जम्मू-कश्मीर: महबूबा मुफ्ती की बढ़ी टेंशन-हिरासत अवधि 3 महीने बढ़ाई

जम्मू-कश्मीर की पूर्व CM और PDP की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती को झटका, क्योंकि सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (PSA) के तहत उनकी नजरबंदी को 3 महीने के लिए बढ़ा दिया है।
जम्मू-कश्मीर: महबूबा मुफ्ती की बढ़ी टेंशन-हिरासत अवधि 3 महीने बढ़ाई
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जम्मू कश्मीर, भारत। जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती पिछले साल यानी 2019 से ही जन सुरक्षा कानून के तहत नजरबंद रखा गया है, भारत में कोरोना के प्रकोप के बीच आज फिर ये खबर सामने आ रही है कि, महबूबा मुफ्ती की हिरासत को तीन महीने तक के लिए और बढ़ा दिया गया।

5 नवंबर तक हिरासत में रहेंगी मुफ्ती :

PDP की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती एक और टेंशन बढ़ गई है, क्योंकि सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (PSA) के तहत उनको हिरासत में रखने की अवधि को 3 महीने तक बढ़ा दिया गया है, अब वे 5 नवंबर 2020 तक हिरासत में रहेंगी। मुफ्ती की हिरासत की तारीख 5 अगस्त को समाप्त हो रही थी। वहीं, कोरोना संकट को देखते हुए मुफ्ती को अस्थायी जेल से उनके घर में शिफ्ट किया जा चुका है।

मुफ्ती पर तीसरी बार पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत कार्रवाई :

पब्लिक सेफ्टी एक्ट के तहत पहली बार महबूबा मुफ्ती को 6 महीने पहले आरोपित किया गया था और ऐसा तीसरी बार है जब उन पर इसी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। बता दें कि, जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लेने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बंटाने के विरोध में हुए प्रदर्शन के दौरान महबूबा मुफ़्ती को साल 2019 में पाँच अगस्त को हिरासत में लिया गया था, तभी से वे हिरासत में ही हैं।

महबूबा मुफ़्ती के अलावा सरकार ने तमाम राजनेताओं को भी हिरासत में लिया था। इस दौरान जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, फारूख अब्दुल्ला और कई अन्य राजनेता हिरासत में लिए गए थे। हालांकि, हालात सामान्य होने के साथ बीते दिनों इनमें से उमर अब्दुल्ला, फारूक अब्दुल्ला और कई अन्य राजनेताओं को श्रीनगर में रखा गया था, जहां से वे रिहा हुए।

भारत की केंद्र सरकार ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर राज्य को मिलने वाले विशेष दर्जे को समाप्त कर राज्य को 2 केंद्र शासित प्रदेशों 'जम्मू-कश्मीर और लद्दाख़' में बाँट दिया था।

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