राजनाथ ने दार्जिलिंग के क्लाइम्ब थॉन की फ्लैग इन सेरेमनी में लिया हिस्‍सा
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राजनाथ ने दार्जिलिंग के क्लाइम्ब थॉन की फ्लैग इन सेरेमनी में लिया हिस्‍सा

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हिमालय पर्वतारोहण संस्थान, दार्जिलिंग के क्लाइम्बथॉन की 'फ्लैग इन सेरेमनी' में हिस्सा लिया।

दिल्ली, भारत। देश में महामारी कोरोना के काल में इन दिनों बड़े-बड़े नेता अधिकतर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही कार्यक्रम में शिरकत कर रहे है। इसी कड़ी में आज मंगलवार को हिमालय पर्वतारोहण संस्थान, दार्जिलिंग के क्लाइम्बथॉन की 'फ्लैग इन सेरेमनी' कार्यक्रम हुआ, जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हिस्सा लिया।

वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए समारोह में ध्वजारोहण किया :

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश के 75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सिक्किम में हिमालय की चार छोटी चोटियों पर चढ़ाई करने वाले पर्वतारोहियों के एक समूह की मंगलवार को सराहना करते हुए कहा कि, "इस प्रकार की उपलब्धियों से युवाओं के भीतर देशभक्ति का संचार होगा।" इस बारे में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने ट्विटर अकाउंट से ट्वीट साझा करते हुए जानकारी देते हुए कहा- आजादी का अमृत महोत्सव की भावना का जश्न मनाते हुए हिमालय पर्वतारोहण संस्थान, दार्जिलिंग ने सिक्किम में चार चोटियों पर सफलतापूर्वक 'क्लाइम्बथॉन' का आयोजन किया और भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। आज वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए समारोह में ध्वजारोहण किया।

इस अभियान को सबसे बड़े भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के रूप में दर्ज किया गया :

इस दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक अन्‍य ट्वीट में यह भी बताया कि, ''इस अभियान को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में पर्वत के ऊपर सबसे बड़े भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के रूप में दर्ज किया गया है। मैं ग्रुप कैप्टन जय किशन और उनकी टीम के साहस और बहादुरी के प्रयासों की दिल से सराहना करता हूं। उनके भविष्य के प्रयासों में सफलता की कामना करते हैं।''

तो वहीं, रक्षा मंत्रालय ने भी जानकारी दी। मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया, “राजनाथ सिंह ने ‘आजादी के अमृत महोत्सव’ के उपलक्ष्य में नई दिल्ली में हिमालयन पर्वतारोहण संस्थान, दार्जिलिंग द्वारा आयोजित पर्वतारोहण अभियान को हरी झंडी दिखाई। इस अभियान के तहत ग्रुप कैप्टन जय किशन के नेतृत्व में माउंट रहेनोक, माउंट फ्रे, माउंट बी सी रॉय और माउंट पालुंग पर 125 पर्वतारोहियों ने चढ़ाई की। समुद्र तल से 16,500 फुट की ऊंचाई पर स्थित माउंट रहेनोक के ऊपर 7,500 वर्ग फुट क्षेत्रफल वाला 75 किलोग्राम का राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया।”

बयान के अनुसार, राष्ट्रीय ध्वज जिस बिंदु पर फहराया गया उसका नाम सिक्किम के पहले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी त्रिलोचन पोखरेल के नाम पर रखा गया जिन्हें गांधी पोखरेल के नाम से जाना जाता था। इस उपलब्धि को ‘एशियन बुक ऑफ रिकार्ड्स’ और ‘इंडिया बुक ऑफ रिकार्ड्स’ में किसी पर्वत चोटी के ऊपर फहराए गए सबसे बड़े राष्ट्रीय ध्वज के रूप में दर्ज किया गया है।

बता दें कि, दार्जिलिंग भारत के राज्य पश्चिम बंगाल का एक नगर है। यह नगर दार्जिलिंग जिले का मुख्यालय है।

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