राम नगरी अयोध्या की धरती भूकंप के झटकों से डगमगाई
राम नगरी अयोध्या की धरती भूकंप के झटकों से डगमगाईSocial Media

राम नगरी अयोध्या की धरती भूकंप के झटकों से डगमगाई

उत्‍तर प्रदेश में राम की नगरी अयोध्‍या भूकंप के तेज झटकों से डगमगा उठी है, इस दौरान किसी जनहानि या नुकसान की सूचना नहीं है।

उत्‍तर प्रदेश, भारत। देश में महामारी कोरोना वायरस के महाविस्‍फोट के बीच प्राकृतिक आपदाओं का भी कहर बरपा हुआ है। कई राज्‍यों में बिन मौसम गरज चमक के साथ तेज बारिश हो रही है। तो वहीं, कुछ राज्‍यों की धरती भूकंप के झटकों से डोल रही है। अब उत्‍तर प्रदेश में राम की नगरी अयोध्‍या भूकंप के झटकों से डगमगाई है।

4.3 की तीव्रता से आया भूकंप :

दरअसल, UP के अयोध्या में बीती रात यानी गुरूवार को लगभग 12:00 बजे के आस-पास भूकंप के झटके महसूस हुए, इस दौरान भूकंप की तीव्रता 4.3 बताई जा रही है। हालांकि, भूकंप के कारण जान-माल के किसी प्रकार की कोई जनहानि नहीं हुई है। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, ''भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.3 रही और इसका केंद्र जमीन से 15 किलोमीटर नीचे नेपाल में था। भूकंप के झटकों से घबराकर लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।''

भूकंप की स्थिति में क्या करें, क्या न करें

  • भूकंप आने पर आप घर से बाहर हैं तो ऊंची इमारतों, बिजली के खंभों आदि से दूर रहें।

  • भूकंप के झटके महसूस बंद होने तक बाहर ही रहें।

  • यदि आप गाड़ी चला रहे हो तो गाड़ी को रोक लें और गाड़ी में ही बैठे रहें।

  • पुल या सड़क पर जाने से बचें।

  • भूकंप आने के वक्त यदि आप घर में हैं तो फर्श पर बैठ जाएं।

  • यदि आप घर से बाहर नहीं निकल सकते तो, घर के किसी कोने में चले जाएं।

  • घर में कांच, खिड़कियों, दरवाज़ों और दीवारों से दूर रहें।

  • भूकंप के समय लिफ्ट का इस्तेमाल करने से बचें।

क्यों आता है भूकंप :

भूकंप के बारे में आए दिन ही खबरें लगातार सामने आ रही हैं, किसी न किसी राज्य में भूकंप के झटके महसूस हो रहे हैं। ऐसे में बार-बार भूकंप के चलते मन में सवाल आता ही होगा कि, आखिर क्‍यों बार-बार भूकंप के झटके लग रहे हैं। दरअसल, धरती मुख्य तौर पर चार परतों से बनी होती है। इनर कोर, आउटर कोर, मैन्टल और क्रस्ट। क्रस्ट और ऊपरी मैन्टल कोर को लिथोस्फेयर कहते हैं। ये 50 किलोमीटर की मोटी परत कई वर्गों में बंटी हुई है, जिसे टैक्टोनिक प्लेट्स कहते हैं। ये टैक्टोनिक प्लेट्स अपनी जगह पर कंपन करती रहती हैं और जब इस प्लेट में बहुत ज्यादा कंपित हो जाती हैं, तो भूकंप के झटके महसूस होते हैं।

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