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दिवाली पर पटाखे फोड़ना
दिवाली पर पटाखे फोड़ना|Priyanka Sahu -RE
उत्तर भारत

सावधान! इस दिवाली पर पटाखे फोड़ना पड़ सकता है महंगा

अगर आप भी दिवाली पर पटाखे फोड़ने का मन बना रहे हो तो, सावधान हो जाइए, क्योंकि यह आपके लिए महंगा पड़ सकता और आपको जेल एवं 10 करोड़ तक का जुर्माना भी भरना पड़ सकता है, जानिए ऐसा क्‍यों...?

Priyanka Sahu

Priyanka Sahu

राज एक्‍सप्रेस। वैसे सभी लोगों की दिवाली की तैयारियों जोरा-शोरों से चल रही हैं, वहीं कुछ लोग पटाखें फोड़ने की प्लानिंग व बड़ी-बड़ी बात करते हैं, अरे हम इतने पटाखे फोड़ेगे, ये-वो.....! तो, आप अगर पटाखे को लेकर ऐसा कुछ मन बना रहे हैं तो सावधान हो जायें, क्‍योंकि इस दिवाली पर सरकार ने अपना फरमान जारी कर दिया है।

क्‍या है सरकार का फरमान?

दरअसल, दिवाली के त्यौहार पर पटाखे फोड़ने वालों को 5 से 7 साल तक की जेल की सजा का प्रावधान, साथ ही 10 करोड़ के जुर्माने का भी भुगतान करना होगा। जी हाँ! सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष जितेंद्र मोहन शर्मा और एडवोकेट कालिका प्रसाद काला का कहना है कि, ''हवा को प्रदूषित होने से रोकने के लिए पर्यावरण संरक्षण अधिनियम और वायु प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम बनाए गए हैं, इसके तहत जेल की सजा और जुर्माने का प्रावधान किया गया है।''

अगर प्रदूषण कोई कंपनी फैलाती है, तो एनजीटी उस पर 25 करोड़ रूपये तक जुर्माना लगा सकता है, अगर इसके बावजूद कंपनी प्रदूषण नहीं रोकती है और एनजीटी के आदेश के पालन नहीं करती है, तो उस पर रोजाना के हिसाब से एक लाख रूपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।
एडवोकेट कालिका प्रसाद काला

सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट जितेंद्र मोहन शर्मा

स्वच्छ वायु जीवन से जुड़ी हुई हैं, लिहाजा किसी को वायु प्रदूषित करने का अधिकार नहीं है। संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन जीने के मौलिक अधिकार के तहत स्वच्छ हवा पाने का अधिकार भी आता है। सुप्रीम कोर्ट भी अपने फैसले में यह बात साफ कर चुका है।
जितेंद्र मोहन शर्मा, सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट