प्रधानमंत्री मोदी बोले डेटा प्रोटेक्शन और साइबर क्राइम बड़ी चुनौती
प्रधानमंत्री मोदी बोले डेटा प्रोटेक्शन और साइबर क्राइम बड़ी चुनौती|Social Media
भारत

प्रधानमंत्री मोदी बोले डेटा प्रोटेक्शन और साइबर क्राइम बड़ी चुनौती

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय न्यायिक सम्मेलन की शुरुआत की। जानिए इस अवसर पर क्या बोले प्रधानमंत्री मोदी।

Rishabh Jat

राज एक्सप्रेस। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, देश महात्मा गांधी की 150वीं जयंती मना रहा है। जब उन्होंने अपने जीवन का पहला मुकदमा लड़ा तो उनसे कहा गया था कि, इसके लिए कमीशन देना पड़ेगा, उन्होंने कह दिया था कि, केस मिले न मिले कमीशन नहीं दूंगा। भारतीय समाज में रूल ऑफ लॉ सामाजिक संस्कार है। गांधीजी को संस्कार परिवार से मिले थे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, तकनीक अदालतों के कामकाज में तेजी ला रही है। आर्टिफीशियल इंटेलिजेंस से कोर्ट की कार्यप्रणाली आसान होगी। इसके अलावा डेटा प्रोटेक्शन और साइबर क्राइम जैसे विषय कोर्ट के सामने चुनौती बनकर उभर रहे हैं। इस कॉन्फ्रेंस में ऐसे कई विषयों पर मंथन होगा और नए समाधान निकलकर सामने आएंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, हर भारतीय की न्यायिक व्यवस्था पर आस्था है। पिछले दिनों कई बड़े फैसले लिए गए। इन्हें लेकर कई आशंकाएं जाहिर की जा रही थी। लेकिन 130 करोड़ देशवासियों ने सहर्ष स्वीकार किया। यही हमारी न्याय प्रणाली की ताकत है। पिछले दिनों हमारे संविधान के 70 साल पूरे हुए। इसकी स्प्रिट को सुप्रीम कोर्ट ने जीवंत रखा है। कई बार कार्यपालिका, न्यायपालिका और विधायिका से समस्याओं का उचित रास्ता ढूंढा गया है। देश में पुराने 1500 ऐसे कानूनों को खत्म किया गया, जिनकी प्रासंगिकता खत्म हो गई थी। समाज को मजबूती देने वाले तीन तलाक जैसे नए कानून भी उतनी ही तेजी से बनाए गए।

प्रधानमंत्री ने कहा कि, हमारा संविधान समानता के अधिकार के तहत लैंगिक समानता को मजबूती देता है। पहली बार ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के तहत शैक्षणिक संस्थानों में बेटियों की संख्या बेटों से ज्यादा हो गई है। सेनाओं में भी लड़कियों को समानता दी जा रही है। परिवर्तन के दौर में हम नई परिभाषाएं गढ़ रहे हैं। हमने इस अवधारणा को बदला है कि तेजी से विकास नहीं हो सकता है। 5 साल पहले भारत विश्व की 11वीं बड़ी अर्थव्यवस्था था, अब हम विश्व की 5वीं बड़ी अर्थव्यवस्था हैं। हमने दुनिया को बताया है कि कैसे पर्यावरण की चिंता करते हुए विकास हो।

ताज़ा ख़बर पढ़ने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। @rajexpresshindi के नाम से सर्च करें टेलीग्राम पर।

ताज़ा ख़बर पढ़ने के लिए आप हमारे टेलीग्राम चैनल को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। @rajexpresshindi के नाम से सर्च करें टेलीग्राम पर।

Raj Express
www.rajexpress.co