नौकरियों में चयन और पदोन्नति, दोनों में लाये तेजी : योगी
नौकरियों में चयन और पदोन्नति, दोनों में लाये तेजी : योगीRaj Express

नौकरियों में चयन और पदोन्नति, दोनों में लाये तेजी : योगी

योगी ने कहा कि अभी 297 तहसीलदारों को उपजिलाधिकारी के रूप में प्रमोट किया गया है। जबकि नायब तहसीलदार को तहसीलदार के रूप में पदोन्नत किया गया है।

लखनऊ, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को राजस्व सेवा के नवनियुक्त अधिकारियों को नियुक्ति पत्र देते हुए कहा कि सरकार रोजगार सृजन की दिशा में सक्रिय प्रयास कर रही है, इसी का नतीजा है कि न सिर्फ चयन प्रक्रिया बल्कि पदोन्नति की अवरुद्ध गति में भी तेजी आयी है।

योगी ने कहा कि अभी 297 तहसीलदारों को उपजिलाधिकारी के रूप में प्रमोट किया गया है। जबकि नायब तहसीलदार को तहसीलदार के रूप में पदोन्नत किया गया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा भर्ती प्रक्रिया में 556 कनिष्क सहायकों की नियुक्ति हुई है और आठ हजार से अधिक लेखपालों की चयन प्रक्रिया शुरू हो गई है।

इस अवसर पर 57 नायब तहसीलदारों को नियुक्ति पत्र दिया गया। इनके अलावा 141 प्रवक्ता और 69 सहायक अध्यापकों को भी नियुक्ति पत्र मिला। उन्होंने नवनियुक्त अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुये कहा कि इससे राजस्व विभाग के कामों में गति आएगी।

उन्होंने कहा कि, प्रदेश के अंदर राजस्व विभाग में नायब तहसीलदार एक महत्वपूर्ण कड़ी है। ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि आवंटन, राजस्व देय, जन सामान्य की शिकायतों के निस्तारण, ग्राम समाज की भूमि पर अवैध अतिक्रमण हटवाने, पंचायतनामा करने, उच्च न्यायालय में शपथ पत्र दाखिल करवाने आदि कार्य होते हैं, इन सभी कामों में अब तेजी आयेगी। इससे जनता की सहूलियतों में इजाफा होगा।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने 'स्वरोजगार संगम कार्यक्रम' के अंतर्गत 5 लाख 06 हजार 995 लाभार्थियों को 4314 करोड़ रुपए का ऋण वितरित किया। उन्होंने कहा कि अब तक नौकरी करने वालों को आत्मनिर्भर बनाने के लिये सरकार से मिल रहे ऋण की मदद कारोबार कर रहे लोग अब दूसरों को रोजगार दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि 5 लाख 6 हजार 995 लाभार्थियों को इस कार्यक्रम में 4 हजार करोड़ रुपये से अधिक का ऋण दिया गया है।

योगी ने कहा, ''हम कोरोना की तीसरी लहर को देखते हुए कम आय वर्ग के लोगों को अगले 4 महीने तक 500 रुपये भरण पोषण भत्ता देने का कार्य कर रहे हैं। जिससे उन्हें पलायन को मजबूर न होना पड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 5 वर्षो में हुयी प्रगति का असर है कि आज 5 लाख से अधिक लोग स्वत: रोजगार के लिए लाभान्वित हुये। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 75 हजार महिलाओं को लघु एवं कुटीर उद्योगों के लिये जिलों में प्रशिक्षण एवं ऋण दिया जा रहा है। वहीं 25 हजार कारीगरों को प्रधानमंत्री श्रम योजना के माध्यम से निशुल्क ऋण मिल रहा है।

योगी ने कहा कि कोरोन काल में लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्रालय द्वारा रोजगार अभियानों के तहत प्रदेश में व्यापक रोजगार उपलब्ध करवाए गये । इसके तहत कोरोना काल में घर वापसी करने वाले 40 लाख कामगारों को रोजगार के माध्यम से जोड़ा गया है।

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