गुरु गोविंद सिंह जयंती पर पढ़ें उनके प्रेरणादायक विचार
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गुरु गोविंद सिंह जयंती पर पढ़ें उनके प्रेरणादायक विचार

सिख धर्म के 10वें और अंतिम गुरु गोविंद सिंह जी की आज जयंती है। गुरु गोविंद सिंह एक आध्यात्मिक गुरु होने के साथ-साथ एक निर्भयी योद्धा, कवि और दार्शनिक भी थे।

Rishabh Jat

राज एक्सप्रेस। शौर्य और साहस के प्रतीक गुरु गोविंद सिंह जी का जन्म पौष माह की शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को बिहार के पटना में हुआ। इस बार यह तिथि 2 जनवरी को है। गुरु गोविंद सिंह एक आध्यात्मिक गुरु होने के साथ-साथ एक निर्भयी योद्धा, कवि और दार्शनिक भी थे। गुरु गोविंद सिंह जी ने खालसा पंथ की स्थापना की थी। गुरु गोविंद सिंह के जन्म दिवस को प्रकाश पर्व के रूप में मनाया जाता है। इन्होंने ही गुरु ग्रंथ साहिब को पूर्ण किया।

गुरुद्वारों में इस दिन कीर्तन होता है और खालसा पंथ की झांकियां निकाली जाती हैं। इस मौके पर राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री ने देशवासियों को शुभकामनाएं दी हैं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह का जीवन और शिक्षा लगातार सभी को प्रेरित कर रहा है। राष्ट्रपति ने ट्वीट कर लिखा, 'गुरु गोविंद सिंह जी को उनकी जयंती पर मेरी श्रृद्धांजलि। उनका जीवन लोगों की सेवा और सत्य, न्याय एवं करुणा के जीवन-मूल्यों के प्रति समर्पित रहा। गुरु गोविन्द सिंह जी का जीवन और शिक्षाएं हमें आज भी प्रेरित करती हैं।'

उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने देशवासियों को गुरु गोविंद सिंह जी की जयंति पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने लिखा, 'आज गुरु गोविंद सिंह जी की जन्म जयंती के पावन अवसर पर पूज्य गुरु की स्मृति को सादर नमन करता हूं तथा देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं। गुरु गोविंद सिंह जी का जीवन संदेश तथा उनके कृतित्व हमारे राष्ट्रीय, सामाजिक और निजी जीवन में आज भी अनुकरणीय हैं। उनकी शिक्षा हमारे राष्ट्रीय जीवन का मार्ग दर्शन करे और हमें प्रेरणा दे कि हम मानवता के काम आ सकें।'

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरु गोविंद सिंह जी की जयंती के अवसर पर वीडियो शेयर करते हुए देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, 'हम आदरणीय श्री गुरु गोविंद सिंह जी को उनके प्रकाश पर्व पर नमन करते हैं।' बता दें कि सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह का जन्म पटना में आज के दिन हुआ था। उनकी जयंती पूरे देश और विश्व में बहुत हर्ष और उल्लास के साथ मनाई जाती है।

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमल नाथ ने ट्वीट करते हुए कहा की गुरु गोविंद सिंह जी ने धर्म व समाज की रक्षा की ख़ातिर अपने पूरे परिवार का बलिदान दिया। उन्होंने सदैव एकता, भाईचारे व मानवता का संदेश दिया।

गुरु गोविंद सिंह ने जीवन जीने के पांच सिद्धांत दिए जिन्हें सिख धर्म में पंच ककार कहा जाता है। सिखों में इन पांच चीजों को अनिवार्य माना जाता है। ये पांच चीजें- केश, कड़ा, कृपाण, कंघा और कच्छा है। गुरु गोविंद सिंह का पूरा जीवन त्यागपूर्व रहा। उन्होंने स्वयं कई ग्रंथों की रचना की थी। कहा जाता है कि उनके दरबार में हमेशा कवियों और लेखकों की उपस्थिति रहती थी। उन्हें 'संत सिपाही' कहा जाता था।

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