किसानों के बवाल के बीच केजरीवाल सरकार ने ठुकराई दिल्ली पुलिस की मांग
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किसानों के बवाल के बीच केजरीवाल सरकार ने ठुकराई दिल्ली पुलिस की मांग

दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों को दिल्ली में एंट्री की इजाजत मिली, तो वहीं, दिल्ली सरकार ने स्टेडियमों को अस्थायी जेल में बदलने की दिल्ली पुलिस की मांग को खारिज कर दिया।

दिल्ली, भारत। केंद्रीय कृषि सुधार कानूनों के खिलाफ दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे किसानों को दिल्ली में प्रवेश करने की इजाजत मिल गई है। तो वहीं, किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली के 9 स्टेडियमों को अस्थायी जेल में बदलने की तैयारी कर रही दिल्ली पुलिस को झटका लगा है।

9 स्टेडियमों को अस्थाई जेल बनाने की मांग :

दरअसल, दिल्ली पुलिस ने केजरीवाल सरकार से किसानों के 'दिल्ली चलो' मार्च के मद्देनजर राजधानी के 9 स्टेडियमों का अस्थाई जेल की तरह इस्तेमाल करने की अनुमति मांगी, जिसे दिल्ली के होम मिनिस्टर सत्येंद्र गर्ग ने ठुकरा दिया है। तो वहीं, आप विधायक राघव चड्ढा ने ट्वीट कर कहा, "मेरा दिल्ली सरकार से अनुरोध है कि वे अस्थाई जेल बनाने की अनुमति ना दें। हमारे देश के किसान ना अपराधी हैं, ना ही आतंकवादी।"

सरकार ने ठुकराई ये मांग :

राजधानी दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने दिल्ली पुलिस की इस मांग को शुक्रवार को नामंज़ूर कर दी और दिल्ली सरकार की ओर से अपने आदेश में कहा है कि, "किसानों की मांगें जायज हैं। केन्द्र सरकार को किसानों की मांगे तुरंत माननी चाहिए। किसानों को जेल में डालना इसका समाधान नहीं है। इनका आंदोलन बिल्कुल अहिंसक है। अहिंसक तरीके से आंदोलन करना हर भारतीय का संवैधानिक अधिकार है। उसके लिए किसानों को जेलमें नहीं डाला जा सकता। इसलिए स्टेडियम को जेल बनाने की दिल्ली पुलिस की इस अर्जी को दिल्ली सरकार नामंजूर करती है।"

किसानों को इस इलाके में दी प्रदर्शन की अनुमति :

दिल्ली के पुलिस कमिश्नर आलोक वर्मा ने बताया है कि, ''प्रदर्शनकारी किसानों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति दी गई है। किसानों को बुराड़ी इलाके में निरंकारी समागम ग्राउंड पर प्रदर्शन की इजाज़त दी गई है।''

बता दें कि, किसान मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने दिल्ली सरकार से नौ स्टेडियमों को अस्थायी जेल के रूप में इस्तेमाल करने की इजाजत इसलिए मांगी थी, ताकि यहां हिरासत में लिए गए और गिरफ्तार किए गए किसानों को रखा जा सके।

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