साल के आखिरी मन की बात कार्यक्रम में PM मोदी का राष्ट्र के नाम विशेष संदेश
साल के आखिरी मन की बात कार्यक्रम में PM मोदी का राष्ट्र के नाम विशेष संदेशPriyanka Sahu -RE

साल के आखिरी मन की बात कार्यक्रम में PM मोदी का राष्ट्र के नाम विशेष संदेश

मन की बात कार्यक्रम के जरिए आज PM मोदी 72वीं बार देश को संबोधित कर रहे हैं, जो इस साल की आखिरी मन की बात है। जानें इस दौरान वे क्‍या खास संदेश दे रहे हैं...

मन की बात: साल 2020 का आज (27 दिसंबर) आखिरी मन की बात कार्यक्रम है। इस साल के आखिरी माह दिसंबर के अंंतिम रविवार को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने साप्‍ताहिक प्रसिद्ध रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के माध्यम से राष्ट्र को संबोधित कर रहे हैं, ये इस कार्यक्रम का 72वां संस्करण है।

मन की बात में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा-

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा- 2020 के अंतिम मन की बात और हमेशा की तरह, बहुत सारे पत्र, इनपुट और विचार साझा किए गए हैं। लोग साझा करते रहे हैं कि साल कैसा रहा। लोगों ने 130 करोड़ भारतीयों की भावना को श्रद्धांजलि दी है। अधिकतर पत्रों में लोगों ने देश के सामर्थ्य, देशवासियों की सामूहिक शक्ति की भरपूर प्रशंसा की है। जब जनता कर्फ्यू जैसा अभिनव प्रयोग, पूरे विश्व के लिए प्रेरणा बना, जब ताली-थाली बजाकर देश ने हमारे कोरोना वॉरियर्स का सम्मान किया था, एकजुटता दिखाई थी उसे भी कई लोगों ने याद किया है।

हमने हर संकट से नए सबक लिए :

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, "देश के सम्मान में सामान्य मानवी ने इस बदलाव को महसूस किया है। मैंने देश में आशा का एक अद्भुत प्रवाह भी देखा है। चुनौतियां खूब आई, संकट भी अनेक आए। कोरोना के कारण दुनिया में सप्लाई चैन को लेकर अनेक बाधाएं भी आई, लेकिन हमने हर संकट से नए सबक लिए। देश में नया सामर्थ्य भी पैदा हुआ। अगर शब्दों में कहना है तो इस सामर्थ्य का नाम है 'आत्मनिर्भरता'।"

दिल्ली में रहने वाले अभिनव बैनर्जी जी ने दिलचस्प अनुभव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "मन की बात" कार्यक्रम में साझा किया।

देश के लोगों ने मजबूत कदम उठाया :

PM मोदी ने कहा- जीरो इफेक्ट, जीरो डिफेक्ट की सोच के साथ काम करने का ये उचित समय है। मैं देश के manufacturers और industry leaders से आग्रह करता हूँ। देश के लोगों ने मजबूत कदम उठाया है, मजबूत कदम आगे बढ़ाया है। वोकल फॉर लोकल ये आज घर-घर में गूँज रहा है। ऐसे में, अब, यह सुनिश्चित करने का समय है, कि, हमारे प्रोडक्ट्स विश्वस्तरीय हों। साथियो, हमें Vocal4Local की भावना को बनाये रखना है, बचाए रखना है, और बढ़ाते ही रहना है। आप हर साल नये साल का संकल्प लेते हैं, इस बार एक संकल्प अपने देश के लिए भी जरुर लेना है।

PM मोदी ने कहा, ''आज के ही दिन गुरु गोविंद जी के पुत्रों, साहिबजादे जोरावर सिंह और फतेह सिंह को दीवार में जिंदा चुनवा दिया गया था। अत्याचारी चाहते थे कि साहिबजादे अपनी आस्था छोड़ दें, महान गुरु परंपरा की सीख छोड़ दें। हमारे देश में आतताइयों, अत्याचारियों से देश की हजारों साल पुरानी संस्कृति, सभ्यता, हमारे रीति-रिवाज को बचाने के लिए कितने बड़े बलिदान दिए गए हैं, आज उन्हें याद करने का भी दिन है।''

आज ही के दिन गुरु गोविंद सिंह जी की माता जी–माता गुजरी ने भी शहादत दी थी। लोग, श्री गुरु गोविंद सिंह जी के परिवार के लोगों के द्वारा दी गयी शहादत को बड़ी भावपूर्ण अवस्था में याद करते हैं। इस शहादत ने संपूर्ण मानवता को, देश को नई सीख दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

भारत में तेंदुओं की संख्या में बढ़ोतरी :

मन की बात कार्यक्रम में PM मोदी ने कहा कि, ''मेरे प्यारे देशवासियों अब मैं एक ऐसी बात बताने जा रहा हूँ, जिससे आपको आनंद भी आएगा और गर्व भी होगा। भारत में लेओपर्ड्स यानी तेंदुओं की संख्या में 2014 से 2018 के बीच 60 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। 2014 में देश में लेओपर्ड्स की संख्या लगभग 7,900 थी, वहीँ 2019 में इनकी संख्या बढ़कर 12,852 हो गयी। देश के अधिकतर राज्यों में, विशेषकर मध्य भारत में, तेंदुओं की संख्या बढ़ी है। तेंदुए की सबसे अधिक आबादी वाले राज्यों में मध्यप्रदेश, कर्नाटका और महाराष्ट्र सबसे ऊपर हैं। यह एक बड़ी उपलब्धि है।''

देश के सम्मान में सामान्य मानवी ने इस बदलाव को महसूस किया है। मैंने देश में आशा का एक अद्भुत प्रवाह भी देखा है। चुनौतियां खूब आई, संकट भी अनेक आए। कोरोना के कारण दुनिया में Supply Chain को लेकर अनेक बाधाएं भी आई, लेकिन हमने हर संकट से नए सबक लिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

भारत में शेरों की आबादी बढ़ी :

PM मोदी ने बताया- पिछले कुछ सालों में भारत में शेरों की आबादी बढ़ी है, बाघों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। साथ ही भारतीय वनक्षेत्र में भी इजाफा हुआ है। इसकी वजह ये है कि, सरकार ही नहीं बल्कि बहुत से लोग, सिविल सोसाइटी, कई संस्थाएँ भी, हमारे पेड़-पौधों और वन्यजीवों के संरक्षण में जुटी हुई हैं। ये संवेदनशीलता, प्रेरणा देने वाली है और ये तभी हो सकता है, जब व्यक्ति हर जीव के प्रति, दया और करुणा से भरा हुआ हो।

मैंने तमिलनाडु के कोयंबटूर में एक हृदयस्पर्शी प्रयास के बारे में पढ़ा। आपने भी social media पर इसके visuals देखे होंगे। हम सबने इंसानों वाली wheelchair देखी है, लेकिन, कोयंबटूर की एक बेटी गायत्री ने, अपने पिताजी के साथ, एक पीड़ित dog के लिए wheelchair बना दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

मन की बात में PM मोदी की बातें-

  • कर्नाटका के युवा brigade की प्रेरणादायक कहानी जिन्होंने श्रीरंगपट्न के पास स्थित वीरभद्र स्वामी नाम के एक प्राचीन शिवमंदिर का कायाकल्प कर दिया।

  • एक दिन, कुछ पर्यटकों ने इस भूले-बिसरे मंदिर का एक video social media पर post कर दिया। युवा brigade ने जब इस वीडियो को social media पर देखा तो उनसे रहा नहीं गया और फिर, इस टीम ने मिलजुल कर इसका जीर्णोद्धार करने का फैसला किया।

  • ये सभी युवा कई अलग तरह के profession से जुड़े हुए हैं। ऐसे में इन्होंने weekends के दौरान समय निकाला और मंदिर के लिए कार्य किया। युवाओं ने मंदिर में दरवाजा लगवाने के साथ-साथ बिजली का connection भी लगवाया।

  • आपको यह जानकर खुशी होगी कि कश्मीरी केसर को GI Tag का सर्टिफिकेट मिलने के बाद दुबई के एक सुपर मार्केट में इसे launch किया गया। अगली बार जब आप केसर को खरीदने का मन बनायें, तो कश्मीर का ही केसर खरीदने की सोचें।

  • गीता, हमें, हमारे जीवन के हर सन्दर्भ में प्रेरणा देती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है, गीता इतनी अद्भुत ग्रन्थ क्यों है ? वो इसलिए क्योंकि ये स्वयं भगवान श्रीकृष्ण की ही वाणी है। लेकिन गीता की विशिष्टता ये भी है कि ये जानने की जिज्ञासा से शुरू होती है। प्रश्न से शुरू होती है।

  • जिज्ञासा की ऐसी ही उर्जा का एक उदाहरण मुझे पता चला, तमिलनाडु के बुजुर्ग श्री टी श्रीनिवासाचार्य स्वामी जी के बारे में।

  • दरअसल, श्रीनिवासाचार्य स्वामी जी संस्कृत और तमिल के विद्वान हैं। वो अब तक करीब 16 आध्यात्मिक ग्रन्थ भी लिख चुके हैं। लेकिन, Computer आने के बाद उन्हें जब लगा कि अब तो किताब लिखने और प्रिंट होने का तरीका बदल गया है, तो उन्होंने, 86 साल की उम्र में, computer सीखा।

  • कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो लगातार कुछ-न-कुछ नया करते रहते हैं, नए-नए संकल्पों को सिद्ध करते रहते हैं। आपने भी अपने जीवन में महसूस किया होगा, जब हम समाज के लिए कुछ करते हैं तो बहुत कुछ करने की उर्जा समाज हमें खुद ही देता है।

  • गुरुग्राम के प्रदीप सांगवान 2016 से Healing Himalayas नाम से अभियान चला रहे हैं। वो अपनी टीम और volunteers के साथ हिमालय के अलग-अलग इलाकों में जाते हैं, और जो प्लास्टिक कचरा टूरिस्ट वहाँ छोड़कर जाते हैं, वो साफ करते हैं।

यहां देखें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' का 72 वां संस्करण का लाइव वी‍डियो-

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