Republic Day 2020
Republic Day 2020|Priyanka Sahu -RE
भारत

Republic Day 2020: जानिए 26 जनवरी का वृहद् इतिहास

वर्ष 2020 के 'गणतंत्र दिवस' पर आज इस आर्टिकल में 26 जनवरी को 'गणतंत्र दिवस' क्‍यों मनाया जाता है? इस पर्व के बारे में आप कुछ खास-रोचक तथ्‍य व वृहद् इतिहास जान सकते हैं...

Priyanka Sahu

Priyanka Sahu

हाइलाइट्स :

  • इस वर्ष देश 71वां गणतंत्र दिवस मना रहा है

  • पूरे देश में सन् 1950 को लागू हुआ था भारत का संविधान

  • भारतीय संविधान को अस्तित्व में आने में लगे 2 साल 11 महीने और 18 दिन

  • यहां पढ़ें भारतीय संविधान से जुड़ी रोचक जानकारियां

राज एक्‍सप्रेस। जैसा कि, आप सभी जानते है कि, 'गणतंत्र दिवस' भारत का एक राष्ट्रीय पर्व है, जो प्रत्येक वर्ष 26 जनवरी को पूरे उत्साह, जोश और सम्मान के साथ मनाया जाता है। गणतंत्र दिवस के मौके पर पूरा भारत देशभक्ति के रंग में रंग जाता है। वैसे अभी भी कुछ व्‍यक्ति ऐसे हैं, जिन्‍हें 'गणतंत्र दिवस' के पर्व का महत्व क्‍या होता है और क्‍यों मनाया जाता है? इस विषय में जानकारी नहीं होगी, तो आप वर्ष 2020 के 'गणतंत्र दिवस' पर आज हमारे इस आर्टिकल में पढ़ कर इस पर्व के बारे में कुछ खास और रोचक तथ्‍य जान सकते हैं। तो आइये जानते हैैं इस वर्ष 2020 मेंं भारत के 71वें गणतंत्र दिवस (Republic Day 2020) के वृहद् इतिहास के बारे में...

26 जनवरी को ही 'गणतंत्र दिवस' क्‍यों मनाया जाता है?

दरअसल, भारत का संविधान दुनिया के सबसे बड़े और पुराने लिखित संविधानों में शुमार है, गौर करने वाली बात तो यह है कि, भारतीय संविधान को अपने अस्तित्व में आने में पूरे 2 साल 11 महीने और 18 दिन लगे थे, इसके बाद यह संविधान 26 जनवरी, 1950 को पूरे देश के लिए एक लोकतांत्रिक सरकार प्रणाली के साथ लागू किया गया था। इसी उपलक्ष्य में हर साल 'गणतंत्र दिवस' मनाया जाता है। हालांकि, एक स्वतंत्र गणराज्य बनने और देश में कानून का राज स्थापित करने के लिए संविधान को 26 नवंबर, 1949 को भारतीय संविधान सभा द्वारा अपनाया गया था।

अब बात यह आती है कि, इसी तारीख यानी 26 जनवरी के दिन ही 'गणतंत्र दिवस' क्‍यों मनाते है इसका कारण यह है कि, सन् 1929 को अंग्रेजों की गुलामी के विरुद्ध कांग्रेस ने ‘पूर्ण स्वराज’ का प्रस्ताव पास किया था।

भारतीय संविधान से जुड़ी रोचक जानकारी :

  • संविधान की मूल प्रति प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने 2 भाषाओं 'हिंदी और इंग्लिश' में लिखी थी, जो कॉपी हस्तलिखित और कैलीग्राफ्ड थी।

  • प्रेम बिहारी द्वारा बनाए गए इस संविधान में भीम राव अमेंडकर अध्‍यक्ष बने थे

  • 06 महीने की अवधि में लिखे गए संविधान में टाइपिंग या प्रिंट का इस्तेमाल नहीं किया गया था, बल्कि हाथ से लिखा गया था।

  • संविधान लागू होने के समय 395 अनुच्छेद, 8 अनुसूचियां और 22 भाग थे, लेकिन वर्तमान में 12 अनुसूचियां हो गई हैं।

  • वहीं, इस संविधान को बनाने वाली समिति में कुल 284 सदस्य थे, जिनमें 15 महिला सदस्य थीं, जिन्होंने 24 नवंबर, 1949 को संविधान पर हस्ताक्षर किए थे।

  • भारतीय संविधान की पांडुलिपि 1000 से भी अधिक साल तक बचे रहने वाले सूक्ष्मजीवी रोधक चर्मपत्र पर लिखकर तैयार की गई है, जिसके 234 पेज हैं और इसका वजन 13 किलो है।

राष्‍ट्र ध्‍वज-राष्‍ट्रगान और राष्‍ट्रगीत कब अपनाया गया :

जानकारी के लिए यह भी बताते चलें कि, भारत में राष्‍ट्र ध्‍वज, 22 जुलाई, 1947 को अपनाया गया था, वहीं राष्‍ट्र गान और राष्‍ट्रगीत 'गणतंत्र दिवस' के दो दिन पहले यानी 24 जनवरी, 1950 को अपनाया गया था।

इस वर्ष 2020 में भारत के 71वें गणतंत्र दिवस पर क्‍या-क्‍या खास कार्यक्रमों का आयोजन होगा एवं मुख्य अतिथि कौन होंगे, यह जानने के लिए आप नीचे दी गई लिंक पर क्लिक कर जान सकते हैं...

हम उस देश के नागरिक हैं, जहां छत्रपति शिवाजी महाराज और अशोक सम्राट जैसा राजा था, जहां हर 50 मील पर रंग-रूप, पहनावा और मजहब बदल जाते हैं...जहां डाल-डाल पर सोने की चिड़िया पायी जाती थी... राज एक्‍सप्रेस की ओर से आप सभी को 'गणतंत्र दिवस' की हार्दिक-हार्दिक शुभकामनाएं! वन्देमातरम! जय हिन्द!

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