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प्रदूषण जांच केंद्र
प्रदूषण जांच केंद्र|Pankaj Baraiya - RE
उत्तर भारत

डीटीसी के डिपो और टर्मिनल पर खुले ‘प्रदूषण जांच केंद्र’

नई दिल्ली: डीटीसी के डिपो और टर्मिनल पर ‘प्रदूषण जांच केंद्र’ खुल गए, वर्तमान में दिल्ली में 941 प्रदूषण जांच केंद्र कार्य कर रहे हैं।

Sushil Dev

हाइलाइट्स

  • डीटीसी के डिपो और टर्मिनल पर प्रदूषण जांच केंद्र खोल दिए गए हैं।

  • 1 सितंबर 2019 से यातायात नियमों के तहत बढ़े हुए जुर्माना लागू होने से दिल्ली में दिक्कतें।

  • प्रदूषण जांच केंद्रों पर प्रतिदिन 2200 से अधिक प्रदूषण सर्टिफिकेट बनवाए गए

  • दिल्ली सरकार ने सभी अधिकारियों के साथ कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए ।

राज एक्सप्रेस। दिल्ली सरकार के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने बताया कि 1 सितंबर, 2019 से यातायात नियमों के तहत बढ़े हुए जुर्माना लागू होने के बाद से दिल्ली में जो दिक्कतें पैदा हो गई हैं, उससे निपटने के लिए दिल्ली परिवहन मंत्रालय में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। ज्ञात हो कि दिल्ली में लगभग 1 करोड़ 10 लाख वाहन हैं। इनमें से अगर पेट्रोल वाले 15 साल से अधिक पुराने और डीजल वाले 10 साल से अधिक पुराने वाहनों को निकाल दिया जाए, तो लगभग 70 लाख वाहन बाकी बचते हैं।

इनमें से जो वाहन यूरो फोर से पहले के हैं उन्हें 3 महीने में एकबार अपना प्रदूषण सर्टिफिकेट रिन्यू कराना होता है, जबकि यूरो फोर के बाद वाले वाहनों को साल में एक बार अपना प्रदूषण सर्टिफिकेट रिन्यू कराना होता है। परिवहन मंत्री ने यह भी बताया कि कई जगह से हमें शिकायत मिली कि कुछ प्रदूषण जांच केंद्र तय राशि से अधिक पैसे ले रहे हैं। दिल्ली सरकार ने तुरंत प्रभाव से कार्रवाई की, जिसके तहत दो प्रदूषण जांच केंद्रों को बंद किया जा रहा है।

एक सितंबर ऐतिहासिक मायने :

1 सितंबर 2019 से पहले लगभग 15000 वाहन प्रतिदिन के हिसाब से यातायात प्रदूषण सर्टिफिकेट रिन्यू कराते थे, जबकि 1 सितंबर के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 45000 से भी अधिक हो गया है और प्रतिदिन के हिसाब से यह आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है। वहीं 1 सितंबर के बाद से जिन प्रदूषण जांच केंद्रों पर प्रतिदिन 2200 से अधिक प्रदूषण सर्टिफिकेट बनवाए गए, उनमें मंगोलपुरी में डीडीए सब डिस्टिक सेंटर, नोएडा मथुरा रोड पर सविता सर्विस सेंटर, महानंद माई मार्ग पर, आई पी स्टेट, कालकाजी एक्सटेंशन, गीता कॉलोनी, झरोंदा माजरा, नजफगढ़, नांगलोई रोड मुख्य रूप से शामिल हैं। इस पूरी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए दिल्ली सरकार ने सभी अधिकारियों के साथ एक बैठक की, जिसमें कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं।

ये हैं महत्वपूर्ण निर्णय:

  • वर्तमान में दिल्ली में 941 प्रदूषण जांच केंद्र कार्य कर रहे हैं। इन सभी जांच केंद्रों का समय बढ़ाकर सुबह 7 बजे से लेकर रात को 10 बजे तक कर दिया गया है।

  • सर्वर की क्षमता को बढ़ाया गया है। अभी तक जो प्रदूषण सर्टिफिकेट बनाने का औसत आया, वह 3260 प्रदूषण सर्टिफिकेट प्रति घंटे का है। सर्वर की क्षमता बढ़ाने के बाद यह लगभग 6000 प्रदूषण सर्टिफिकेट प्रति घंटा तक हुआ है।

  • स्थिति को और सरल बनाने के लिए नए पॉल्यूशन सेंटर खोलने के लिए आमंत्रण के लिए विज्ञापन दिया जा रहा है, जिससे कि अधिक से अधिक प्रदूषण जांच केंद्र खोले जा सकें।

  • डीटीसी के लगभग सभी डिपो और टर्मिनल्स में जो प्रदूषण जांच केंद्र होते हैं, उनको आम जनता के लिए भी खोल दिया गया है। सुबह 11 बजे से लेकर शाम को 7 बजे तक वहां जाकर भी अपने वाहन का प्रदूषण सर्टिफिकेट बनवा सकते हैं।

  • परिवहन आयुक्त-डिविजनल कमिश्नर को आदेश दिए गए हैं कि, जिन केंद्रों पर बहुत अधिक भीड़ है वहां पर 4 से 5 सिविल डिफेंस के कार्यकर्ताओं को तैनात किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था को बिगड़ने से रोका जा सके।