AICC मुख्यालय में राहुल, प्रियंका ने देखी 1971 की बांग्लादेश युद्ध की फोटो प्रदर्शनी
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AICC मुख्यालय में राहुल, प्रियंका ने देखी 1971 की बांग्लादेश युद्ध की फोटो प्रदर्शनी

AICC मुख्यालय में कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने 1971 की बांग्लादेश युद्ध की फोटो प्रदर्शनी देखी।

दिल्ली, भारत। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने आज बुधवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) मुख्यालय में भारत के शौर्य के प्रतीक बांग्लादेश युद्ध पर आधारित फ़ोटो प्रदर्शनी देखी।

1971 की बांग्लादेश युद्ध की फोटो प्रदर्शनी :

कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा दिल्ली के अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) मुख्यालय पहुंची और फिर यहांं 1971 की बांग्लादेश मुक्ति संग्राम के 50 साल के उपलक्ष्य में फोटो प्रदर्शनी को देखा। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद, मल्लिकार्जुन खड़गे भी मौज़ूद रहेे।

बताते चलें कि, 1971 का साल भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश के इतिहास में काफी अहमियत रखता है। यह वही साल था, जब दुनिया के नक्शे पर बांग्लादेश एक स्वतंत्र देश के रूप में उभरा। 1971 के उस इतिहास बदलने वाले युद्ध की शुरुआत 3 दिसंबर, 1971 को हुई थी। माना जाता है कि, मार्च 1971 के अंत में भारत सरकार ने मुक्तिवाहिनी की मदद करने का फैसला लिया। मुक्तिवाहिनी दरअसल पाकिस्तान से बांग्लादेश को आजाद कराने वाली पूर्वी पाकिस्तान की सेना थी। मुक्तिवाहिनी में पूर्वी पाकिस्तान के सैनिक और हजारों नागरिक शामिल थे।

  • 31 मार्च, 1971 को इंदिरा गांधी ने भारतीय सांसद में भाषण देते हुए पूर्वी बंगाल के लोगों की मदद की बात कही थी।

  • 29 जुलाई, 1971 को भारतीय सांसद में सार्वजनिक रूप से पूर्वी बंगाल के लड़कों की मदद करने की घोषणा की गई।

  • भारतीय सेना ने अपनी तरफ से तैयारी शुरू कर दी, इस तैयारी में मुक्तिवाहिनी के लड़ाकों को प्रशिक्षण देना भी शामिल था।

अक्टूबर-नवंबर, 1971 के महीने में भारत की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और उनके सलाहकारों ने यूरोप और अमेरिका का दौरा कर उन्होंने दुनिया के नेताओं के सामने भारत के नजरिये को रखा, लेकिन इंदिरा गांधी और अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन के बीच बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंची।

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