UP के महाराजगंज में राजनाथ सिंह और CM योगी ने महंत अवेद्यनाथ की मूर्ति का किया अनावरण
UP के महाराजगंज में राजनाथ सिंह और CM योगी ने महंत अवेद्यनाथ की मूर्ति का किया अनावरणSyed Dabeer Hussain - RE

UP के महाराजगंज में राजनाथ सिंह और CM योगी ने महंत अवेद्यनाथ की मूर्ति का किया अनावरण

उत्तर प्रदेश में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराजगंज में महंत अवेद्यनाथ की मूर्ति का अनावरण किया और समारोह को संबोधित कर यह बातें कहीं...

उत्‍तर प्रदेश, भारत। उत्तर प्रदेश में आज शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराजगंज में महंत अवेद्यनाथ की मूर्ति का अनावरण किया। इस दौरान राजनाथ सिंह और CM योगी ने जनपद महराजगंज में महंत अवेद्यनाथ जी की मूर्ति अनावरण समारोह को संबोधित भी किया।

आज दुनिया के अंदर वो भारत के जज्बे को प्रदर्शित कर रहा है :

महराजगंज में महंत अवेद्यनाथ जी की मूर्ति अनावरण समारोह को पहले CM योगी ने संबोधित किया और कहा- पहले जब जिस देश की मर्जी आती थी, तब भारत के अंदर घुसपैठ कर लेता था। लेकिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नए भारत ने जो अपना तेज दिखाया है। आज दुनिया के अंदर वो भारत के जज्बे को प्रदर्शित कर रहा है। 2014 से पहले देश की आंतरिक स्थिति बहुत खराब थी। कहीं नक्सलवाद और माओवाद सर चढ़कर बोल रहा था। कहीं पूर्वोत्तर का उग्रवाद सर पर था, अलगाववाद चरम पर था। कहीं, कश्मीर का उग्रवाद देश की एकता और अखंडता को चुनौती दे रहा था।

राजनाथ सिंह का संबोधन :

इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने समारोह में अपने संबोधन में कहा- बह्मलीन गोरक्षपीठ के पीठाधीश्वर पूज्य अवेद्यनाथ जी का व्यक्तित्व अद्भुत था। उनके सहज व्यक्तित्व से मैं बेहद प्रभावित था। मैं हर महीने उनका आशीर्वाद लेने के लिए गोरक्षपीठ आता रहता था। शोध कार्य के वक्त भी मुझे उनका सानिध्य मिलता रहा।

राजनाथ सिंह द्वारा कही गई बातें-

  • गोरक्षपीठ और नाथ संप्रदाय ने सनातन धर्म की रक्षा और संवर्धन के लिए जितना कार्य किया है, उसकी जितनी प्रशंसा की जाए, वो कम है।

  • आजादी हासिल होने के दो वर्ष बाद 1949 में सबसे पहले रामलला के जन्मस्थान पर पूजा करने का काम तत्कालीन गोरक्षपीठाधीश्वर महंत दिग्विजयनाथ ने किया था।

  • नाथ संप्रदाय ने कभी किसी को जाति, पंथ और मजहब के आधार पर बांटने का नहीं बल्कि जोड़ने की कोशिश की। जिन्हें अछूत कहा जाता था, उन्हें मंदिर में प्रवेश देने की पहल महंत पूज्य अवैद्यनाथ जी महाराज ने की थी।

  • सामाजिक समरसता को हासिल करने के लिए नाथ संप्रदाय ने जिस प्रकार की भूमिका निभाई है, उसकी जितनी भी प्रशंसा की जाए, वो कम है।

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