सरकार की पहल, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तैयार हो रहे 4 लाख आयुष किट
सरकार की पहल, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तैयार हो रहे 4 लाख आयुष किट|Neha Shrivastava - RE
उत्तर भारत

सरकार की पहल, प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने तैयार हो रहे 4 लाख आयुष किट

उत्तराखंड सरकार ने आयुष मंत्रालय के निर्देशों का पालन करते हुए यहां चार लाख आयुर्वेदिक आयुष किट बनाने का काम शुरु किया है।

राज एक्सप्रेस

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राज एक्सप्रेस। उत्तराखंड सरकार ने आयुष मंत्रालय के निर्देशों का पालन करते हुए यहां चार लाख आयुर्वेदिक आयुष किट बनाने का काम यहां हरिद्वार के ऋषि कुल राजकीय आयुर्वेदिक औषधि निर्माणशाला को दिया है।

वैश्विक महामारी कोरोना वायरस 'कोविड-19' के मद्देनजर देश में जहां एलोपैथिक चिकित्सक मॉडर्न मेडिसिन के माध्यम से संक्रमित मरीजों का इलाज कर रहे हैं, वहीं केंद्र सरकार का आयुष मंत्रालय महामारी की रोकथाम के लिए प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आयुर्वेदिक दवाओं और काढ़ा पीने की सलाह दे रही है। इसी परिपेक्ष्य में प्रदेश सरकार ने आयुष मंत्रालय के निर्देशों का पालने करते हुए चार लाख आयुर्वेदिक आयुष किट बनाने का काम ऋषिकुल राजकीय आयुर्वेदिक औषधि निर्माणशाला को दिया है।

हरिद्वार के जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी जीसीएस जगपांगी का कहना है कि आयुष मंत्रालय की संतुति को ध्यान में रखते हुए ऋषि कुल आयुर्वेदिक औषधि निर्माणशाला द्वारा एक विशेष प्रकार की आयुष् किट बनवाई जा रही है जो व्यक्तियों की सामान्य रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए काफी सहायक सिद्ध हो रही है इसमें विशेष प्रकार का काढ़ा आयुर्वेदिक गोलियां शामिल हैं, साथ ही लोगों को हल्दी युक्त गुनगुना दूध तथा गर्म पानी पीने की भी सलाह दी गई है।

उन्होंने बताया शुरुआती दौर में यह किट कोरोना बीमारी को रोकने में लगे स्वास्थ्य कर्मियों पुलिसकर्मियों सफाई कर्मियों और प्रशासन से जुड़े लोगों को बांटी जाएगी तथा क्वारंटीन केंद्रों में इसका वितरण किया जाएगा ।

ऋषिकुल आयुर्वेदिक औषधि निर्माण शाला के अधीक्षक देवेंद्र सेमवाल का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा उन्हें चार लाख आयुष किट बनाने का आर्डर प्राप्त हुआ है जिसके सापेक्ष में एक करोड़ रुपए जारी कर दिया गये हैं जिसमें फिलहाल डेढ़ लाख किट तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया स्केट के अंदर 300 ग्राम आयुर्वेदिक क्वाथ तथा गिलोय घनवटी वाह अश्वगंधा की 30-30 गोलियों के दो पैकेट की एक किट तैयार करके बांटी जाएगी इसका सेवन निर्धारित मात्रा में सुबह शाम लेने से व्यक्ति की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी और कोरोना जैसी महामारी से बचने के लिए तथा अन्य मौसमी बीमारियों से भी बचने के लिए यह किट काफी उपयोगी साबित होगी।

उत्तराखंड आयुर्वेदिक विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉक्टर सुनील जोशी का कहना है आयुष मंत्रालय द्वारा जो आयुष किट बनाने का निर्देश दिया गया है उसमें मिलाई जाने वाली जड़ी बूटियां लोगों को कोरोना सहित कई रोगों से बचा सकती हैं। जिससे उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी और बीमारियों से भी लड़ने की ताकत मिलेगी।

उन्होंने बताया कि विश्व में कोरोना जैसी महामारी से लड़ने के लिए अनेक प्रकार से शोध किए जा रहे हैं। भारत में भी हमारी प्राचीन चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद के माध्यम से कई संक्रमित बीमारियों का इलाज संभव है। इसका सबसे बेहतर तरीका यही है कि हम अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जाएं। इसके लिए कुछ उपाय आयुष मंत्रालय द्वारा सुझाए गए हैं जिन्हें अपनाकर न केवल हम कोरोना जैसी बीमारी से बच सकते हैं बल्कि अन्य कई बीमारियों से मुकाबला करने के लिए अपने शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र को मजबूत कर सकते हैं ।

उन्होंने बताया कि तनाव एवं अवसाद को दूर करने के लिए योग प्राणायाम ध्यान करने से काफी लाभ होता है साथ ही जड़ी बूटी से युक्त विशेष प्रकार का धुआं घरों में वह आस-पास जलाने से घर का आसपास का वातावरण शुद्ध होता है और कई प्रकार के विषाणु इससे खत्म हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि हम अपनी प्रचीन आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से कोरोना सहित कई बीमारियों का इलाज करके पूरे विश्व को एक नई दिशा दे सकते हैं।

डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल न्यूज एजेंसी फीड के आधार पर प्रकाशित किया गया है। सिर्फ शीर्षक में बदलाव किया गया है। अतः इस आर्टिकल अथवा समाचार में प्रकाशित हुए तथ्यों की जिम्मेदारी राज एक्सप्रेस की नहीं होगी।

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