केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में 6 महीने बाद श्रद्धालुओं की एंट्री

केरल का सबरीमाला मंदिर में लॉकडाउन के बाद आज पहली बार मंदिर में श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति दी गई है, इस दौरान हर दिन केवल 250 लोग ही दर्शन कर सकेंगे, साथ ही इन नियमों को फाॅलाे करना होगा।
केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में 6 महीने बाद श्रद्धालुओं की एंट्री
केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में 6 महीने बाद श्रद्धालुओं की एंट्रीSocial Media

केरल: वर्तमान में देश कोरोना वायरस महामारी की चुनौती का सामना कर रहा है, इस महामारी पर काबू पाने के लिए सरकार द्वारा 25 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की गई थी, जिसके तहत सभी धार्मिक स्थल भी बंद थे। हालांकि, अब देश को अनलॉक कर दिया गया और अनलॉक की गाइडलाइन के तहत धीरे-धीरे गतिविधियों में छूट दी जा रही है। इसी क्रम में आज 17 अक्‍टूबर को केरल में प्रसिद्ध भगवान अय्यप्पा मंदिर (सबरीमाला मंदिर) को दोबारा से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया।

6 महीने बाद श्रद्धालुओं की मंदिर में एंट्री :

कोरोना महामारी के कारण छह महीने से अधिक समय तक बंद रहने के बाद आज शनिवार सुबह भगवान अय्यप्पा का मंदिर भक्तों के लिए खोल दिया गया। इस मंदिर में 6 महीने बाद श्रद्धालुओं की एंट्री हुई। हालांकि, इस दौरान मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को कोरोना गाइडलाइन का पालन करना होगा, जिसमें से मास्क, थर्मल स्कैनिंग और सोशल डिस्टेंसिंग जैसे कुछ नियम हैं। इस बार मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ नहीं रहेगी, सिर्फ रजिस्टर लोगों को ही दर्शन की अनुमति होगी।

सिर्फ 250 लोगों को मंदिर में दर्शन की अनुमति :

मंदिर प्रशासन द्वारा अपनी गाइडलाइन में साफ कहा है कि, रोजाना केवल 250 लोगों को मंदिर में दर्शन की अनुमति दी जाएगी। दर्शन की अनुमति 10 से 60 वर्ष की आयु के उन लोगों को ही मिलेगी, जिनके पास इस बात के चिकित्सा प्रमाणपत्र होंगे कि वे पवित्र पहाड़ी पर स्थित मंदिर तक जाने के लिहाज से स्वस्थ हैं। कोरोना वायरस के कारण श्रद्धालुओं को सन्निधानम, निलक्कल या पांबा में ठहरने की अनुमति नहीं है।

बता दें, भगवान अय्यप्पा मंदिर (सबरीमाला मंदिर) को मासिक पूजा के लिए शुक्रवार शाम को खोला गया था, लेकिन श्रद्धालुओं को शनिवार को मलयाली महीने ‘तुलम’ के पहले दिन से मंदिर में दर्शन की अनुमति दी गई। कुछ श्रद्धालुओं ने दर्शन भी किए, जो मास्क पहने थे और कोविड-19 नहीं होने संबंधी जांच रिपोर्ट साथ में लिए हुए थे। जानकारी के मुताबिक यह मंदिर रोजाना सुबह पांच बजे खोला जाता है, त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) मंदिर का प्रबंधन करता है।

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