JNU Student Sharjeel Imam
JNU Student Sharjeel Imam|Social Media
उत्तर भारत

JNU छात्र पर देशद्रोह का मामला दर्ज और सियासी बयानबाजी जारी

JNU के छात्र शरजील इमाम के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज हुआ है। वहीं, देशद्रोही वाले बयान पर सियासी बयानबाजी जारी है और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

Priyanka Sahu

Priyanka Sahu

राज एक्‍सप्रेस। देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के नाम पर दिल्‍ली में बनी यूनिवर्सिटी JNU के छात्र शरजील इमाम (JNU Student Sharjeel Imam) के देशद्रोही बयान को लेकर सियासी बयानबाजी जारी है, तो वहीं सभी सियासी पार्टियों ने मांग की है कि उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

देशद्रोह का मुकदमा दर्ज :

JNU के छात्र शरजील इमाम के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज हुआ है और उसे ढूंढने के लिए पुलिस लगातार जगह-जगह छापेमारी भी कर रही है। इस दौरान उसकी अंतिम लोकेशन पटना में मिली है।

क्‍या है मामला?

बताते चलें कि, शरजील इमाम ने बीते दिनों अलीगढ़ मुस्लिम विश्‍वविद्यालय (AMU) में दिए अपने भाषण में असम को शेष भारत से अलग करने की बात कही थी। उसने कहा था कि असम को काटना हमारी जिम्मेदारी है।

FIR के बाद अंडरग्राउंड हुआ शरजील इमाम :

इसके बाद अलीगढ़ व असम में शरजील इमाम के खिलाफ देशद्रोह व धर्म के आधार पर वैमनस्‍यता फैलाने सहित कई संगीन आरोपों को लेकर FIR दर्ज की गई, फिलहाल वह अंडरग्राउंड हो गया है, लेकिन पुलिस उसे गिरफ्तार करने के लिए तलाश में जुटी हुई है।

शरजील इमाम के भाषण पर नेताओं की प्रतिक्रिया :

वहीं, अगर सियासी बयानबाजी की बात करें तो शरजील इमाम के भाषण पर कई नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। जेडीयू के राष्‍ट्रीय महासचिव केसी त्‍यागी ने उसे उत्‍तेजना फैलाने वाला तथा विध्‍वंसक बताते हुए कहा कि, इससे शांतिपूर्ण आंदोलन भी बदनाम हुआ है।

इसके अलावा पार्टी प्रवक्ता राजीव रंजन का यह कहना है कि, शरजील के खिलाफ कार्रवाई की जाएं, इसमें बिहार सरकार केंद्र सरकार को पूरी मदद करेगी।

देश की एकता व अखंडता के खिलाफ साजिश बर्दाश्‍त नहीं की जा सकती। असम को देश से अलग करने की मांग कभी मोहम्‍मद अली जिन्ना ने भी की थी। उन्‍होंने शरजील जैसे तत्‍वों को भारत विरोधी ताकतों से धन व समर्थन मिलने का आरोप लगाया। साथ ही शाहीनबाग के आंदोलन पर भी टिप्‍पणी करते हुए कहा कि, वहां के लोग चाहते हैं कि भारत धर्मनिरपेक्ष नहीं रहे। असम को जिन्‍ना भी पाकिस्‍तान में शामिल करना चाहते थे।
BJP सांसद आरके सिंह

इसके अलावा कांग्रेस प्रवक्ता राजेश राठौर ने कहा कि, ऐसे बयानों को किसी धर्म या सम्प्रदाय से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। असम देश का अखंड भाग है, इसे अलग करने की बात करनेवालों पर सख्त करवाई की जानी चाहिए। असम तो बड़ी बात है, एक इंच भूमि भी नहीं देंगे। पुलिस उसे पाताल से भी खोजकर निकाले।

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