हम FY-22 के साथ-साथ इस पूरे दशक में 'गतिशील विकास' की तैयारी कर रहे हैं: राजनाथ सिंह
हम FY-22 के साथ-साथ इस पूरे दशक में 'गतिशील विकास' की तैयारी कर रहे है: राजनाथ सिंहRajexpress

हम FY-22 के साथ-साथ इस पूरे दशक में 'गतिशील विकास' की तैयारी कर रहे हैं: राजनाथ सिंह

Indo-US इकोनॉमिक समिट कार्यक्रम को राजनाथ सिंह ने संबोधित किया और कहा- कोविड-19 के कारण लगातार दो साल इकोनॉमिक ग्रोथ को झटका लगा है। अब जाकर Fiscal Year 21/22 में हालात सुधरते दिखाई दे रहे हैं।

दिल्‍ली, भारत। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (IACC) द्वारा आयोजित 'इंडो-यूएस इकोनॉमिक समिट' में हिस्सा लिया और इस दौरान अपने संबोधन में कहा- इंडो-अमेरिकन चैम्बर ऑफ कामर्स द्वारा आयोजित यह 'भारत-अमेरिका आर्थिक शिखर सम्मेलन' ऐसे समय हो रही है जब एक Global Pandemic के साथ-साथ पूरी दुनिया कई इकोनॉमिक और Geo-Political challenges का भी सामना कर रही है। कोविड-19 के कारण दुनिया भर में Supply Disruptions, Industrial Activity में Downturn, ट्रेवल और टूरिज्म सेक्टर में लगभग Stand still situation के चलते लगातार दो साल इकोनॉमिक ग्रोथ को झटका लगा है। अब जाकर Fiscal Year 21/22 में हालात सुधरते दिखाई दे रहे हैं।

राजनाथ सिंह ने बताया- हमारी सरकार द्वारा ऐसे कदम उठाए गए, जिन्होंने आर्थिक गतिविधियों को फिर से पटरी पर लाने का काम किया हैI पिछले साल जहाँ growth में 24% contraction देखा गया था, वहीं इस साल के पहले quarter में 20% का उछाल भी देखा गया है। यह वी शेप रिकवरी भारत के sound economic fundamentals का संकेत हैI आप लोग जानते होंगे, कि 2020 में India जहाँ 5th largest FDI recipient बना, वहीं world bank द्वारा 2022 में 7.5% की Growth Expectation की गई है, जो दुनिया के highest ग्रोथ रेट में से एक है।

भारत में इस समय दुनिया की सबसे बड़ी वैक्सीनेशन ड्राइव चल रही है तो उसमें भी Indian Industry का Significant Role है। मुझे आपको यह बताते हुए खुशी हो रही है कि, 13 सितम्बर तक देश में 75 करोड़ वैक्सीन डोज लगाए जा चुके है। जल्द ही यह संख्या 100 करोड़ के पार हो जाएगी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

राजनाथ सिहं के संबोधन की बातें-

  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की नेतृत्व में हम FY-22 के साथ-साथ इस पूरे दशक में 'गतिशील विकास' की तैयारी कर रहे हैं।

  • मुझे यह कहते हुए खुशी होती है कि, इंडिया और अमेरिका के बीच स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप है, और पिछले 5-7 सालों में इन संबंधों में और भी प्रगति हुई है।

  • आज की यह ‘इंडो-यू.एस. इकोनोमिक समिट’ ऐसे समय हो रहा है, जब भारत अपनी आजादी का ‘अमृत महोत्सव’ मना रहा है। इस अमृत महोत्सव में हमने Self-Reliant India यानि ‘आत्मनिर्भर भारत’ के निर्माण का संकल्प लिया है।

  • यह अवसर भारत की कंपनियों के लिए तो बड़ा अवसर है ही साथ ही विदेशी उद्योग खासतौर पर US आधारित उद्योग के लिए भी यह एक 'Platinum opportunity' है।

  • पिछले 100 महीनों में इस देश में कई बड़े संरचनात्मक और प्रक्रियात्मक सुधार हुए हैं जिन्होंने भारत को इस दशक में ग्रोथ के मामले में एक 'Quantum Jump' लगाने के लिए तैयार किया है।

  • हमने इस देश में Capabilities भी पैदा की है और Confidence भी पैदा किया है। Opportunities भी दिख रही है और Optimism भी। यहां Reforms भी हो रहे है और Perform भी किया जा रहा है। प्रधानमंत्री जी इसे ‘नया भारत’ कहते है और उन्होंने यह ‘न्यू इंडिया’ का सपना एक ‘न्‍यू वर्ल्‍ड’ के लिए देखा है।

  • आज हालात बदल गए हैं हमने व्यापार करने में आसानी में भी एक बड़ी छलांग लगायी है। अब वैश्विक निवेशक को भारत में Red Tapism की जगह Red Carpet मिल रहा है।

  • जब हम एक नया, सशक्त और स्वाभिमानी भारत बनाने की बात करते हैं तो उसमें 'Economic Security' की भी एक अहम भूमिका है। इसके लिए हमने Economic Development से जुड़े जो भी सेक्टर है जैसे Land, Labour, Capital & Industry इन सब पर फोकस किया है।

  • हमारी सरकार ने Capital Front पर विशेष रूप से बैंकिंग सेक्टर से जुड़े कई बड़े Reforms किए हैं। उदाहरण के तौर पर, Insolvency & Bankruptcy Code से बहुत सारे pending issues को address करने की कोशिश की गई है और इससे लिक्विडिटी और Opportunity दोनों पैदा हुए हैं।

  • इन Reforms के साथ-साथ हमारी सरकार और प्रधानमंत्री जी ने देश में एक ऐसा नीति पारिस्थितिकी तंत्र बनाया है, जिससे Infrastructure, Health, Education, Sanitation, Drinking water और Energy के साथ-साथ रक्षा क्षेत्र में एक नई 'ऊर्जा और जोश' देखने को मिल रहा है।

  • हमारी सरकार ने FDI cap की limit बढ़ाकर अब automatic route से 74 फ़ीसदी कर दी हैI कुछ विशेष परिस्थितियों में, जैसे cutting-edge-technologies के मामले में, govt. Route के through यह limit 100 फ़ीसदी तक भी की गयी है।

  • पिछले साल ही, defence equipment और platform की acquisition के लिए रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया-2020 में ‘Buy and Make’ श्रेणी डाली गयी है।

  • इसी तरह रक्षा मंत्रालय द्वारा, रक्षा उत्पादन और निर्यात संवर्धन नीति का ड्राफ (DPEPP-2020) भी जारी किया गया है I यह रक्षा क्षेत्र में आत्म-निर्भरता के लिए, हमारी रक्षा उत्पादन क्षमता को बढ़ावा देने में एक मार्गदर्शक दस्तावेज का कार्य करेगा।

  • हम चाहते हैं कि, आप न केवल बिजनेस में, बल्कि एक रिलेशनशिप में इंवेस्‍ट करें, जिससे पूरा defence ecosystem तरक्की कर सकेI यह हमारे “Make in India’ और “Make for the world’ के vision के अनुरूप है। हम भारत में Aero engine complex भी स्थापित कर रहे हैंI आप रणनीतिक साझेदारी मॉडल और संयुक्त उपक्रम के द्वारा हमारे रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र का हिस्सा भी बन सकते हैंI उद्योगों की जो बुनियादी से लेकर अग्रिम आवश्यकताएं होती हैं, उन्हें हम अच्छी तरह पूरा कर रहे हैं।

आप सभी को यह भरोसा देना चाहता हूं कि भारत में Business Friendly Enviornment बनाने के लिए यह सरकार New Ideas के लिए पूरी तरह Open है। हम Defence Sector में हर तरह की Entrepreneurship और Manufacturing को आगे बढ़ाने के लिए भी पूरी तरह Committed है। जब भारत आजादी का ‘अमृत महोत्सव’ मना रहा है तो हमारे लिए यह मौका है नए लक्ष्य निर्धारित करने का नए संकल्प लेने का। मुझे पूरा भरोसा है कि, इस काम में India-US के बीच जो आर्थिक और सामरिक भागीदारी है वह एक 'स्प्रिंग बोर्ड' का काम करेगा।

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