सर्वदलीय बैठक में बोले PM मोदी- किसानों को दिया गया प्रस्ताव अब भी कायम
सर्वदलीय बैठक में बोले PM मोदी- किसानों को दिया गया प्रस्ताव अब भी कायमPriyanka Sahu -RE

सर्वदलीय बैठक में बोले PM मोदी- किसानों को दिया गया प्रस्ताव अब भी कायम

सर्वदलीय बैठक में PM मोदी ने सभी पार्टी के नेताओं से कहा-किसान और सरकार के बीच बातचीत का रास्ता हमेशा खुला है। हम किसानों के सामने विकल्प रख रहे हैं। वो इस पर चर्चा करें...

दिल्‍ली, भारत। देश की संसद में कल 29 जनवरी से बजट सत्र शुरू हो गया है। तो वहीं, दूसरी ओर नए कृ‍षि कानूनों को लेकर मचा घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच आज 30 जनवरी को संसद में बजट सत्र को लेकर सर्वदलीय बैठक हुई। इस दौरान किसान आंदोलन को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बड़ा बयान आया है।

किसान-सरकार के बीच बातचीत का रास्ता हमेशा खुला :

दरअसल, सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार, सर्वदलीय बैठक में PM मोदी ने सभी पार्टी के नेताओं से कहा कि, ''उनकी सरकार प्रदर्शनकारी किसानों की ओर से उठाए गए मुद्दों का बातचीत के जरिए समाधान निकालने का निरंतर प्रयास कर रही है। किसान और सरकार के बीच बातचीत का रास्ता हमेशा खुला है। मैं नरेंद्र तोमर की बात दोहारना चाहूंगा। भले ही सरकार और किसान आम सहमति पर नहीं पहुंचे हैं, लेकिन हम किसानों के सामनेे विकल्प रख रहे हैं। वो इस पर चर्चा करें, किसानों और मेरे बीच बस एक कॉल की दूरी है।''

सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है और इस चर्चा में सभी विषयों पर चर्चा होगी और सभी पार्टियों को बोलने का मौका मिलेगा। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के द्वारा किसानों को दिया गया ऑफर अभी भी है किसानों से सरकार बातचीत के लिए हमेशा तैयार है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

बता दें कि, सरकार द्वारा यह सर्वदलीय बैठक बजट सत्र के दौरान संसद की कार्यवाही सुचारू रूप से चलाने और विधायी कार्यों के संदर्भ में चर्चा के मकसद से बुलाई। इस दौरान विभिन्न दलों के नेताओं ने इस बैठक में अलग-अलग मुद्दे उठाए। तो वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में आज किसान आंदोलन पर कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद, टीएमसी के सुदीप बंद्योपाध्याय, शिवसेना सांसद विनायक राउत और शिरोमणि अकाली दल के बलविंदर सिंह भुंडर ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। तो वहीं, जेडीयू सांसद आर.सी.पी. सिंह ने कृषि कानूनों का समर्थन किया।

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