उत्तराखंड में कुदरती आफत के बाद लोगों को बचाने का बड़ा मिशन जारी
उत्तराखंड में कुदरती आफत के बाद लोगों को बचाने का बड़ा मिशन जारीSocial Media

उत्तराखंड में कुदरती आफत के बाद लोगों को बचाने का बड़ा मिशन जारी

उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर टूटने से बड़ा हादसा, जिसमें कई लोगों की जान चली गई और कई लापता हैं। हालांकि, उत्तराखंड त्रासदी के बाद बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है...

उत्तराखंड, भारत। उत्तराखंड में बीते दिन अचानक कुदरती आफत की भयानक तबाही का खौफनाक मंजर देेख लोग हैरान हो गए थे। यहां के चमोली जिले में ग्‍लेशियर टूटने के बाद आया, हाइड्रो पॉवर प्रोजेकेट बांध टूट गया, बाढ़ आ गई और लोग इसमें बह गए। उत्तराखंड त्रासदी के बाद बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

सामने आई जानकारी के अनुसार, ग्लेशियर टूटने से रैणी पावर प्रोजेक्ट पूरा बह गया और तपोवन भी क्षतिग्रस्त हुआ। तो वहीं, सुरंगों के पास से मलबा हटाया जा रहा है, इसमें काफी लोग फंसे हुए हैं। लोगों को ​बाहर निकालने के लिए सेना, वायुसेना, एनडीआरएफ, आईटीबीपी और एसडीआरएफ की टीमें स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर राहत और बचाव का कार्य कर रहे हैं। तो वहीं, इस बड़े हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के लिए राज्य और केंद्र सरकार ने मुआवजे की घोषणा की है। राज्य सरकार 4 और केंद्र सरकार 2 लाख रुपये की सहयोग राशि देगी।

अब तक 18 शव बरामद :

उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार के मुताबिक, ''अब तक हमने 18 शव बरामद किए हैं और लापता लोगों की संख्या 202 है। हमने टनल में 80 मीटर तक मलबा हटा दिया है, आगे हमारी मशीनें लगी हुई हैं और हमें शाम तक कुछ सफलता मिलने की उम्मीद है।''

NTPC डैम में काम कर रहे लोग लापता :

तो वहीं, ADG मनोज रावत ने कहा- ग्लेशियर टूटने से हुए नुकसान को हम अब कम करने का प्रयास कर रहे हैं। बहुत सारे लोग इसमें लापता हुए हैं। NTPC डैम में काम कर रहे लोग लापता हुए हैं और डैम को भारी नुकसान हुआ है।

हालांकि, इससे पहले उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बताया- तपोवन प्रोजेक्ट का काम चल रहा था, इसमें बड़ी संख्या में श्रमिक काम कर रहे थे। अब तक 11 शव बरामद हुए हैं और 203 लोग लापता हैं। मैंने अपने मुख्य सचिव को बोला है कि यहां मौजूद ISRO के वैज्ञानिकों की मदद से ग्लेशियर टूटने के कारणों को ढूंढा जाए ताकि भविष्य में हम एहतियात बरत सकें।

तबाही का जायजा लेने जाएंगी वैज्ञानिकों की टीमें :

इसके अलावा ये खबर भी सामने आ रही है कि, उत्तराखंड में तबाही का जायजा लेने के लिए आज वैज्ञानिकों की दो टीमें जोशीमठ और तपोवन का दौरा करेंगी और ये टीम ग्लेशियर टूटने की वजहों का पता लगाएगी। इस दौरान वैज्ञानिकों की इस टीम में ग्लेशियर की जानकारी रखने वाले ग्लेशियोलॉजिस्ट शामिल होंगे।

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