गोवा मुक्ति दिवस समारोह में PM मोदी का संबोधन, जानें क्‍या कहा खास...
गोवा मुक्ति दिवस समारोह में PM मोदी का संबोधन Social Media

गोवा मुक्ति दिवस समारोह में PM मोदी का संबोधन, जानें क्‍या कहा खास...

गोवा मुक्ति दिवस समारोह में PM मोदी ने जनसभा को संबोधित कर कहा- गोवा की धरती को, गोवा की हवा को, गोवा के समंदर को प्रकृति का अद्भुत वरदान मिला हुआ है।

गोवा, भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रविवार को गोवा दौरे पर हैं और आज 19 दिसंबर को 'गोवा मुक्ति दिवस' है। इस दौरान PM मोदी ने गोवा मुक्ति दिवस समारोह में शामिल हुए और उन्‍होंने ऑपरेशन विजय के स्वतंत्रता सेनानियों और वरिष्ठ योद्धाओं को सम्मानित किया।

गोवा की हवाओं में मुक्ति के गौरव को और बढ़ा रहा है :

गोवा मुक्ति दिवस समारोह में PM मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए अपने संबोधन में कहा- गोवा की धरती को, गोवा की हवा को, गोवा के समंदर को प्रकृति का अद्भुत वरदान मिला हुआ है। आज आप सभी का गोवा की धरती पर ये जोश, गोवा की हवाओं में मुक्ति के गौरव को और बढ़ा रहा है। आज गोवा न केवल अपनी मुक्ति की डायमंड जुबली मना रहा है, बल्कि 60 वर्षों की इस यात्रा की स्मृतियां भी हमारे सामने हैं। हमारे सामने आज संघर्ष और बलिदानों की गाथा भी है, लाखों गोवा वासियों के परिश्रम और लगन के वो परिणाम हैं जिनकी वजह से हमने एक लंबी दूरी तय की है।

गोवा एक ऐसे समय में पुर्तगाल के अधीन गया था, जब देश के दूसरे बड़े भूभाग में मुगलों की सल्तनत थी। उसके बाद कितने ही सियासी तूफान इस देश ने देखे, सत्ताओं की कितनी उठक पटक हुई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

गोवा न अपनी भारतीयता को भूला, न भारत अपने गोवा को भूला :

PM मोदी ने बताया- समय और सत्ताओं की उठापटक के बीच सदियों की दूरियों के बाद भी न गोवा अपनी भारतीयता को भूला, न भारत अपने गोवा को भूला। ये एक ऐसा रिश्ता है जो समय के साथ और सशक्त ही हुआ है। गोवा के लोगों ने भी मुक्ति और स्वराज के लिए आंदोलनों को थमने नहीं दिया। उन्होंने भारत के इतिहास में सबसे लम्बे समय तक आज़ादी की लौ को जलाकर रखा। भारत एक ऐसा भाव है जहां राष्ट्र ‘स्व’ से ऊपर होता है, सर्वोपरि होता है। जहां एक ही मंत्र होता है- राष्ट्र प्रथम। जहां एक ही संकल्प होता है- एक भारत, श्रेष्ठ भारत।

  • अगर सरदार वल्लभभाई पटेल कुछ और साल जीवित रहते, तो गोवा को अपनी आजादी के लिए इतने लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ता। गोवा ने हर विचार को शांति के साथ फलने-फूलने दिया है। इसने भारत में सभी धर्मों और संस्कृतियों को समृद्ध होने दिया है।

  • मैं कुछ समय पहले वेटिकन सिटी में पोप फ्रांसिस से मिला था और भारत के लिए उनकी भावनाएं किसी से कम नहीं हैं। मैंने उन्हें भारत आने के लिए आमंत्रित किया। निमंत्रण के बाद उन्होंने मुझसे कहा - "यह सबसे बड़ा उपहार है जो आपने मुझे दिया है।" यह हमारी विविधता और जीवंत लोकतंत्र के लिए उनका प्यार है।

  • एक पर्यटन स्थल के रूप में, गोवा एक प्रशंसक का पसंदीदा रहा है। यह सुशासन, प्रति व्यक्ति आय के मामले में भी अग्रणी राज्य बन गया है, और खुले में शौच मुक्त में 100% हासिल किया है।

  • मैं गोवा सरकार और गोवा के लोगों को 100% टीकाकरण प्राप्त करने पर बधाई देता हूं। हर पात्र व्यक्ति का टीकाकरण हो चुका है और दूसरी खुराक भी तेजी से दी जा रही है।

  • गोवा के लोग कितने ईमानदार होते हैं, कितने प्रतिभावान और मेहनती होते हैं, देश गोवा के चरित्र को मनोहर जी के भीतर देखता था। आखिरी सांस तक कोई कैसे अपने राज्य, अपने लोगों के लिए लगा रह सकता है, उनके जीवन में हमने ये साक्षात देखा था।

  • गोवा में एक ओर ये अनंत समंदर है, तो दूसरी ओर यहां के युवाओं के व्यापक सपने हैं। इन सपनों को पूरा करने के लिए ऐसा ही व्यापक विजन चाहिए। श्री प्रमोद सावंत जी ऐसे ही विजन के साथ काम कर रहे हैं।

बता दें कि, गोवा में प्रधानमंत्री मोदी ने पुनर्निमित फोर्ट अगुआड़ा कारागार संग्रहालय, गोवा चिकित्सा महाविद्यालय में सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक, न्यू साउथ गोवा जिला अस्पताल, मोपा हवाई अड्डे पर विमानन कौशल विकास केंद्र और डावोरलिम-नावेलिम, मडगांव में गैस इंसुलेटेड उपकेंद्र का उद्घाटन किया।

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