सैनिक स्कूलों के वेबिनार में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का संबोधन
सैनिक स्कूलों के वेबिनार में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का संबोधनSocial Media

सैनिक स्कूलों के वेबिनार में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का संबोधन

सैनिक स्कूलों में सेमिनार के संबोधन में राजनाथ सिंह ने कहा- देश की बुनियादी तालीम की quality को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने पिछले 6-7 सालों में जो महत्वपूर्ण प्रयास किये हैं।

दिल्‍ली, भारत। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज शनिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए सैनिक स्कूलों के वेबिनार में हिस्‍सा लिया, इस दौरान उन्‍होंने सैनिक स्कूलों में सेमिनार के संबोधन के दौरान यह विचार साझा किए।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- हमारे राष्ट्र के समग्र विकास के लिए, देश की बुनियादी तालीम की quality को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने पिछले 6-7 सालों में जो महत्वपूर्ण प्रयास किये हैं, 100 नए सैनिक स्कूलों की घोषणा उनमें से एक है। लगभग 60 साल पहले अस्तित्व में आए सैनिक स्कूलों की भूमिका, बच्चों की शिक्षा समेत उनकी overall development में अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।

आप सभी United Nations के 17 SDGs से अवगत होंगे :

राजनाथ सिंह ने बताया- आप सभी United Nations के 17 SDGs से अवगत होंगेI इसमें 4th Goal यानि ‘Quality Education’ को अन्य goals को प्राप्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम माना गया हैI विश्व के अनेक शिक्षाविदों का मानना है, कि quality education समाज के चहुमुखी विकास के लिए एक ठोस नींव प्रदान करता है। इन goals को प्राप्त करने के लिए हमारी एक strong political commitment रही हैI इसके लिए सरकार द्वारा ‘सर्व शिक्षा अभियान’, ‘राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान’ आदि पहले से ही चलाए जा रहे हैंI ऐसे में 100 नए सैनिक स्कूल्स की घोषणा निश्चित ही icing on the cake है।

सैनिक स्कूल को इसके दो शब्दों, यानि ‘सैनिक’ और ‘स्कूल’ के आधार पर देखा जा सकता हैI इसमें सैनिक शब्द जहाँ एकता, अनुशासन और कर्तव्यपरायणता का प्रतीक है, वहीँं स्कूल शब्द शिक्षा के केंद्र का प्रतीक है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

राजनाथ सिंह द्वारा अपने संबोधन में कही गई बातें-

  • आप लोगों को यह जानकर अच्छा लगेगा, कि इन स्कूलों ने हमारी armed forces में अब तक 7000 से अधिक officers की भर्ती में अपना योगदान दिया है। इन स्कूलों से निकले बच्चों ने अनेक क्षेत्रों में अपना नाम शीर्ष पर ले जाने में कामयाबी हासिल की हैI आप सभी ‘नेफु रिओ’ (CM, Nagaland), ‘जनरल दीपक कपूर’(Retd.), ‘जनरल दलबीर सिंह सुहाग’ (Retd.), RBI के पूर्व गवर्नर डी. सुब्बाराव और राकेश रोशन जैसी हस्तियों के बारे में अवगत होंगे।

  • सैनिक स्कूल्स जहाँ बच्चों के विकास में इतनी भूमिका निभा रहे हैं, वहां लड़कियों को इनसे दूर रखना कहाँ तक सही होताI सरकार ने सैनिक स्कूलों में लड़कियों के प्रवेश का रास्ता साफ़ कर दिया है और 100 नए सैनिक स्कूल्स के आने के बाद देश की बेटियों की भागीदारी भी निश्चित रूप से बढ़ेगी।

  • एक तरफ़ armed forces में महिलाएं permanent commission ले रही हैं, तो वहीँ दूसरी ओर इस कदम से बड़ी संख्या में उनका मज़बूत आधार तैयार होगाI इन सब के चलते सैनिक स्कूल आज स्वयं में IIT, और IIM जैसा एक brand बन चुका हैI अपनी उपलब्धियों के माध्यम से इसने अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

  • सैनिक स्कूल की इन्हीं उपलब्धियों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने देश में 100 नए सैनिक स्कूलों की घोषणा की है। सरकार की घोषणा के बाद अनेक संस्थाएं इससे जुड़ने के लिए आगे आई हैं।

  • आज हमारा देश प्रत्येक क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की राह में तेजी से आगे बढ़ रहा हैI public और private sector के तालमेल से health, communication, industry, transport और defence जैसे sectors में नई ऊंचाईयां हासिल कर रहा है।

  • ऐसे में मेरा मानना है, कि शिक्षा, और बच्चों के holistic development में भी एक क्रांति की आवश्यकता है, जो रक्षा, शिक्षा, और निजी क्षेत्र की मज़बूत भागीदारी से ही संभव हैI यह सेमिनार, मैं समझता हूँ, इसी भागीदारी का एक foundation stone है।

  • आज, जब सैनिक स्कूलों के विस्तार की ओर हम अपना एक और कदम आगे बढ़ा रहे हैं, मैं आश्वस्त हूं कि यह कदम प्रधानमंत्री जी समेत अनेक महापुरुषों के सपनों को साकार करने की दिशा में बहुत अहम साबित होगा।

  • आजादी के बाद से लेकर अब तक हमने कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की है और अभी भी हमें बहुत कुछ करना बाकी हैI इनमें education को मैं ऐसा key sector मानता हूं, जो बाकी क्षेत्रों में हमारे विकास के लिए उत्तरदायी है।

  • मैं आप सभी से आह्वान करता हूं, कि अधिक से अधिक संख्या में आप सभी सरकार के इस initiative से जुड़ें, और अपने संस्थान को एक नए brand name के साथ जोड़ेंI इसकी सभी प्रक्रियाओं से आपको आगे अवगत कराया जाएगा।

  • हमारा यह प्रयास होना चाहिए, कि बाकी curriculumn के साथ देशभक्ति, और राष्ट्र के प्रति निष्ठा भी हमारी शिक्षा और चरित्र का अंग हो। मैं Department of Defence, और सैनिक स्कूल सोसायटी से भी यह कहना चाहूँगा, कि वे सभी स्कूल्स की performance, और audit के आधार पर ranking के लिए एक mechanism की व्यवस्था करेंI इससे इनके बीच एक healthy competition, और कुछ नया, अलग और बेहतर करने की प्रवृत्ति भी पनपेगी।

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