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शिक्षा के साथ संगठित होना जरूरी : विजय गोयल
शिक्षा के साथ संगठित होना जरूरी : विजय गोयल |Sushil Dev
उत्तर भारत

शिक्षा के साथ संगठित होना जरूरी : विजय गोयल

नई दिल्ली : पोददार महामिलन में शिक्षा पर दिया बल-राज्यसभा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने शिक्षा के साथ संगठित होना जरूरी बताया

Sushil Dev

राज एक्सप्रेस। राज्यसभा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री विजय गोयल ने कहा कि वैश्य बनिया भले ही व्यापार-कारोबार करके अपनी जीविका चला रहे हैं लेकिन अभी भी एक बहुत बड़ा तबका शिक्षा के क्षेत्र में पीछे है। समाज में आगे बढ़ने और प्रगति करने के लिए शिक्षा को अपना हथियार बनाने की जरूरत है। नई दिल्ली में आयोजित वैश्य पोद्दार विकास एवं कल्याण महासभा के वार्षिक महामिलन में वे मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि बिहार के पोद्दार बंधुओं को यहां संगठित देखकर प्रसन्नता हुई। उन्होंने अपील की कि, शिक्षा के क्षेत्र में हमें हर स्तर पर जागरूक होना जरूरी है।

महामिलन आईटीओ स्थित राजाराम मोहन राय मेमोरियल हॉल में आयोजित हुआ जिसमें दिल्ली—एनसीआर के करीब 400 से ज्यादा पोद्दार बंधुओं ने हिस्सा लिया। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और नेपाल से भी लोगों ने हिस्सा लिया। इस मौके पर बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। कविता, भाषण, नृत्य और गायन से बच्चों ने सबका मन मोह लिया। दिल्ली पुलिस में कार्यरत अजीत पोद्दार और विनोद पोद्दार ने अपनी गायिकी से मंत्रमुग्ध किया।

इस मौके पर संस्था के महासचिव प्रणव प्रकाश पोद्दार ने कहा कि राजधानी दिल्ली में रह रहे सैकड़ों परिवारों को अपने हक के लिए सबसे पहले संगठित होना पड़ेगा। उन्होंने कार्यक्रम की सफलता के लिए महासभा के कार्यकर्ताओं की सराहना की। उनके अलावा कोषाध्यक्ष सुरेश पोद्दार, उपाध्यक्ष अशोक देव, गणेश पोददार, संजय पोद्दार, लल्लन पोद्दार, शशि भूषण पोददार, नवीन निश्चल पोददार आदि की सराहनीय भूमिका रही।

महासभा के अध्यक्ष महेश कुमार पोद्दार ने कहा कि हर साल अपनी संस्कृति और परंपरा को अक्षुण्ण रखने के लिए इस महामिलन का आयोजन होता है। इसमें आपसी परिचय, शादी-विवाह संबंधी बातचीत या अपनी समस्याएं और सुविधाओं पर चर्चा की जाती है। उन्होंने बताया कि असल में यह वार्षिक मिलने-जुलने का कार्यक्रम है, जहां से हम आगे की बात कर पाते हैं। उन्होंने बताया कि श्री गोयल के समक्ष बिहार की तर्ज पर दिल्ली में भी आरक्षण की मांग रखी। सबने इस मौके पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को भी याद किया।