UP के कानपुर में आने वाली है रूसी कोरोना वैक्सीन 'स्‍पूतनिक-5' की पहली खेप

उत्‍‍‍‍तर प्रदेश के कानपुर गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज में रूस की स्‍पूतनिक-5 वैक्सीन की पहली खेप अगले हफ्ते पहुंचने की संभावना है। अब जल्‍द ही UP में शुरू होगा रूसी वैक्सीन का ट्रायल...
UP के कानपुर में आने वाली है रूसी कोरोना वैक्सीन 'स्‍पूतनिक-5' की पहली खेप
UP के कानपुर में आने वाली है रूसी कोरोना वैक्सीन 'स्‍पूतनिक-5' की पहली खेपSocial Media

उत्‍तर प्रदेश, भारत। दुनिया भर में महामारी कोरोना वायरस का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है, इसी बीच तमाम देश इस खतरनाक वायरस कोरोना की दवाई और वैक्सीन बनाने की रेस में दौड़ लगा रहे थे, जिसमें रूस ने यह रेस की जीतकर दुनिया की पहली 'स्पूतनिक-वी' (Sputnik V) नाम की कोरोना वैक्सीन तैयार किया और अब ये खबर सामने आ रही है कि, रूस की स्‍पूतनिक-5 वैक्सीन की पहली खेप अगले हफ्ते उत्‍‍‍‍तर प्रदेश के कानपुर पहुंचने की संभावना है।

UP में जल्द शुरू होगा रूसी वैक्सीन का ट्रायल :

एक आधिकारिक जानकारी के अनुसार, कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए रूस की कोविड-19 वैक्सीन 'स्‍पूतनिक-5' की पहली खेप के अगले हफ्ते कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज पहुंचने की संभावना है, जहां वैक्सीन के दूसरे और तीसरे चरण के ह्यूमन क्लिनिकल ट्रायल होंगे। एक आधिकारिक जानकारी के अनुसार, ''ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) से डॉक्‍टर रेड्डी प्रयोगशाला को अनुमोदन मिलने के बाद दूसरे और तीसरे चरण का मानव क्‍लीनिकल परीक्षण किया जायेगा।''

टीके का परीक्षण अगले सप्‍ताह से शुरू हो जाएगा। परीक्षण के लिए तकरीबन 180 वॉलंटियर्स ने पंजीकरण कराया।

कॉलेज के प्रधानाध्यापक आर.बी. कमल

डॉक्‍टर सौरभ अग्रवाल करेंगे टीके की खुराक का निर्धारण :

कानपुर के गणेश शंकर विद्यार्थी मेडिकल कॉलेज के प्रधानाध्यापक आर.बी. कमल ने आगे ये भी बताया- शोध प्रमुख डॉक्‍टर सौरभ अग्रवाल टीके की खुराक का निर्धारण करेंगे। संबंधित व्‍यक्ति को एक खुराक देने के बाद यह तय किया जाएगा कि, उसे आगे और खुराक देनी है या नहीं। एक खुराक देने के बाद स्‍वयंसेवकों की निगरानी के साथ उनकी समय-समय पर जांच की जाएगी और इसके बाद तय होगा कि और खुराक दी जाए या नहीं।

उन्‍होंने ये भी बताया कि, "स्‍वयंसेवकों पर किये गये परीक्षण के डेटा के आधार पर तय किया जाएगा कि टीका सफल हो रहा है या नहीं। एक या दो बार टीका लगाने के बाद उसके प्रभाव का सात माह तक अध्‍ययन किया जाएगा। टीके के प्रभाव का एक माह तक अवलोकन करने के बाद अधिकारियों को इसके परिणाम से अगवत कराया जाएगा और उसके अनुसार ही कोई फैसला किया जाएगा।''

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