Makar Sankranti 2023
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Makar Sankranti 2023: राजस्थान पर्यटन विभाग ने किया 3 शहरों में उत्सव का आयोजन, संगीत-नृत्य की प्रदर्शनी

जयपुर,राजस्थान: जयपुर में पतंग महोत्सव का आयोजन किया जाएगा, बीकानेर में ऊंट उत्सव का आयोजन किया जाएगा और नागौर में पशु मेला आयोजित किया जाएगा।

जयपुर,राजस्थान। मकर संक्रांति के अवसर पर राजस्थान पर्यटन विभाग की ओर से जयपुर,बीकानेर और नागौर जिले में मेला और उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। जयपुर में पतंग महोत्सव का आयोजन किया जाएगा, बीकानेर में ऊंट उत्सव का आयोजन किया जाएगा और में नागौर पशु मेला आयोजित किया जाएगा। इस दौरान कला-हस्तशिल्प और काली मिर्च का बाजार भी लगेगा। राजस्थान में 14 से 30 जनवरी तक मेले का आयोजन किया जाएगा। इनमें पर्यटकों को जयपुर, बीकानेर और नागौर की कला और संस्कृति, पारंपरिक पहनावे, खान-पान और हस्तशिल्प के साथ-साथ क्षेत्र के दृश्यों का नजदीक से नजारा देखने को मिलेगा।

14 जनवरी को जयपुर में पतंग महोत्सव

पर्यटन विभाग जलमहल में पतंग महोत्सव का आयोजन करेगा। इस दौरान जयपुर का आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से गुलजार रहेगा। पकौड़े, तिल की चटनी, तिल के लड्डू, रेबडी, गजक की महक भी मदहोश कर देती है। पतंग महोत्सव में पतंग प्रदर्शनी, पतंगबाजी और फैंसी पतंग प्रतियोगिता पर्यटकों को रोमांचित करेगी। मसूर दाल, तिल के लड्डू, फिनि-घेवर जैसे पारंपरिक व्यंजनों का पर्यटक लुत्फ उठाएंगे। पतंगबाजी के स्टंट देखते हुए लोक संगीत की प्रदर्शनी भी की जाएगी। शाम को पतंगों के साथ आतिशबाजी के प्रदर्शन में पूरा शहर रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठेगा।

बीकानेर में 13 से 15 जनवरी तक ऊंट महोत्सव

बीकानेर में आयोजित ऊंट महोत्सव की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान है। इस उत्सव में राजकीय पशु ऊँट की विभिन्न शैलियाँ और मुद्राएँ देखने को मिलती हैं। राजस्थान पर्यटन विभाग के महोत्सव में इस बार 'बीकानेर कार्निवाल' आकर्षण का केंद्र रहेगा। ऊंटों की दौड़, ऊंटों को संवारने और संवारने की प्रतियोगिता, ऊंट कलाबाजी के साथ ऊंट के दूध से बने उत्पाद पर्यटकों के लिए खास होंगे।यहां बीकानेर में ही सेना के लिए ऊंट तैयार किए जाते है।

नागौर में 27 से 30 जनवरी तक पशु मेला

हर साल जनवरी से फरवरी के बीच लगने वाला नागौर का यह पशु मेला इस साल 27 से 30 जनवरी तक चलेगा। गुड़ मेला के नाम से जाने जाने वाले इस मेले में करीब 10 हजार गाय, ऊंट और घोड़े बिकते हैं। जानवरों को खूबसूरती से सजाया जाता है और पशुपालक भी रंग-बिरंगे और पारंपरिक परिधानों में नजर आते हैं। यहां घोड़ों और मवेशियों के अलावा मसालों का भी व्यापार होता है। इस मेले में लगने वाला मिर्च बाजार भारत का सबसे बड़ा लाल मिर्च बाजार है। इस उत्सव के दौरान राजस्थानी लोक संगीत और नृत्य प्रदर्शन के बीच राजस्थानी फूड स्टॉल आगंतुकों को आकर्षित करेंगे।

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