PM मोदी ने जल जीवन मिशन ऐप और राष्ट्रीय जल जीवन कोष किया लॉन्च
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PM मोदी ने जल जीवन मिशन ऐप और राष्ट्रीय जल जीवन कोष किया लॉन्च

PM मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आज 'जल जीवन मिशन ऐप' और 'राष्ट्रीय जल जीवन कोष' की लॉन्चिंग की। साथ ही पानी समितियों/VWSC के साथ बातचीत भी की।

दिल्‍ली, भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एक के बाद एक बड़ी सौगातें दी जा रही हैं। अब आज 2 अक्‍टूबर को आंदोलन के महानायक महात्‍मा गांधी एवं देश के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के मौके पर हर गांव में स्वच्छ पेयजल मुहैया कराने के प्रयासों को आगे बढ़ाते हुए आज इस बड़े मिशन का शुभारंभ किया है। दरअसल, PM मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 'जल जीवन मिशन ऐप' और 'राष्ट्रीय जल जीवन कोष' की लॉन्चिंग की।

जल जीवन मिशन के 2 वर्ष ई-पुस्तिका का विमोचन :

इन मिशनों के लॉन्चिंग के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 'जल जीवन मिशन के 2 वर्ष' ई-पुस्तिका का भी विमोचन किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जल जीवन मिशन पर ग्राम पंचायतों और पानी समितियों/ग्राम जल और स्वच्छता समितियों (VWSC) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बातचीत की।

जल जीवन मिशन का विजन :

जल जीवन मिशन ऐप और राष्ट्रीय जल जीवन कोष की लॉन्चिंग के बाद PM मोदी ने अपने संबोधन में कहा- आज 2 अक्टूबर का दिन है। देश के 2 महान सपूतों को हम गर्व के साथ याद कर रहे हैं। पूज्य बापू और लाल बहादुर शास्त्री जी, इन दोनों महान व्यक्तित्वों के मन में गांव ही बसे थे। जल जीवन मिशन का विजन, सिर्फ लोगों तक पानी पहुंचाने का ही नहीं है। ये de-केंद्रीकरण का- विकेंद्रीकरण का भी बहुत बड़ा मूवमेंट है। ये Village Driven- Women Driven मूवमेंट है। इसका मुख्य आधार, जनआंदोलन और जनभागीदारी है। जल जीवन मिशन का विजन, सिर्फ लोगों तक पानी पहुंचाने का ही नहीं है। ये de-केंद्रीकरण का- विकेंद्रीकरण का भी बहुत बड़ा मूवमेंट है। ये Village Driven- Women Driven मूवमेंट है। इसका मुख्य आधार, जनआंदोलन और जनभागीदारी है।

यह है इस मिशन का उद्देश्य

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया, ''जल जीवन मिशन ऐप के माध्यम से पानी की गुणवत्ता की निगरानी और निगरानी पूरे देश में पानी की गुणवत्ता बनाए रखने में मदद करेगी।''

जागरूकता पैदा करने, व्यापक पारदर्शिता लाने और जिम्मेदारी तय करने के उद्देश्य से जल शक्ति मंत्रालय के प्रमुख जल जीवन मिशन को समर्पित एक ऐप को लॉन्‍च किया है, साथ ही राष्ट्रीय जल कोष के लॉन्‍च होने से कोई भी व्यक्ति, कोई भी संगठन, कोई कंपनी या यहां तक कि एक गैर सरकारी संगठन, चाहे वह भारत में हो या विदेश में, ग्रामीण क्षेत्र में एक स्कूल या एक नल के पानी का कनेक्शन लेने के लिए आंगनबाड़ी केंद्र या आश्रम आदि के लिए धन दान कर सकता है।

PM मोदी बताई गई अहम बातें-

  • खादी और स्थानीय हस्तशिल्प की बिक्री भी बढ़ी है। इन सभी पहलों के साथ, राष्ट्र आत्मानिर्भर भारत के मिशन के साथ चल रहा है।

  • लगभग 2 लाख गांवों ने अपनी खुद की कचरा निपटान प्रक्रिया शुरू कर दी है। 40,000 से अधिक ग्राम पंचायतों ने सिंगल यूज प्लास्टिक को खत्म करने का फैसला किया है।

  • बापू के सपने को साकार करने के लिए देशवासियों ने निरंतर परिश्रम किया है। आज देश के शहर और गांव खुद को खुले में शौच से मुक्त कर चुके हैं। करीब 2 लाख गांवों ने अपने यहां कचरा प्रबंधन का काम शुरु कर दिया है।

  • गांधी जी कहते थे कि ग्राम स्वराज का वास्तविक अर्थ आत्मबल से परिपूर्ण होना है। इसलिए मेरा निरंतर प्रयास रहा है कि ग्राम स्वराज की ये सोच, सिद्धियों की तरफ आगे बढ़े।

  • पानी और सफाई की सुविधा के लिए ग्राम पंचायतों को 2.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की गई है। एक तरफ जहां ग्राम पंचायतों को ज्यादा आजादी दी जा रही है वहीं दूसरी तरफ हम पारदर्शिता भी सुनिश्चित कर रहे हैं।

  • 2014 में जब देश ने मुझे नया दायित्व दिया तो मुझे गुजरात के ग्राम स्वराज के अनुभवों का राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करने का अवसर मिला। ग्राम स्वराज का असली लाभ तभी मिलेगा, जब गांव के लोगों की, गांव के विकास कार्यों से जुड़ी प्लानिंग और मैनेजमेंट में सक्रिय भागीदारी हो।

  • हमने बहुत सी ऐसी फिल्में देखी हैं, कहानियां पढ़ी हैं, कविताएं पढ़ी हैं जिनमें विस्तार से ये बताया जाता है कि कैसे गांव की महिलाएं और बच्चे पानी लाने के लिए मीलों दूर चलकर जा रहे हैं। कुछ लोगों के मन में, गांव का नाम लेते ही यही तस्वीर उभरती है।

  • लेकिन बहुत कम ही लोगों के मन में ये सवाल उठता है कि आखिर इन लोगों को हर रोज किसी नदी या तालाब तक क्यों जाना पड़ता है, आखिर क्यों नहीं पानी इन लोगों तक पहुंचता? मैं समझता हूं, जिन लोगों पर लंबे समय तक नीति-निर्धारण की जिम्मेदारी थी, उन्हें ये सवाल खुद से जरूर पूछना चाहिए था।

  • आजादी से लेकर 2019 तक, हमारे देश में सिर्फ 3 करोड़ घरों तक ही नल से जल पहुंचता था। 2019 में जल जीवन मिशन शुरू होने के बाद से, 5 करोड़ घरों को पानी के कनेक्शन से जोड़ा गया है।

  • आज पूरे भारत के 80 जिलों के 1.25 लाख गांवों के लगभग हर घर को उनके घरों में साफ पानी मिल रहा है।

  • 1947 से 2019 तक केवल 3 करोड़ के पास नल के पानी के कनेक्शन थे। हमने 2019 में जल जीवन मिशन शुरू किया था। तब से, हमने 5 करोड़ घरों को नल के पानी के कनेक्शन से जोड़ा है।

  • भारत में कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां प्रदूषित पानी की समस्या है। आर्सेनिक पानी भी एक समस्या है।ऐसे क्षेत्रों के घरों में स्वच्छ पेयजल किसी वरदान से कम नहीं है।

  • 13 लाख हेक्टेयर भूमि सूक्ष्म सिंचाई की छत्रछाया में लाई गई है। हमने 'प्रति बूंद अधिक फसल' सुनिश्चित करने के लिए कई और पहल की हैं।

  • अटल भुजल योजना के तहत, हम देश भर के 7 राज्यों में भूजल स्तर बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं। पिछले 7 वर्षों में, पीएम कृषि सिंचाई योजना के तहत, हम पाइप और सूक्ष्म सिंचाई भी विकसित कर रहे हैं।

देश भर के स्कूलों को शिक्षित किया जाएगा :

PM मोदी ने आगे यह भी कहा- पीएम पोषण के तहत देश भर के स्कूलों को शिक्षित किया जाएगा और साथ ही पोषण भी प्रदान किया जाएगा। हमारी सरकार इस पहल पर 54,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करने को तैयार है। इससे करीब 12 करोड़ छात्रों को फायदा होगा। गांव की महिलाओं का सशक्तिकरण हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। बीते वर्षों में बेटियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया है। घर और स्कूल में शौचालय, सस्ते सेनेटरी पैड से लेकर गर्भावस्था के दौरान पोषण के लिए हजारों रुपयों की मदद और टीकाकरण मातृ-शक्ति और मजबूत हुई है।

भारत का विकास गांवों के विकास पर ही निर्भर है। गांव में रहने वाले लोगों,युवाओं, किसानों के साथ सरकार ऐसी योजनाओं को प्राथमिकता दे रही है, जो गांवों को और अधिक सशक्त बनाए। गांव के लोगों को गांव में ही बेहतर उपचार मिले, इसके लिए 1.5 से ज्यादा हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनाए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

PM मोदी ने कहा- राष्ट्रीय आजीविका मिशन के तहत 2014 से पहले के पांच वर्षों में जितनी मदद सरकार ने बहनों के लिए भेजी, बीते सात वर्षों में उसमें लगभग 13 गुना बढ़ोतरी की गई है। लगभग पौने चार लाख करोड़ रुपये का ऋण भी स्वयं सहायता समूह की माताओं-बहनों को उपलब्ध कराया गया है।

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