उत्‍तर प्रदेश: कानपुर शेल्टर होम मामले की जांच में चौंकाने वाला खुलासा
उत्‍तर प्रदेश: कानपुर शेल्टर होम मामले की जांच में चौंकाने वाला खुलासा|Social Media
उत्तर भारत

उत्‍तर प्रदेश: कानपुर शेल्टर होम मामले की जांच में चौंकाने वाला खुलासा

उत्‍तर प्रदेश के कानपुर में शेल्टर होम मामले पर प्रशासन की ओर से की गई जांच में चौंकाने वाले कई बड़े खुलासे हुए, साथ ही शेल्टर होम की क्षमता कम और लड़कियों की संख्‍या ज्‍यादा होने की बात भी सामने आई।

Priyanka Sahu

Priyanka Sahu

उत्‍तर प्रदेश, भारत। देश कोरोना वायरस के संकटकाल के बीच कानपुर में राज्य सरकार द्वारा संचालित बालिका संरक्षण गृह से सामने आए मामले ने तूल पकड़ा हुआ है, इसी के चलते जब कानपुर शेल्टर होम मामले पर प्रशासन की ओर से जांच की गई तो इसमें भी चौंकाने वाले कई बड़े खुलासे सामने आए हैं।

मानवाधिकार आयोग ने लिया संज्ञान :

कानपुर के शेल्टर होम राजकीय बालगृह में रह रहीं 171 में से 57 लड़कियों के कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद से ही इस मामले पर विवाद खड़ा हुआ, जो अभी तक थमा नहीं है। वहीं, इस मामले में अब राष्‍ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने स्वत: संज्ञान लिया है। एसपी पश्चिम के मुताबिक, गर्भवती 7 किशोरियों में से 5 को घर वालों ने ठुकरा दिया था, तो 2 ने घर जाने से ही इंकार कर दिया था, ऐसे में सभी को बालिका गृह भेज दिया गया था। पूरे मामले की रिपोर्ट मीडिया के साथ शासन को भी भेज दी गई है।

प्रशासन के रिकॉर्ड के मुताबिक, बालिका गृह लाने से पहले सभी गर्भवती थीं। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां दाखिल कराने से पहले पुलिस ने इनका मेडिकल कराया था। रिपोर्ट में ये गर्भवती थीं। यह भी दावा किया गया कि, किशोरियों को भी प्रेग्नेंसी का पता था। पुलिस अब यह तथ्य का पता लगा रही है कि बालिका गृह लाए जाने के पहले से किशोरियां कितने माह के गर्भ से थीं, रिकॉर्ड रूम से मेडिकल रिपोर्ट तलब की गई है।

शेल्टर होम की क्षमता कम और लड़कियां ज्‍यादा :

इस दौरान ये बात भी सामने आई है कि, कानपुर शेल्टर होम की क्षमता करीब 100 लड़कियों को रखने की है, लेकिन यहां 171 लड़कियां रहती थीं, यानी शेल्टर होम की क्षमता से अधिक लड़कियां यहां थीं। बीते 6-7 महीने में आईं कुछ लड़कियों के गर्भवती होने की पूरी जानकारी डीपीओ को थी, उसके बावजूद भी महामारी के संक्रमण काल में इन लड़कियों को अलग रखने का इंतजाम नहीं किया गया।

डीपीओ अजित कुमार ने बताया कि, जिन पांच गर्भवती लड़कियों को कोविड मिला है, उनमें 4 के केस में संबंधित जिलों के कोर्ट में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। कन्नौज के एक केस में जांच जारी है। वहीं, जांच के लिए एसडीएम और सीओ की एक कमिटी बनाई गई है, लेकिन यह नहीं साफ है कि जांच किन पहलुओं पर होगी।

बता दें कि, इस मामले ने तब तूल पकड़ा, जब बालिका गृह में कोरोना पॉजिटिव की संख्या काफी अधिक मिली, एक के संक्रमित मिलने के बाद जब सभी के सैंपल लिए गए तो 57 लड़कियां वायरस संक्रमण की चपेट में आ चुकी थीं। सात गर्भवती में पांच पॉजिटिव तो दो की रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं, आठ माह की गर्भवती दो किशोरियों को हैलट तो तीन को रामा कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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