राजस्थान के राज्यपाल शर्तों के साथ विधानसभा सत्र बुलाने को हुए राजी
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राजस्थान के राज्यपाल शर्तों के साथ विधानसभा सत्र बुलाने को हुए राजी

राजस्थान के CM गहलोत विधानसभा सत्र बुलाने के लिए अड़े हुए थे, हाल ही में उन्‍होंने कहा कि, मैंने राज्यपाल के ‘व्यवहार’ पर PM मोदी से बात की, इसके कुछ देर बाद राज्यपाल विधानसभा सत्र बुलाने पर सहमत हुए।

राजस्थान, भारत। राजस्थान में जारी सियासी खींचतान के बीच ये खबर सामने आ रही है कि, राज्‍य के मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत राज्‍यपाल कलराज मिश्र से विधानसभा सत्र बुलाने के लिए अड़े हुए थे, अब जाकर राजस्थान के राज्यपाल विधानसभा सत्र बुलाने के लिए राजी हुए हैं।

राज्यपाल ने रखी 3 शर्तें :

सूत्रों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, राज्यपाल कलराज मिश्र ने आज सोमवार दोपहर को राज्य कैबिनेट की विधानसभा सत्र बुलाने की मांग को स्वीकार करते हुए विधानसभा सत्र बुलाने का आदेश दिया है। साथ ही विधानसभा सत्र बुलाने के लिए राज्यपाल ने शर्तें भी रखी हैं। राजभवन की तरफ जारी बयान में कहा गया है कि, राज्यपाल सत्र बुलाने पर सहमत हैं, मगर संवैधानिक तौर तरीकों के अनुसार विधानसभा का सत्र बुलाया जाना चाहिए।

  • विधानसभा का सत्र 21 दिन का क्लीयर नोटिस देकर बुलाया जाए, जिससे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 के अंतर्गत प्राप्त मौलिक अधिकारों के अनुसार सभी को अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिले।

  • कोरोना के समय सत्र के दौरान सोशल डिस्‍टेंसिंग का पालन करना जरूरी।

  • विश्वासमत हासिल की कोशिश में संसदीय सचिव की उपस्थिति में प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाए।

तो वहीं गौर करने वाली बात ये है कि, राज्‍यपाल की तरफ से यह फैसला तब आया, जब कुछ देर पहले ही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने संवाददाताओं से कहा कि, उन्होंने राज्यपाल के ‘व्यवहार’ को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात कर इस बारे में अवगत कराया है।

राज्यपाल ने सत्र बुलाने में देरी की बात की खारिज :

इसके अलावा कांग्रेस और मुख्यमंत्री की तरफ से 'ऊपर से दबाव' के आरोपों के बावजूद आज जारी नोटिफिकेशन में राज्यपाल कलराज मिश्र ने इस बात को खारिज कर दिया कि, विधानसभा सत्र बुलाने में वह देरी कर रहे थे। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री की तरफ से 31 जुलाई से विधानसभा सत्र शुरू करने के प्रस्ताव की मांग को खारिज करते हुए आज सुबह राज्य सरकार से सफाई मांगी थी। कोरोना वायरस की स्थिति का हवाला देते हुए राज्यपाल ने कहा था कि इतने कम समय में सदन के सभी विधायकों को बुलाना कठिन होगा।

इसके अलावा ये भी बता दें कि, CM अशोक गहलोत ने ये भी कहा था कि, मैंने प्रधानमंत्री से कल (रविवार) बात की और राज्यपाल के 'व्यवहार' के बारे में बताया। मैंने 7 दिन पहले के पत्र पर भी PM मोदी से बात कर कहा कि, राज्यपाल ने उन्हें छह पन्नों का 'प्रेम पत्र' भेजा था। साथ ही उन्‍होंने ये भी कहा कि, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से भी बात करके उन्हें राज्य की स्थिति की जानकारी देंगे।

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