किसानों को 100 वीं रेल की सौगात, PM मोदी बोले- ये चलता-फिरता कोल्ड स्टोरेज
किसानों को 100 वीं रेल की सौगात, PM मोदी बोले- ये चलता-फिरता कोल्ड स्टोरेजPriyanka Sahu -RE

किसानों को 100 वीं रेल की सौगात, PM मोदी बोले- ये चलता-फिरता कोल्ड स्टोरेज

PM नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए महाराष्ट्र के संगोला से पश्चिम बंगाल के शालीमार के बीच 100 वीं किसान रेल का शुभारंभ कर हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और इस मौके पर अपने संबोधन में कहा...

दिल्‍ली, भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आज सुबह ही देश की राजधानी दिल्‍ली को ड्राइवरलेस मेट्रो ट्रेन की सौगात देने के बाद अब दोपहर के वक्‍त वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए महाराष्ट्र के संगोला से पश्चिम बंगाल के शालीमार के बीच 100वीं किसान रेल का शुभारंभ कर किसानों को सौगात दी है।

100 वीं किसान रेल को दिखाई हरी झंडी :

PM नरेंद्र मोदी ने 100 वीं किसान रेल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पीयूष गोयल भी मौजूद रहे। तो वहीं, PM मोदी ने अपने संबोधन में कहा- मैं सबसे पहले देश के करोड़ों किसानों को बधाई देता हूं, अगस्त महीने में देश की पहली किसान और खेती के लिए पूरी तरह से समर्पित रेल शुरू की गई थी। आज 100वीं किसान रेल थोड़ी देर पहले महाराष्ट्र के संगोला से पश्चिम बंगाल के शालीमार के लिए रवाना हुई है। देश के हर क्षेत्र की खेती को, किसानों को किसान रेल से कनेक्ट किया जा रहा है। कोरोना की चुनौती के बीच भी बीते 4 महीनों में किसान रेल का ये नेटवर्क आज 100 के आंकड़े पर पहुंच चुका है।

खेती से जुड़ी अर्थव्यवस्था में आएगा बड़ा बदलाव :

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ''किसान रेल सेवा देश के किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में भी एक बहुत बड़ा कदम है। इससे खेती से जुड़ी अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा। इससे देश की कोल्ड सप्लाई चेन की ताकत भी बढ़ेगी। किसान रेल से देश के 80 प्रतिशत से अधिक छोटे और सीमांत किसानों को बहुत बड़ी शक्ति मिली है। इसमें किसानों के लिए कोई न्यूनतम मात्रा तय नहीं है। कोई किसान 50-100 किलो का पार्सल भी भेज सकता है।''

हमारी सरकार भण्डारण की आधुनिक व्यवस्थाओं पर, सप्लाई चैन के आधुनिकीकरण पर करोड़ों का निवेश तो कर ही रही है। साथ ही किसान रेल जैसी नई पहल भी की जा रही है। छोटे किसानों को कम खर्च में बड़े बाजार देने के लिए हमारी नीयत भी साफ ही और नीति भी स्पष्ट है। हमने बजट में ही इसकी महत्वपूर्ण घोषणा कर दी थी- पहली किसान रेल और दूसरी कृषि उड़ान।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

पूर्वोत्तर के किसानों को कृषि उड़ान का लाभ मिलना शुरु :

इस दौरान PM मोदी ने बताया- पूर्वोत्तर के किसानों को कृषि उड़ान का लाभ मिलना शुरु हो गया है। ऐसी ही पुख्ता तैयारियों के बाद ऐतिहासिक कृषि सुधारों की तरफ हम बढ़े हैं। किसान रेल चलता फिरता कोल्ड स्टोरेज भी है, यानि इसमें फल, सब्ज़ी, दूध, मछली जो भी जल्दी खराब होने वाली चीजें हैं, वो पूरी सुरक्षा के साथ एक जगह से दूसरी जगह पहुंच रही हैं। जहां तक भाड़े की बात है, इस रूट पर रेल का माल भाड़ा, ट्रक के मुकाबले 1,700 रुपये कम है। किसान रेल में सरकार 50 प्रतिशत छूट भी दे रही है। इसका भी किसानों को लाभ मिल रहा है।

PM बोले- किसान रेल से मिलेगी ये सुविधाएं :

  • किसान रेल जैसी सुविधाएं मिलने से कैश क्रॉप, ज्यादा दाम वाली, ज्यादा पोषक फसलों के उत्पादन के लिए प्रोत्साहन बढ़ेगा। छोटा किसान पहले इन सबसे इसलिए नहीं जुड़ पाता था, क्योंकि उसको कोल्ड स्टोरेज और बड़े मार्केट मिलने में दिक्कत होती थी।

  • आज पश्चिम बंगाल के किसान भी इस सुविधा से जुड़ा है। वहां आलू, कटहल, बैंगन, गोभी जैसी सब्जियां खूब होती हैं। साथ ही अनानास, लीची, अनार, केला भी वहां के किसान उगाते हैं। मछली की भी कमी नहीं है। समस्या इनको देशभर के बाजार तक पहुंचाने की रही है।

  • किसान रेल से पश्चिम बंगाल के किसानों को बड़ा विकल्प मिला है, ये विकल्प किसान के साथ ही स्थानीय छोटे-छोटे व्यापारी को भी मिला है। वो किसान से ज्यादा दाम में ज्यादा माल खरीदकर किसान रेल के ज़रिए दूसरे राज्यों में बेच सकते हैं।

  • कृषि से जुड़े एक्सपर्ट्स और दुनिया भर के अनुभवों और नई टेक्नॉलॉजी का भारतीय कृषि में समावेश किया जा रहा है। स्टोरेज से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर हो या फिर खेती उत्पादों में वैल्यू एडिशन से जुड़े प्रोसेसिंग उद्योग, ये हमारी सरकार की प्राथमिकता हैं।

  • दूर के बाजार तक अपनी फसल को पहुंचाने में ही उसका किराये भाड़े में बहुत खर्च हो जाता था। इसी समस्या को देखते हुए 3 साल पहले हमारी सरकार ने टमाटर, प्याज और आलू के ट्रांसपोर्टेशन पर 50% सब्सिडी दी थी।

पीएम कृषि संपदा योजना के तहत मेगा फूड पार्क्स, कोल्ड चेन इंफ्रास्ट्रक्चर, एग्रो प्रोसेसिंग क्लस्टर, ऐसे करीब साढ़े 6 हजार प्रोजेक्ट स्वीकृत किए गए हैं। आत्मनिर्भर अभियान पैकेज के तहत माइक्रो फूड प्रोसेसिंग उद्योगों के लिए 10 हज़ार करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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