NEP पर गवर्नर कॉन्फ्रेंस में PM मोदी ने शिक्षा नीति को बताया देश की नीति
NEP पर गवर्नर कॉन्फ्रेंस में PM मोदी ने शिक्षा नीति को बताया देश की नीति|Twitter
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NEP पर गवर्नर कॉन्फ्रेंस में PM मोदी ने शिक्षा नीति को बताया देश की नीति

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर आज राज्यपालों के सम्मेलन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम संबोधित कर रहे हैं। जानें इस दौरान उन्‍होंने क्‍या-क्‍या कहा...

Priyanka Sahu

Priyanka Sahu

दिल्‍ली, भारत। करीब तीन दशक के बाद आई नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर राज्यपालों का सम्मेलन आज 7 सितंबर को वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के खतरे की वजह से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हो रहा है। इस दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सम्मेलन को संबोधित कर रहे हैं।

PM मोदी ने कहा :

NEP पर गवर्नर कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए PM नरेंद्र मोदी ने कहा, "मैं सर्वप्रथम राष्ट्रपति जी का आभार व्यक्त करता हूं, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के संदर्भ में ये आयोजन बहुत ही महत्वपूर्ण है। शिक्षा जगत का सैकड़ों वर्षों का अनुभव यहां एकत्रित है। देश की आकांक्षाओं को पूरा करने का महत्वपूर्ण माध्यम शिक्षा नीति और शिक्षा व्यवस्था होती है। शिक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी से केंद्र , राज्य सरकार, स्थानीय निकाय, सभी जुड़े होते हैं, लेकिन ये भी सही है कि शिक्षा नीति में सरकार, उसका दखल, उसका प्रभाव, कम से कम होना चाहिए।''

शिक्षा नीति से जितना शिक्षक, अभिभावक जुड़े होंगे, छात्र जुड़े होंगे, उतना ही उसकी प्रासंगिकता और व्यापकता, दोनों ही बढ़ती है। देश के लाखों लोगों ने, शहर में रहने वाले, गांव में रहने वाले, शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों ने, इसके लिए अपना फीडबैक दिया था, अपने सुझाव दिए थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

शिक्षा नीति देश की शिक्षा नीति :

इस दौरान PM मोदी ने ये भी कहा कि, ''शिक्षा नीति, सरकार की शिक्षा नीति नहीं है। ये देश की शिक्षा नीति है। जैसे विदेश नीति देश की नीति होती है, रक्षा नीति देश की नीति होती है, वैसे ही शिक्षा नीति भी देश की ही नीति है।'' आगे उन्‍होंने कहा, ''राष्ट्रीय शिक्षा नीति में भविष्य को ध्यान में रखते हुए व्यापक प्रावधान किए गए है। जैसे-जैसे तकनीक का विस्तार गांवों तक हो रहा है। वैसे-वैसे सूचना और शिक्षा का एक्सेस भी बढ़ रहा है। हमारी जिम्मेदारी है कि हम हर कॉलेज में तकनीकी सॉल्यूशंस को ज्यादा प्रमोट करें।''

राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर PM मोदी ने कहीं अहम बातेंं :

  • गांव में कोई शिक्षक हो या फिर बड़े-बड़े शिक्षाविद, सबको राष्ट्रीय शिक्षा नीति, अपनी शिक्षा शिक्षा नीति लग रही है। सभी के मन में एक भावना है कि पहले की शिक्षा नीति में यही सुधार मैं होते हुए देखना चाहता था। राष्ट्रीय शिक्षा नीति की स्वीकारता की बड़ी वजह यही है।

  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति सिर्फ पढ़ाई के तौर तरीकों में बदलाव के लिए ही नहीं है। ये 21वीं सदी के भारत के सामाजिक और आर्थिक पक्ष को नई दिशा देने वाली है। ये आत्मनिर्भर भारत के संकल्प और सामर्थ्य को आकार देने वाली है।

  • आज दुनिया भविष्य में तेजी से बदलते Jobs, Nature of Work को लेकर चर्चा कर रही है। नई शिक्षा नीति देश के युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के मुताबिक शिक्षा और स्किल्स दोनों मोर्चों पर तैयार करेगी।

  • नई शिक्षा नीति में foundational learning और languages पर फोकस है। इसमें learning Outcomes और teacher training पर भी फोकस है। इसमें access और assessment को लेकर भी व्यापक रिफॉर्म्स किए गए हैं। इसमें हर स्टूडेंट को empower करने का रास्ता दिखाया गया है।

  • लंबे समय से ये बातें उठती रही हैं कि हमारे बच्चे बैग और बोर्ड एग्ज़ाम के बोझ तले, परिवार और समाज के दबाव तले दबे जा रहे हैं। इस पॉलिसी में इस समस्या को प्रभावी तरीके से पता किया गया है।

उच्च शिक्षा के हर पहलू, चाहे वो अकादमिक हो, टेक्निकल हो, वोकेशनल हो हर प्रकार की शिक्षा को Silos से बाहर निकाला जाए। एडमिनिस्ट्रेटिव लेयर्स को कम से कम रखा जाए, उनमें अधिक समन्वय हो, ये प्रयास भी इस पॉलिसी के माध्यम से किया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बाद राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने भी नई शिक्षा नीतियों की खूबियों को बताया। इस दौरान उन्‍होंने अपने संबोधन में क्‍या-क्‍या कहा? ये जानने के लिए इस लिंक पर क्‍लिक करें

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