झींगा किसानों की आयोजित कार्यशाला
झींगा किसानों की आयोजित कार्यशालाSocial Media

हरियाणा में मछली पालकों को एडवांस सब्सिडी देगी प्रदेश सरकार : मनोहर लाल

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मत्स्य पालक किसानों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार से मिलने वाली सब्सिडी में देरी होने की सूरत में हरियाणा सरकार एडवांस में सब्सिडी देगी।

सिरसा। केंद्र सरकार की मत्स्य संपदा योजना को हरियाणा में बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल (Manihar Lal) ने मत्स्य पालक किसानों (Fish Farmers) के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार से मिलने वाली सब्सिडी में देरी होने की सूरत में हरियाणा सरकार एडवांस में सब्सिडी (Advance Subsidy) देगी। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने मछली पालकों की मांग पर सिरसा में मछलीपालन से संबंधित टेस्टिंग लैब तथा मछली की खरीद एवं बिक्री के लिए झज्जर में थोक मछली मार्केट स्थापित करने की भी घोषणा की है।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल सोमवार को जिले के चोरमार खेड़ा गांव में झींगा किसानों (Prawns Farming) की आयोजित कार्यशाला में बोल रहे थे। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने जिले के मिठड़ी गांव में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की लाभार्थी श्रीमती वीरपाल कौर और गुरप्रीत सिंह के झींगा उत्पादन प्लॉट का अवलोकन भी किया। इस दौरान मत्स्य विभाग के विशेष सचिव जयवीर सिंह आर्य,जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों की आय को दोगुनी करने के लिए नई-नई योजनाएं और प्रकल्प बना रहे हैं। उसी में से एक मछलीपालन भी एक है। साधारण किसान अन्य फसलों के मुकाबले पशुपालन, मछलीपालन, मशरूम उत्पादन आदि से अच्छी आमदनी ले सकता है। उन्होंने आह्वान किया कि प्रगतिशील किसान आगे बढ़े और अन्य किसानों को भी मछली पालन व्यवसाय से जुड़ने के लिए प्रेरित करें। प्रदेशभर में सिरसा जिले के किसानों को झींगा उत्पादन में पहल करने पर विशेष बधाई दी।

उन्होंने कहा कि भिवानी जिले के गरवा गांव में 30 करोड़ रुपये की लागत से एक्वापार्क बनाया जाएगा। यह एक्वापार्क 25 एकड़ में होगा। इसमें मछली पालन से जुड़े नए-नए शोध, मछली पालन की नई किस्म, बीज पर शोध किया जाएगा। इससे मछली पालकों को सीधे लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से मिलने वाला लाभ अगले तीन वर्ष तक मिलेगा। झींगा बड़ी मात्रा में एक्सपोर्ट किया जाता है। इससे विदेशी मुद्रा देश में आती है जो भारत की आर्थिक तरक्की के लिए महत्वपूर्ण है। इस तरह के प्रकल्प श्री मोदी के पांच लाख करोड़ डॉलर (पांच ट्रिलियन) की इकनॉमी के सपने को पूरा करने में अपना योगदान देगा। भारत इसके लिए मछली पालन से जुड़ी नई-नई तकनीक पर कार्य कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसान क्रेडिट कार्ड की तरह मछली पालक किसानों को क्रेडिट कार्ड की सुविधा उपलब्ध करवा रही है। इसी प्रकार मछली पालन में बीमा करने के लिए भी सरकार बैंक और बीमा कंपनियों से बातचीत कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मछली पालन में बिजली खपत एक बड़ा विषय है। फिलहाल सरकार जिन किसानों की खपत 20 किलोवाट है, उन्हें 4.75 प्रति यूनिट दर पर बिजली उपलब्ध करवा रही है। मछली पालक अपने प्लॉट पर सोलर प्लॉट भी लगा सकते हैं। इसके लिए उन्हें प्रति हार्स पावर 20 हजार रुपये की सब्सिडी दी जा रही है, जो अधिकतम 2 लाख रुपये तक हो सकती है।

कृषि एवं मत्स्य पालन मंत्री जयप्रकाश दलाल ने बताया कि हम हरियाणा में निरंतर सेम व खारे पानी वाली जमीन में झींगा उत्पादन को बढ़ावा दे रहे हैं। वर्ष 2014-15 में झींगा पालन का क्षेत्र 70 एकड़ था और कुल उत्पादन 140 टन था जो 2021-22 में बढ़कर 1250 एकड़ और 2900 टन हो गया है। सरकार ने इस वर्ष का लक्ष्य 1250 एकड़ से बढ़ाकर 2500 एकड़ करने तथा उत्पादन 2900 टन से चार हजार मीट्रिक टन रखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा में वर्ष 2014 में कुल 43 हजार एकड़ में एक लाख टन मछली उत्पादन होता था और इस वर्ष यह लक्ष्य बढ़ाकर 54 हजार एकड़ और दो लाख 10 हजार टन रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 25 लाख मत्स्य बीज उपलब्ध करवाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। श्री दलाल ने कहा कि प्रदेश के 10 हजार किसानों को झींगा मछलीपालन करके करोड़पति बनाने का लक्ष्य लिया है।

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