हाथरस पीड़िता के दाह संस्कार पर उठ रहे सवालों के बीच UP के ADG की सफाई
उत्तर प्रदेश के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने हाथरस गैंगरेप पीड़िता का जबरन अंतिम संस्कार को लेकर उठ रहे सवालों पर कहा-हाथरस गैंगरेप पीड़िता के शव का अंतिम संस्कार पुलिस ने जबरन नहीं किया।
हाथरस पीड़िता के दाह संस्कार पर उठ रहे सवालों के बीच UP के ADG की सफाई
हाथरस पीड़िता के दाह संस्कार पर उठ रहे सवालों के बीच UP के ADG की सफाईSocial Media

उत्‍तर प्रदेश, भारत। उत्तर प्रदेश के हाथरस में 19 साल की गैंगरेप पीड़िता दलित युवती के साथ दबंगों की हवस की घिनौनी हरकत व हैवानियत की दुर्भाग्यपूर्ण घटना और फिर देर रात के अंधेरे में पुलिस ने पीड़िता के दाह संस्कार किया। पुलिसवालों की इस अमानवीयता को लेकर पूरे देश में आक्रोश है और इस मामले में पुलिस सवालों के घेरे में है। इसी बीच हाथरस गैंगरेप पीड़िता के देर रात जबरन अंतिम संस्कार को लेकर हो रहे विराध पर उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) लॉ ऐंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने सफाई दी है।

खराब हो रही थी पीड़िता की डेडबॉडी :

पुलिस पर उठ रहे सवालों के बीच उत्तर प्रदेश के अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) लॉ ऐंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने अपने बयान में ये दावा किया है कि, ''परिजनों की सहमति से ही पीड़िता का अंतिम संस्कार किया गया। पीड़िता की डेडबॉडी भी खराब हो रही थी, इसलिए घर के लोगों ने सहमति जताई थी कि रात में ही अंतिम संस्कार कर दिया जाना उचित होगा। इसके अतिरिक्त अभी आधिकारिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं आई हैं। उसमें जो भी तथ्य होंगे उसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।''

ADG प्रशांत कुमार ने आगे ये भी कहा, ''इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए शासन ने उच्चस्तरीय कमिटी का गठन किया है जिसका नेतृत्व गृह सचिव भगवान स्वरूप कर रहे हैं। उनकी सहायता के लिए एक डीआईजी स्तर का अधिकारी और एक एसपी स्तर की महिला अधिकारी लगाई गई हैं, ताकि अगर स्थानीय पुलिस के द्वारा कोई चूक हुई है तो उस चीजों को अंगित करें।''

एडीजी ने कहा कि शासन की मंशा बालिकाओं और महिलाओं के खिलाफ अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस की है।

क्या है पूरा मामला

बता दें कि, 14 सितंबर को एक दलित युवती के साथ कुछ दरिंदों ने गैंगरेप किया, फरार होने से पहले आरोपियों ने क्रूरता की सभी हदें पार करते हुए युवती को बेरहमी से मारा पीटा। वहीं, दिल्ली स्थित सफदरजंग अस्पताल में मौत होने के बाद पीड़िता का शव का मंगलवार देर रात हाथरस लाया गया था, इस दौरान ग्रामीणों और परिजनों ने विरोध करने के बावजूद भी पुलिस ने रात ढाई बजे ही गुपचुप तरीके से पीड़िता का अंतिम संस्कार करा दिया, इसी को लेकर पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं।

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