प्रदेश को एक जैविक प्रदेश के रूप में विकसित कर रहे हैं।

ताज़ा ख़बर पढ़ने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। @rajexpresshindi के नाम से सर्च करें टेलीग्राम पर।

Related Stories

No stories found.
| Raj Express | Top Hindi News, Trending, Latest Viral News, Breaking News
www.rajexpress.co