Mann Ki Baat: जानें PM मोदी ने मन की बात में किन मुद्दों पर क्या-क्या कहा
Mann Ki Baat: जानें PM मोदी ने मन की बात में किन मुद्दों पर क्या-क्या कहा|Priyanka Sahu -RE
भारत

Mann Ki Baat: जानें PM मोदी ने मन की बात में किन मुद्दों पर क्या-क्या कहा

Mann Ki Baat : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के जरिए देशवासियों को संबोधित कर रहे हैं, यहां देखें उनके इस कार्यक्रम का लाइव...

Priyanka Sahu

Priyanka Sahu

Mann Ki Baat : हर महीने के आखिरी रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'मन की बात' का मासिक रेडियो कार्यक्रम होता है। इसी कड़ी मेें भारत में घातक महामारी कोरोना वायरस की तेज रफ्तार के बीच आज रविवार 30 अगस्‍त को मन की बात का 68 वें संस्करण के जरिए देशवासियों को संबोधित कर रहे हैं।

मन की बात में बोले PM मोदी :

PM मोदी ने कहा कि, "कोरोना काल में नागरिकों में अपने दायित्वों का अहसास है, हर तरह के उत्सवों में लोग संयम बरत रहे हैं, देश में हो रहे हर आयोजन में जिस तरह का संयम और सादगी इस बार देखी जा रही है, वो अभूतपूर्व है।

भारत एक विशाल देश है :

मन की बात में पीएम मोदी ने भारत को एक विशाल देश बताते हुए कहा, ''खान-पान में ढेर सारी विविधता है। इसीलिए यह बहुत ही महत्वपूर्ण है कि हर क्षेत्र के मौसम, वहां के स्थानीय भोजन और वहां पैदा होने वाले अन्न, फल और सब्जियों के अनुसार एक पोषक, nutrient rich, diet plan बने।''

PM बोले मेरा एक खबर पर ध्यान गया :

बीते दिनों जब हम अपना स्वतंत्रता दिवस मना रहे थे, तब एक खबर पर मेरा ध्यान गया। ये खबर Indian Army के dogs सोफी और विदा की है। सोफी और विदा को अपने देश की सेवा करते हुए अपना कर्तव्य बखूबी निभाने के लिए Chief of Army Staff Commendation Cards से सम्मानित किया गया है। Dogs की disaster management और rescue missions में भी बहुत बड़ी भूमिका होती है। भारत में National Disaster Response Force - NDRF ने ऐसे दर्जनों dogs को specially train किया है।

Indian breed के dogs भी बहुत अच्छे और सक्षम होते हैं। अब हमारी सुरक्षा एजेंसियों ने भी Indian breed के dogs को अपने सुरक्षा दस्ते में शामिल कर रही हैं। अगली बार जब आप भी dog पालने की सोचें तो आप भी जरूर Indian breed के dog घर लाएं।

PM नरेंद्र मोदी

खिलौनों पर बोले PM मोदी :

प्रधानमंत्री मोदी ने ये भी कहा- खिलौने जहां activity को बढ़ाने वाले होते हैं, तो खिलौने हमारी आकांक्षाओं को भी उड़ान देते हैं। खिलौने केवल मन ही नहीं बहलाते, खिलौने मन बनाते भी हैं और मकसद गढ़ने वाले भी होते हैं। हमारे देश में लोकल खिलौनों की बहुत समृद्ध परंपरा रही है। कई प्रतिभाशाली और कुशल कारीगर हैं, जो अच्छे खिलौने बनाने में महारत रखते हैं। भारत के कुछ क्षेत्र टॉय क्लस्टर यानी खिलौनों के केंद्र के रूप में भी विकसित हो रहे हैं। पीएम ने बताया कि, ग्लोबल टॉय इंडस्ट्री 7 लाख करोड़ से भी अधिक की है। 7 लाख करोड़ रुपयों का इतना बड़ा कारोबार, लेकिन भारत का हिस्सा उसमें बहुत कम है, जिस राष्ट्र के पास इतने विरासत हो, परंपरा हो, क्या खिलौनों के बाजार में उसकी हिस्सेदारी इतनी कम होनी चाहिए।

Global toy industry, 7 लाख करोड़ से भी अधिक की है। 7 लाख करोड़ रुपयों का इतना बड़ा कारोबार, लेकिन भारत का हिस्सा उसमें बहुत कम है। जिस राष्ट्र के पास इतने विरासत हो, परम्परा हो, क्या खिलौनों के बाजार में उसकी हिस्सेदारी इतनी कम होनी चाहिए? खिलौनों के साथ हम दो चीजें कर सकते हैं - अपने गौरवशाली अतीत को अपने जीवन में फिर से उतार सकते हैं और अपने स्वर्णिम भविष्य को भी संवार सकते हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

आगे उन्‍होंने ये भी कहा, ''भारतीयों के नवाचार (innovation) और उपाय (Solution) देने की क्षमता का लोहा हर कोई मानता है और जब समर्पण भाव हो, संवेदना हो तो ये शक्ति असीम बन जाती है। हमारे यहां के बच्चे, हमारे विद्यार्थी, अपनी पूरी क्षमता दिखा पाएं, अपना सामर्थ्य दिखा पाएं, इसमें बहुत बड़ी भूमिका न्यूट्रिशन की भी होती है। पूरे देश में सितम्बर माह को पोषण माह के रूप में मनाया जाएगा। न्यूट्रिशन के इस आंदोलन में people participation भी बहुत जरुरी है। जन-भागीदारी ही इसको सफल करती है। पिछले कुछ वर्षों में इस दिशा में, देश में काफी प्रयास किए गए हैं।''

मन की बात में किसानों की चर्चा :

प्रधानमंत्री ने मन की बात में किसानों की चर्चा करते हुए कहा कि, ऋगवेद में मंत्र है- अन्नानां पतये नमः, क्षेत्राणाम पतये नमः अर्थात अन्नदाता को नमन है, किसान को नमन है, किसानों ने कोरोना जैसे कठिन समय में अपनी ताकत को साबित किया है। हमारे देश में इस बार खरीफ की फसल की बुआई पिछले साल के मुकाबले 7 प्रतिशत ज्यादा हुई है।

पर्व और पर्यावरण के बीच एक बहुत गहरा नाता

पीएम मोदी ने कहा कि, हम बहुत बारीकी से अगर देखेंगे, तो एक बात अवश्य हमारे सामने आएगी- हमारे पर्व और पर्यावरण, इन दोनों के बीच एक बहुत गहरा नाता है। बिहार के पश्चिमी चंपारण में सदियों से थारू आदिवासी समाज के लोग 60 घंटे के लॉकडाउन, उनके शब्दों में ‘60 घंटे के बरना’ का पालन करते हैं, प्रकृति की रक्षा के लिए बरना को थारू समाज के लोगों ने अपनी परंपरा का हिस्सा बना लिया है और ये सदियों से है।

मन की बात में PM मोदी द्वारा कहीं गई बातें :

  • हम जब अपनी जीवन की सफलताओं को देखते हैं तो हमें किसी ने किसी शिक्षक की याद अवश्य आती है। कोरोना काल में हमारे शिक्षकों के सामने भी समय के साथ बदलाव की एक चुनौती लगती है। हमारे शिक्षकों ने इस चुनौती को न केवल स्वीकार किया, बल्कि उसे अवसर में बदल भी दिया है।

  • पढाई में तकनीक का ज्यादा से ज्यादा उपयोग कैसे हो, नए तरीकों को कैसे अपनाएं, छात्रों को मदद कैसे करें यह हमारे शिक्षकों ने सहजता से अपनाया है और अपने students को सिखाया भी है।

  • वर्ष 2022 में हमारे देश स्वतंत्रता के 75 वर्ष का पर्व मनाएगा। स्वतंत्रता के पहले अनेक वर्षों तक देश में आजादी का जन्म उसका एक लम्बा इतिहास रहा है। यह बहुत आवश्यक है कि हमारी आज की पीढ़ी आजादी की जंग और हमारे देश के नायकों से परिचित रहे, उसे उतना ही महसूस करे।

यहां देखें मन की बात कार्यक्रम का लाइव वीडियो-

बता दें कि, वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने लोगों से बात करने के लिए रेडियो पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम की शुरुआत की थी, तभी से PM मोदी हर महीने के आखिरी रविवार को मन की बात करते हैं।

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