ऊर्जा क्षेत्र के लिए हमारी सरकार का दृष्टिकोण समग्र रहा: प्रधानमंत्री मोदी
ऊर्जा क्षेत्र के लिए हमारी सरकार का दृष्टिकोण समग्र रहा: प्रधानमंत्री मोदीSocial Media

ऊर्जा क्षेत्र के लिए हमारी सरकार का दृष्टिकोण समग्र रहा: प्रधानमंत्री मोदी

बिजली क्षेत्र में बजट प्रावधानों के प्रभावी कार्यान्वयन पर आयोजित वेबिनार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया और कहा ऊर्जा क्षेत्र के लिए हमारी सरकार का दृष्टिकोण समग्र रहा है।

दिल्‍ली, भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों अधिकतर कार्यक्रमों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शिरकत कर रहे हैं। अब आज ही पावर सेक्टर पर वेबिनार आयोजित हुआ, जिसमें PM मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्‍यम से जुड़े और अपने विचार साझा किए।

पावर सेक्टर में इन 4 मंत्रों को हम लेकर चले :

बिजली क्षेत्र में बजट प्रावधानों के प्रभावी कार्यान्वयन पर आयोजित वेबिनार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित किया और कहा- कैसे सरकार और प्राइवेट सेक्टर एक दूसरे पर विश्वास बढ़ाते हुए आगे बढ़े इसके लिए ये संवाद जरूरी था। ऊर्जा क्षेत्र के लिए हमारी सरकार का दृष्टिकोण समग्र रहा है। पावर सेक्टर में जिन चार मंत्रों को हम लेकर चले वे हैं-

  • रिच

  • रि-इनफॉर्स

  • रिफॉर्म

  • रिन्यूवल एनर्जी

इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ये भी बताया कि, ''हमने पहले देश के हर गांव तक और फिर हर घर तक बिजली पहुंचाने पर जोर दिया।''

भारत पावर डेफिसिट देश से पावर सरप्लस देश बन चुका :

पावर सेक्टर पर आयोजित वेबिनार में PM मोदी ने यह भी बाेला- आज भारत पावर डेफिसिट देश से पावर सरप्लस देश बन चुका है। भारत वन नेशन, वन ग्रिड, वन फ्रीक्वेंसी का लक्ष्य भी प्राप्त कर चुका है। हमारे देश में अगले 10 वर्षों तक सोलर सेल की मांग, हमारे आज की मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी से 12 गुणा ज्यादा है। आप देख सकते हैं कितना बड़ा बाजार हमारा इंतजार कर रहा है।

पीएम कुसुम योजना 'अन्नदाता' को 'पॉवरडेटा' में बदल रही :

इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने 'पीएम कुसुम योजना' का जिक्र करते हुए यह बताया कि, ''पीएम कुसुम योजना 'अन्नदाता' को 'पॉवरडेटा' में बदल रही है। इस योजना के तहत, सरकार का लक्ष्य कृषि क्षेत्रों में छोटे बिजली संयंत्र स्थापित करके 30 गीगावॉट सौर ऊर्जा क्षमता हासिल करना है।''

बता दें कि, आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही असम में ‘महाबाहु-ब्रह्मपुत्र’ का शुभारंभ करने के साथ-साथ आज दो पुलों (धुबरी फूलबारी पुल और मजुली पुल) की भी आधारशिला रखी थी।

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