पीढ़ी दर पीढ़ी चलने वाला है महाअभियान, स्वच्छता जीवनशैली और जीवन मंत्र है: PM मोदी
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पीढ़ी दर पीढ़ी चलने वाला है महाअभियान, स्वच्छता जीवनशैली और जीवन मंत्र है: PM मोदी

दिल्ली में डॉ. अम्बेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र से PM मोदी ने आज 'स्वच्छ भारत मिशन शहरी 2.0' और 'अमृत 2.0' को लॉन्च कर सभी राज्य सरकारों, महापौरों और स्थानीय प्रशासनों से किया यह आह्वान...

दिल्ली, भारत। देश के सभी शहरों को 'कचरा मुक्त' और जल आपूर्ति सुधारने यानी जल संरक्षण के लक्ष्‍य को हासिल करने के लिए महात्मा गांधी की जयंती से एक दिन आज 1 अक्टूबर 2021 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आम आदमी से जुड़ी 2 बड़ी योजनाओं का शुभारंभ कर सौगात दे रहे हैं। दरअसल, आज शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (SBM-U) 2.0 और अमृत (AMRUT) 2.0 की शुरुआत की।

स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 और अटल मिशन 2.0 लॉन्च :

PM मोदी आज नई दिल्ली में डॉ. अम्बेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र से स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 और अटल मिशन 2.0 को लॉन्च करने कार्यक्रम में पहुंचे। इस दौरान केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी भी मौजूद हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'स्वच्छ भारत मिशन शहरी 2.0' और 'अमृत 2.0' का शुभारंभ किया।

PM ने बताया यह है मिशन का लक्ष्य :

'स्वच्छ भारत मिशन शहरी 2.0' और 'अमृत 2.0' का शुभारंभ कार्यक्रम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संबोधित कर कहा- 2014 में देशवासियों ने भारत को खुले में शौच से मुक्त करने का संकल्प लिया था। 10 करोड़ से ज्यादा शौचालयों के निर्माण के साथ देशवासियों ने ये संकल्प पूरा किया। अब ‘स्वच्छ भारत मिशन-अर्बन 2.0’ का लक्ष्य है Garbage-Free शहर, कचरे के ढेर से पूरी तरह मुक्त शहर बनाना। मिशन अमृत के अगले चरण में देश का लक्ष्य है- ‘सीवेज और सेप्टिक मैनेजमेंट बढ़ाना, अपने शहरों को Water secure cities’ बनाना और ये सुनिश्चित करना कि, हमारी नदियों में कहीं पर भी कोई गंदा नाला न गिरे।

स्वच्छ भारत अभियान और अमृत मिशन की अब तक की यात्रा वाकई हर देशवासी को गर्व से भर देने वाली है। इसमें मिशन भी है, मान भी है, मर्यादा भी है, एक देश की महत्वाकांक्षा भी है और मातृभूमि के लिए अप्रतिम प्रेम भी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

सफाई कर्मचारियों को बताया असली नायक :

PM मोदी ने बताया- स्वच्छ भारत अभियान और अमृत मिशन की अब तक की यात्रा हर भारतीय को गर्व से भर देती है। SBM के तहत भारत की उपलब्धियां साबित करती हैं कि, प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी के प्रति कितना समर्पित है। हमारे सफाई कर्मचारी इस पहल के असली नायक हैं।

  • बाबा साहेब, असमानता दूर करने का बहुत बड़ा माध्यम शहरी विकास को मानते थे। बेहतर जीवन की आकांक्षा में गांवों से बहुत से लोग शहरों की तरफ आते हैं। हम जानते हैं कि उन्हें रोजगार तो मिल जाता है लेकिन उनका जीवन स्तर गांवों से भी मुश्किल स्थिति में रहता है।

  • ये उन पर एक तरह से दोहरी मार की तरह होता है। एक तो घर से दूर, और ऊपर से ऐसी स्थिति में रहना। इस हालात को बदलने पर, इस असमानता को दूर करने पर बाबा साहेब का बड़ा जोर था। स्वच्छ भारत मिशन और मिशन अमृत का अगला चरण, बाबा साहेब के सपनों को पूरा करने की दिशा में भी एक अहम कदम है।

  • हमारे सफाई मित्र, हर रोज झाड़ू उठाकर सड़कों को साफ करने वाले हमारे भाई-बहन, कूड़े की दुर्गंध को बर्दाश्त करते हुए कचरा साफ करने वाले हमारे साथी, सच्चे अर्थों में इस अभियान के महानायक हैं। कोरोना के कठिन समय में उनके योगदान को देश ने करीब से देखा है। सूखे और गीले कचरे के लिए लोगों ने अलग-अलग डस्टबिन रखना शुरू कर दिया है। हमारे युवाओं ने देश को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी ली है। टॉफी के रैपर सड़कों पर नहीं फेंके जा रहे हैं, बल्कि जेब में रखे जा रहे हैं।

  • निर्मल गुजरात अभियान जब जन-आंदोलन बना था, तो उसके बहुत अच्छे परिणाम भी मिले। इससे गुजरात को नई पहचान तो मिली ही, राज्य में पर्यटन भी बढ़ा। जन-आंदोलन की ये भावना स्वच्छ भारत मिशन की सफलता का आधार है।

पीढ़ी दर पीढ़ी चलने वाला महाअभियान :

PM नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में यह भी कहा- हमें ये याद रखना है कि स्वच्छता, एक दिन का, एक पखवाड़े का, एक साल का या कुछ लोगों का ही काम है, ऐसा नहीं है। स्वच्छता हर किसी का, हर दिन, हर पखवाड़े, हर साल, पीढ़ी दर पीढ़ी चलने वाला महाअभियान है। स्वच्छता जीवनशैली है, स्वच्छता जीवन मंत्र है। मैं सभी राज्य सरकारों, महापौरों और स्थानीय प्रशासनों से स्वच्छता मिशन में सक्रिय रूप से वापस आने का आह्वान करता हूं। हमें यह याद रखना चाहिए कि, स्वच्छता एक दिन या एक व्यक्ति या एक वर्ष का काम नहीं है, यह एक पहल है जो हर रोज पीढ़ी दर पीढ़ी चलती है। यह जीवन का एक तरीका है।

PM मोदी द्वारा कही गईं बातें-

  • आज भारत हर दिन करीब एक लाख टन Waste, Process कर रहा है। 2014 में जब देश ने अभियान शुरू किया था तब देश में हर दिन पैदा होने वाले वेस्ट का 20 प्रतिशत से भी कम process होता था। आज हम करीब 70 प्रतिशत डेली वेस्ट process कर रहे हैं। अब हमें इसे 100 प्रतिशत तक लेकर जाना है।

  • 2014 के पहले के 7 वर्षों की बात करें, तो शहरी विकास मंत्रालय के लिए करीब सवा लाख करोड़ रुपये का ही बजट आवंटित था। हमारी सरकार के 7 वर्षों में शहरी विकास मंत्रालय के लिए करीब 4 लाख करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया।

  • देश में शहरों के विकास के लिए आधुनिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल भी लगातार बढ़ रहा है। अभी अगस्त के महीने में ही देश ने National Automobile Scrappage Policy लॉन्च की है। ये नई स्क्रैपिंग पॉलिसी, Waste to Wealth के अभियान को, सर्कुलर इकॉनॉमी को और मजबूती देती है।

  • हमें 100% शहरी परिवारों को पानी के कनेक्शन और सीवर लाइन कनेक्शन सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। एक बार जब हमारे देश में सीवेज जल उपचार बढ़ जाता है, तो यह हमारी नदियों को स्वच्छ रखने में मदद करेगा।

  • ये पॉलिसी देश के शहरों से प्रदूषण कम करने में भी बड़ी भूमिका निभाएगी। इसका सिद्धांत है- Reuse, Recycle और Recovery. सरकार ने सड़कों के निर्माण में भी वेस्ट के उपयोग पर बहुत ज्यादा जोर दिया है।

  • आज शहरी विकास से जुड़े इस कार्यक्रम में, मैं किसी भी शहर के सबसे अहम साथियों में से एक की चर्चा अवश्य करना चाहता हूं। ये साथी हैं हमारे रेहड़ी-पटरी वाले, ठेला चलाने वाले- स्ट्रीट वेंडर्स। इन लोगों के लिए पीएम स्वनिधि योजना, आशा की एक नई किरण बनकर आई है।

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